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होली को और भी ज्यादा रंगीन बनाएंगी ये पिचकारियाँ

 Tahlka News |  2016-03-21 05:59:12.0

holi


लखनऊ, 21 मार्च.  रंगों का त्योहार होली आ चुका है। हर किसी पर रंगों की खुमारी छाने लगी है। जिसे देखो, वही रंगीन हुआ जा रहा है। दुकानें भी सज गई हैं।


बाजार में कदम रखते ही लगता है, मानो किसी रंगों की दुनिया में आ गए हों, लेकिन बाजार में जाने वाले हर शख्स की नजरें उस पिचकारी वाली दुकान पर जाकर ठहर जाती हैं, जहां इस बार रंगों के त्योहार को और भी रंगीन बनाने के लिए आकर्षक पिचकारियां मौजूद हैं।

इस होली पर बच्चों की पसंद पर खासा ध्यान दिया गया है। बाजार में मौजूद ज्यादातर पिचकारियां टीवी पर आने वाले कार्टूनों के नाम पर हैं। इनमें मिक्की माउस, डोरेमॉन, मछली पिचकारी और बड़ी-बड़ी गन की तरह वाली प्रेशर गन मौजूद हैं।


विक्रेता अनुराग का कहना है कि इस बार होली में देशी पिचकारियों से ज्यादा चाइनीज पिचकारियों की मांग है। वह जमाने गए, जब लोगों को पीतल और लोहे की पिचकारियां पसंद आती थीं। आजकल तो बड़े बुजुर्गों में भी चाइनीज पिचकारियों जैसे सिल्वर वॉटर पाइप, गोल्ड वॉटर पाइप की मांग है। लड़कियों के लिए टेडी बियर और बार्बी पिचकारी आई है।

छोटे बच्चों की होली के रंगीन बचपन को और भी ज्यादा रंगीन बनाने के लिए बाजार में खास तरह की पिचकारी आई है। इसका नाम चश्मे वाली पिचकारी है। अक्सर रंग खेलते समय बच्चों की आंखों में रंग चला जाता है, लेकिन इस चश्मे वाली पिचकारी में ऐसा नहीं है।

इसमें चश्मे के साथ एक छोटी सी कलर गन होती है। इस पिचकारी की खूबी ये है कि अगर बच्चे होली खेलते समय इसे पहनते हैं, तो उनकी आंखों में रंग नहीं जाएगा और सामने वाले को वे आसानी से रंग सकते हैं।

होली पर लोगों को एक-दूसरे पर गुब्बारे मारकर रंग खेलना खासा भाता है। आपकी इस खुशी को दोगुना करने के लिए बाजार में मैजिक बैलून आ गए हैं। अलग तरह के इन गुब्बारों में एक तरफ गुब्बारे और दूसरी तरफ छोटे-छोटे पाइप लगे हुए हैं। इसमें करीब एक साथ लगभग 100 गुब्बारे फूलते हैं। इसके लिए एक वॉटर टब की जरूरत होती है।

अगर आपको होली में कोई बच्चा हाथों में गन और पीठ पर टैंक लेकर घूमता हुआ दिखें, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। ये खास तरह के होली-हथियार हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आ रहे हैं। इन टैंकों में एक बार रंग भरने के बाद काफी देर तक दोबारा रंग भरने की जरूरत नहीं होती। आप एक साथ कई लोगों को रंग सकते हैं। इनकी कीमत 80 से 200 रुपये तक है।

बाजार में सबसे महंगी वॉटर गन की कीमत 850 रुपये है। मस्ती चाहे जिस खुशी की हो, जब तक सबके सिरों पर स्प्रे का झाग न दिखाई दे, मजा नहीं आता। होली में रंगों और अबीर गुलाल के साथ खेलने का मजा ही कुछ और है।

बाजार में इस बार तरह-तरह के कलरफुल स्प्रे उपलब्ध हैं। इनमें सबसे ज्यादा गुलाबी रंग के स्प्रे की डिमांड है।

लखनऊ के रकाबगंज में पिचकारियों के थोक विक्रेता मनोज गुप्ता का कहना है कि इस बार नई तरह की कई पिचकारियां आई हैं, जिनमें लोगों को चश्मे वाली पिचकारी, मैजिक बलून, स्मोक पाइप और गोल्ड कलर पाइप लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं।

इसके अलावा बच्चों में बेनटेन पाइप, मोटू पतलू वाटर टैंक, स्पाइडरमैन वाटर टैंक, बार्बी टैंक, छोटा भीम टैंक और प्रेशर गन का खुमार छाया हुआ है। लाल, पीली, नीली, सुनहरी और चांदी के चटक रंगों वाली रंगीन पिचकारियां बाजार में जमकर धमाल मचा रही हैं।

पिचकारियों के दाम :

-चश्मे वाली पिचकारी 30 से 50 रुपये

-स्पाइडरमैन वॉटर गन 150 से 300 रुपये

-बेन टेन कलर टैंक 100 से 350 रुपये

-मैजिक बलून 60 से 100 रुपये

-डोरेमॉन प्रेशर गन 100 से 550 रुपये

-पेप्सी और कोकाकोला कलर टैंक 350 से 550 रुपये

-मोटू पतलू वॉटर टैंक 150 से 250 रुपये

-वॉटर पाइप 80 से 400 रुपये

-कलरफुल स्प्रे 70 से 300 रुपये


(आईएएनएस)

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