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नास्त्रेदमस और वेगा के साथ यह भारतीय है दुनिया का सबसे बड़ा ज्योतिषी

 2016-12-03 14:40:54.0

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उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. फ़्रांस के एक प्रतिष्ठित टीवी चैनल ने जब दुनिया के अब तक के तीन सबसे बड़े ज्योतिषियों को चुना तब नास्त्रेदमस और लेडी वेगा के अलावा तीसरा नाम लखनऊ के डा. इंदु प्रकाश का है. डा. इंदु प्रकाश भारत के प्रतिष्ठित ज्योतिषी है और वैश्विक स्तर पर बड़ी राजनितिक और सामाजिक घटनाओं की सटीक भविष्यवाणी के लिए उन्हें जाना जाता है.

डा. इंदु प्रकाश की सर्वाधिक चर्चित भविष्यवाणियों में दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला की ताजपोशी, सोवियत संघ का विघटन और वर्ष 2002 में मुलायम सिंह यादव के हेलीकाप्टर की दुर्घटना, कल्याण सिंह का सत्ता च्युत होना शामिल है.


फ़्रांसीसी सरकार के चैनल, फ्रांस-2 के एक टीवी शो में छ: मिनट भारतीय ज्योतिषी इन्दु प्रकाश की चर्चा की गयी है और उन्हें सबसे चमकदार सितारा बताया गया है. इस फिल्म में 12-5-2017 को होने वाले फ्रांन्स के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति फ्रॉन्स्वॉं ह्वॉलॉंद के पुन: जीतने की भविष्यवाणी भी आचार्य जी द्वारा की गई है .

तहलका न्यूज से एक विशेष बातचीत में डा. इंदु प्रकाश ने बताया कि ज्योतिष से उनका जुडाव बचपन से ही हो गया था और महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने प्रतापगढ़ के एक डाक्टर के बेटे की कुंडली बना दी थी. तब उनके द्वारा उस बाकल के बारे में की गयी सभी भविष्यवानिया सही निकली.

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प्रस्तुत है डा. इंदु प्रकाश से तहलका न्यूज की बातचीत के कुछ प्रमुख अंश


प्रश्न : भारत में इस समय आर्थिक उथल पुथल है ? आपकी भविष्यवाणी क्या कहती है ?
उत्तर : 10 जनवरी के बाद इस स्थिति में फर्क आएगा., लेकिन आर्थिक हालात सुधरने में लगभग 18 महीनो का समय लग जाएगा. अमीर्री गरीबी की खायी 6 गुणा बढ़ेगी. स्थिति अच्छी नहीं है.

प्रश्न: तो क्या नरेंद्र मोदी पर इसका फर्क पड़ेगा ?
उत्तर: मैं इतना ही कहूँगा कि नरेन्द्र मोदी 2019 में प्रधान मंत्री पद की दौड़ में रहेंगे.

प्रश्न : फ़्रांस के टीवी चैनल ने आपको दुनिया के तीन बड़े ज्योतिषियों में शुमार किया है .आप किसे बड़ा ज्योतिष मानते हैं ?
उत्तर: मैं तो ज्योतिष के उन 18 प्रवर्तकों को सबसे बड़ा मानता हूँ जिन्होंने हमें इस शास्त्र से परिचित कराया .

प्रश्न: ज्योतिष विज्ञानं है या दर्शन ?
उत्तर : ज्योतिष सत्य का निकटतम अनुमान है. न ही उससे ज्यादा और न ही उससे कम. यह कैलकुलेशन है , ज्योतिष को दो तरह से देखा जाता है , फलित और सैद्धांतिक. दुर्भाग्य से ज्योतिष पर अब तक पर्याप्त शोध नहीं हुआ है. इस क्षेत्र में शोध की बहुत जरुरत है.


प्रश्न : तो फिर ज्योतिष का विकास कैसे होगा ?
उत्तर: आम तौर पर हम predictive होते हैं. गणनाए नहीं कर पाते. एक हद से ज्यादा कोई निश्चित विश्लेषण नहीं दे पाते. कोई भी चीज क्यों हो रही है ये जानना जरुरी है मगर यहाँ हमारी सीमा है. इस क्षेत्र में और ज्यादा काम करने की जरुरत है.

प्रश्न : तो इस विषय में आपका लक्ष्य क्या है ?
उत्तर : मैं अब पेनियल ग्लायिंड पर काम करना चाहता हूँ. यही वह चीज है जिसे हम तीसरा नेत्र कहते हैं. दर असल यही वह बिंदु है जिसे नियंत्रित करने के बाद ही मष्तिष्क के दोनों indu-4हिस्से एक दुसरे के संपर्क में आते हैं और यही से परम ज्ञान का बोध होता है. बुद्ध और महावीर के मष्तिष्क का समायोजन हुआ तो उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुयी. प्राचीन ग्रीक में भी फेरोह और मोजेज को इसी दृष्टि से देखा जाता है.

प्रश्न : क्या 6ठी इंद्री से भी इसका सम्बन्ध है ?
उत्तर : बिलकुल है. हमारे ऋषि अपने जीभ को ऊँचा कर के जिस बिंदु पर ले जाते थे वह ज्ञान का ही एक बिंदु थी. यह बात ग्रीक को भी पता थी और अंग्रेजो को भी . इसलिए उन्होंने हमारे टूथपेस्ट में फ्लोरईड का जरुरी होना प्रचारित किया जो कि दरअसल हमारे ज्ञान के विकास के लिए बाधक है. क्योकि फ्लोरईड की मात्र का शरीर में होना इस बिंदु के लिए हानिकारक है.

प्रश्न : ज्योतिष के विकास के लिए आपकी भविष्य में क्या योजना है?
उत्तर: मैं फिलहाल अपने ज्ञान को बढ़ाते हुए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारिय निभा रहा हूँ. इससे निवृत्त हो कर मैं भिक्षाटन करूँगा और ज्योतिष के लिए एक शोध केंद्र बनाने की अपनी योजना को फलीभूत करूँगा.

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