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भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला भी इसके आगे छोटा

 Tahlka News |  2016-04-07 09:27:37.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 7 अप्रैल. देश में इन दिनों उन कर्जदारों की खूब चर्चा हो रही है, जो बैंकों से मोटा कर्ज लेकर या तो देश से भाग गए हैं या फिर खुद को कर्ज लौटाने में अक्षम बता रहे हैं। इनमें कोई मुकेश अंबानी के जीजा,  गुजराती बिजनेसमैन गौतम अडानी के भाई विनोद के समधी, बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम के साले, महानायक अमिताभ के छोटे भाई अजिताभ बच्चन या कोई  मोदी सरकार में मंत्री जैसे दिग्गज शामिल हैं। ये सभी VVIP's बैंकों का पैसा वापस नहीं कर रहे, जो इन्होंने बतौर लोन कई सालों पहले लिया था।


इतना ही नहीं, मोदी सरकार के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कंपनी नेफेड भी जानबूझकर बैंकों का पैसा नहीं चुका रही है। कंपनी को पीएनबी और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर-जयपुर ने विलफुल डिफॉल्टर की लिस्ट में शामिल किया है। इस पर पीएनबी का 225 करोड़ बकाया है।

बैंकों के पैसे नहीं चुकाने वाले VVIP's की फेहरिस्त काफी लंबी है। देश में 18,176 लोग/कंपनियां विलफुल डिफॉल्टर हैं। इन सबका भारतीय बैंकों पर दो लाख 35 हजार करोड़ रुपए बकाया है। ये राशि भारतीय इतिहास में अब तक के सबसे बड़े घोटाले कोल ब्लाॅक स्कैम (करीब 1.86 लाख करोड़ का) और 2 जी स्कैम (करीब 1.76 लाख करोड़ का) से भी ज्यादा है। ये सभी 25 लाख और एक करोड़ रुपए से अधिक वाले बकायादार हैं। ये आंकड़े क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) के हैं।


हालांकि सवाल ये है कि सरकार, बैंक, कोर्ट और जांच एजेंसियां देश के बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए लेकर फरार चल रहे विजय माल्या पर फोकस कर रही है और देश के बाकी ये 10 ‘माल्या’ जो कर्ज दबाकर बैठे हैं, सरकार इन पर कब कार्रवाई करेगी?


दिलचस्प है कि आरबीआई ने बंद लिफाफे में 500 करोड़+ के डिफॉल्टरों की लिस्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है।

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