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सीतापुर: आग लगने से सैकड़ों बीघा गेहूं जलकर खाक, एक मासूम की मौत

 Tahlka News |  2016-04-10 15:58:57.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
सीतापुर, 10 अप्रैल. जिले में जगह-जगह आग लगने से सैकड़ों बीघा गेहूं जलकर खाक हो गई। बताया जा रहा है कि ये आग खेत में हाईटेंशन तार गिरने से लगी। आग का ये तांडव सिधौली से लेकर सकरन तक देखने को मिला। वहीं सकरन में एक घर में आग लगने की वजह से एक मासूम बच्‍चे की मौत हो गई।


कोतवाली सिधौली क्षेत्र के भंडिया गांव में रविवार करीब साढ़े 10 बजे हाईटेंशन तार गेंहू के खेत में गिर गई। इस दौरान गेंहू की फसल जलने लगी। देखते ही देखते आसपास के कई गेंहू के खेत चपेट में आ गए। आगजनी में राजेंद्र जायसवाल का लगभग 30 बीघा गेहूं जल कर राख हो गई। इनके अलावा मनोज जायसवाल का लगभग 10 बीघा, रामशंकर का 5 बीघा, राजू का 5 बीघा, किशोरी का ढाई बीघा, गया प्रसाद का ढाई बीघा, हासिफ का 3 बीघा, शिवचरन का 6 बीघा गेंहू सहित कई अन्य किसानों के खेत में लगी फसलें जल गईं। आगजनी की सूचना पाकर फायरब्रिगेड टीम जब तक मौके पर पहुंची, तब तक ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे।


a2मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने किया सड़क जाम
इस दौरान किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर सिधौली महमूदाबाद मार्ग को जाम कर दिया। लगभग एक घंटे तक यातायाज ठप रहा। मौके पर पहुंचे एसआई शिवपूजन चौबे को ग्रामीणों की नाराजगी का शिकार होना पड़ा। उसके बाद एसएसआई सुभाष चंद्र सरोज और ओमप्रकाश सरोज ने बल का प्रयोग करके जाम को हटवाया।


क्‍या कहा तहसीलदार ने
तहसीलदार फूल चंद्र आर्या ने बताया कि जितने किसानों की फसल आगजनी से नष्ट हुई है। सभी का लेखपाल द्वारा सर्वे कराकर जल्द ही उन्हें मुआवजा दिलाया जाएगा।


विधायक मनीष रावत ने कहा
सिधौली से सपा विधायक मनीष रावत ने कहा कि वह पीड़ित सभी किसानों के साथ हैं और हर संभव उनकी मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को सर्वे के लिए निर्देशित किया जा चुका है। मंडी समिति की टीम को भी भेजकर सर्वे किया जाएगा। किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा।


बिजली विभाग की लापरवाही से हुई घटना
किसानों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्‍होंने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार फोन किया गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने फोन रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार पिछले कई वर्षों से लगे हुए हैं, जो आज तक बदले नहीं गए, वो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। जगह-जगह पर तार जोड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में इसका खामियाजा किसानों को चुकाना पड़ा और हाईटेंशन तार के गिरने से उनकी फसल जलकर बर्बाद हो गई।

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