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मानव अधिकार आयोग भी नहीं दिला पाया कैदियों को शुद्ध जल

 Sabahat Vijeta |  2016-04-09 16:21:22.0

amitabhnutanलखनऊ, 9 अप्रैल. राजधानी की आदर्श कारागार के कैदियों ने अपनी समस्याओं के हल के लिए तमाम मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद करने वाले यूपी के चर्चित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को आवाज़ लगाईं. आवाज़ सुनकर अमिताभ अपनी एक्टिविस्ट पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के साथ कैदियों के बीच पहुँच भी गए.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर और एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने आज आदर्श कारागार, लखनऊ में बंद चंद्रभान पाण्डेय से मुलाकात कर उनके द्वारा कैदियों की बेहतरी के लिए किये गए प्रयासों के मुद्दों पर चर्चा की. श्री पाण्डेय ने इनका पता डीजीपी कार्यालय से आरटीआई में प्राप्त कर उन्हें इस कार्य में सहयोग के लिए बुलाया था.


कैदियों से मुलाक़ात के दौरान पेयजल का मुद्दा बड़ी शिद्दत से उठा. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पानी में टीडीएस 106 पीपीएम निर्धारित किया है, वहीँ जिला कारागार, नारी बंदी निकेतन और आदर्श कारागार में टीडीएस का स्तर 760 पीपीएम है. श्री पाण्डेय जेल में आरओ लगाने के लिए लम्बे समय से प्रयासरत हैं और इसके लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक गुहार कर चुके हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 22 जनवरी 2016 को आईजी जेल को 22 मार्च तक इस पर कार्यवाही कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे लेकिन

अब तक कार्यवाही नहीं हुई है.


इसी तरह श्री पाण्डेय उत्तर प्रदेश में कैदियों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 2010 में निर्गत पेरोल नियमावली की तर्ज पर पेरोल नियमावली बनवाने को प्रयासरत हैं क्योंकि उनके अनुसार यूपी के 2007 की नियमावली में मनमानेपन की बहुत गुंजाइश है, जिसका विरोध करने पर उन्हें जेल प्रशासन से धमकियां तक मिली हैं.


अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर ने कैदियों की पानी की समस्या को हल कराने में मदद का आश्वासन दिया है.

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