Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

IAS अफसर की ईमानदारी बनी बीवी से तलाक की वजह

 Tahlka News |  2016-04-20 05:37:17.0

raju-narayan-swamy_146056

तहलका न्यूज ब्यूरो

रायपुर, 20 अप्रैल. केरल के चीफ सेक्रेटरी डॉ. राजू नारायण स्वामी पूरे देश में ईमानदार ब्यूरोक्रेट के तौर पर पहचाने जाते हैं। अवैध कंस्ट्रक्शन रोकने उन्होंनें ससुर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की और पुलिस का सहारा लिया, जिसकी वजह से बाद में उनका तलाक हो गया। लेकिन वे रुके नहीं। रविवि पब्लिक आउटरीच सेंटर और छत्तीसगढ़ विज्ञान भारती की ओर से ऑर्गनाइज प्रोग्राम में हिस्सा लेने आए डॉक्टर राजू स्वामी ने खास बातचीत में एंटी करप्शन से रिलेटेड कई बातें शेयर कीे।


करियर की शुरुआत में स्वामी एडिशनल कलेक्टर बने। इस दौरान एक रियल एस्टेट एजेंट के खिलाफ उनके पास 60 लोगों की शिकायत आई। शिकायत करने वाले उस जमीन पर बसे थे, जिसपर एजेंट भराव करना चाहता था, जबकि उसपर कानूनन रोक थी। स्वामी ने पूरा मामला देखा और भराव पर रोक लगा दी। यहीं से उनके और पॉलिटिशियंस के बीच एक जंग की शुरुआत हो गई।  इस केस के कुछ समय बाद ही स्वामी के ससुर ने एक पब्लिक रोड को रोककर वहां अवैध निर्माण शुरू करवा दिया था।


आम लोगो की शिकायत पर स्वामी ने अपने ससुर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की और मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की मदद ली। नतीजा, मामला तो सुलझ गया, लेकिन स्वामी का तलाक हो गया।


ईमानदारी की वजह से ट्रांसफर ही नहीं तलाक जैसी व्यक्तिगत क्षति झेल चुके डॉ. राजू ने कहा कोई भी चीज मुझे ईमानदार होने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि अगर पूरे देश के आईएएस ऑफिसर गलत फाइल पर साइन करने से मना कर दें, तो किसी मंत्री की हिम्मत नहीं हो सकती कि वो भ्रष्टाचार करे। कमी हमारे ब्यूरोक्रेट्स में है। वे डरते हैं या फिर स्वार्थ चाहते हैं।


मैंने कई मंत्रियों के गलत कामों का खुलासा किया। कई फाइलों पर साइन करने से बेझिझक मना किया। मेरी वजह से एक मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।



हर इम्तिहान में पाया फर्स्ट रैंक, लिख चुके हैं 27 किताबें

- केरल के मिडिल क्लास में जन्मे स्वामी ने स्टेट सेकेंडरी स्कूल एग्जामिनेशन के स्टेट लेवल में मैरिट में पहला रैंक हासिल किया।

- इसके बाद वे प्लस-टू (बाहरवीं) में भी मैरिट में पहले नंबर पर थे।

- 12वीं करते ही उन्होंने आईआईटी का एंट्रेंस एग्जाम दिया, तो यहां भी स्वामी ने टॉप किया।

- आईआईटी, मद्रास से कम्प्यूटर साइंस में डिग्री ली तो राजू को मिला था फर्स्ट रैंक।

- यूपीएससी 1991 एग्जामिनेशन में उनकी रैंक थी फर्स्ट।

- आईएएस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में भी उनकी रैंक फर्स्ट ही थी।
- डॉ. राजू स्वामी 27 किताबें लिख चुके हैं। वे नॉवेल, शार्ट स्टोरी, ट्रेवेलॉग के साथ बच्चों के लिए किताबें भी लिखते हैं।

- साइंस उनका फेवरेट सब्जेक्ट है। तलाक और निजी जिंदगी पर वे बात नहीं करना चाहते पर उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे नहीं है ना, इसलिए मैं बच्चों पर किताब लिखता हूं।


सीएम तक को नियमों में बांधा


डॉ राजू कहते है आपको क्या लगता है, मुझे कुछ झेलना नहीं पड़ा। मैं जब आईएएस बनकर आया तो समाज के लिए कुछ करने आया था तो फिर रास्ते से कैसे भटक जाता। मैंने लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन कोई बात नहीं, सही करने के लिए मैं चूक नहीं सकता। अगर सभी आईएएस ऑफिसर कम से कम अपनी सीमा तक बिना डरे ईमानदारी के साथ चलें, तो भ्रष्टाचार होगा कैसे। चुनाव के पहले मैंने सीएम तक को नियमों में बांधा, जिसकी वजह से नतीजे पलटे भी लेकिन यह मेरी ड्यूटी थी।


सिविल सर्विसेज 1991 बैच के टॉपर रह चुके डॉ. राजू स्वामी ने कहा कि मैंने बिना किसी कोचिंग के ईमानदार कोशिश की। एक दिन में किसी का जनरल नॉलेज अच्छा नहीं हो सकता जबकि आईएएस बनने के लिए आसपास का नॉलेज बेहद जरूरी है। लाखों बच्चे इस परीक्षा में बैठते हैं उन्हें समझना चाहिए कि यह जिंदगी से ऊपर या जिंदगी से ज्यादा इंपोर्टेड नहीं है। यह इकलौता जरिया नहीं है, जिससे आप समाज के लिए कुछ कर पाएं।


जरूरी है ईमानदार बनना, पैरेंट्स को भी समझना चाहिए कि बच्चों को फोर्स न करें। केवल अच्छा इंसान बनाएं। आईआईटी से लेकर आईएएस तक ह्यूमेनिटी पढ़ना सबसे जरूरी है।

  Similar Posts

Share it
Top