अफसर हैं जनाब ,"बाबू" नहीं !

 2016-04-14 14:48:08.0

#प्रशासनिक अधिकारियों के लिए "बाबू" शब्द के इस्तेमाल पर IAS अफसर अमृत अभिजात का प्रतिरोध

तहलका न्यूज़ ब्यूरो 

amrit abhijatनयी दिल्ली . भारतीय प्रशासनिक सेवा के तेज तर्रार और प्रतिभाशाली अधिकारी माने जाने वाले अमृत अभिजात  ने स्वाभिमान को ले कर एक नयी मुहीम छेड़ दी है. अमृत अभिजात ने अपने फेसबुक वाल पर मीडिया में नौकरशाहों के लिए “बाबू” शब्द के बढ़ाते इस्तेमाल पर एतराज जताते हुए समाचारपत्र टाइम्स ऑफ़ इंडिया और पत्रिका “इण्डिया टुडे” के बहिष्कार की घोषणा की है.


अमृत अभिजात ने लिखा है “Friends on FB, I thought I'd share a decision tonight. I have unsubscribed The Times of India and the India Today from today. This unfortunate decision to end this long association was taken to mark my protest against their consistent use of derogatory expressions and description of Civil servants as 'babus'. This is unacceptable and demeaning as it used derisively and intended to humiliate. I wonder if each institution started calling others with names like this. ( I refuse to engage and stoop). I am told many civil servants have also stopped reading Times of India/India Today and others will follow soon. We are very hurt and we have had enough. We will not allow you to snatch our self respect, our sacrifice and service to the nation and our brotherhood. This post marks the end to the uneasy and bitter relationship with the TOI/ India today.”

खुद द्वारा की गयी पहल के बाद अमृत अब दूसरे आईएएस अधिकारीयों को भी निवेदन कर रहे हैं कि वे अपना प्रतिरोध दर्ज करें.

अंग्रेजी अखबार “टाईम्स आफ इण्डिया” और पत्रिका “इण्डिया टुडे” अपने लेखों और समाचारों में आईएएस अधिकारीयों के लिए “ बाबू” शब्द का इस्तेमाल करती रही है.

अमृत अभिजात द्वारा यह मुद्दा उठाये जाने के बाद कई अधिकारी इसके समर्थन में आ गए. आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने अमृत अभिजात की पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि “यह ठीक उस तरह है जैसा कि पुलिस वालों के लिए “ठुल्ला” शब्द का इतेमाल. वास्तब में यह ज्यादा अपमानजनक है”

bhoosreddyइसके बाद IAS असोसिएशन के सचिव संजय भूसरेड्डी  ने भी इसके समर्थन में टाईम्स आफ इण्डिया के बहिष्कार का समर्थन करते हुए अपने फेसबुक वाल पर लिख कर इस समाचार पत्र को आगे से न पढने की घोषणा कर दी. संजय भूस रेड्डी ने लिखा “  I have unsubscribed TOI from tomorrow. Today was my last day with TOI after a long association of around 40 years. Unable to take any more insult and cannot allow anybody including any media house to be disrespectful towards me or my profession or Service. Sorry friends, NO MORE.I can also call names to other professions / vocations but I cannot stoop to such low levels as I belong to the Premier Civil Services. Demeaning other professions or Services or Institutions will do no good to any one nor it will help in nation building and if any body thinks so then I can only pray to God to give such person some sanity.”

अमृत अभिजात के इस इस पोस्ट के समर्थन में कई वरिष्ठ पत्रकार भी आ गए हैं. उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने इसे एक महत्वपूर्ण प्रश्न बताते हुए लिखा है कि मीडिया को अपने लेखों में इतेमाल किए जाने वाले शब्दों को गरिमापूर्ण बनाये रखना चाहिए. उन्होंने कुछ अन्य समाचार समूहों द्वारा भी इस शब्द के इस्तेमाल को चिन्हित किया है.

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