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राज्यपाल-आजम विवाद में कोर्ट ने नहीं दिया दखल, राजभवन पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष

 Tahlka News |  2016-04-09 06:44:32.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ, 9 अप्रैल. अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां और राज्यपाल रामनाईक के बीच बढ़ते विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दखल दिया है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अपनी भाषा से सभ्यता का स्तर बढ़ाएं, मतभेद नहीं। साथ ही हाईकोर्ट ने राज्यपाल के खिलाफ विधानसभा में कथित रूप से असंसदीय भाषा के इस्तेमाल करने के कारण आजम खान को मंत्रिपरिषद से हटाने की मांग पर दखल देने से मना कर दिया है।


कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्पीकर और मंत्री संवैधानिक पद धारण करते हैं। उनसे आशा है कि वे जल्द ही इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। बता दें कि आजम खान के मुद्दे पर गवर्नर बेहद नाराज हैं। सार्वजनिक मंचो से गवर्नर ने आजम को हटाने की मांग की थी।


वहीं, विधानसभा अध्यक्ष राज्यपाल से मिलने आज राजभवन पहुंचे, जहां दोनों की करीब 1 घंटे तक बैठक चली। इस दौरान आजम खान की टिप्पणी पर माता प्रसाद ने अपना पक्ष रखा। जानकारी के अनुसार, स्पीकर माता प्रसाद इस बैठक का ब्यौरा सीएम अखिलेश यादव को बताएगे। हालांकि, सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि आजम खान की टिप्पणी असेंबली में की गई थी। असेंबली की कार्यवाही में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यह भी कहा गया कि आजम के असंसदीय शब्दों को स्पीकर ने स्वयं ही कार्यवाही से निकलवा दिया है।


यह टिप्पणी जस्टिस एपी साही और जस्टिस एआर मसूदी की बेंच ने स्थानीय वकील अशोक पांडे की रिट पर दी। याचिका में कहा गया था कि असेंबली में आजम खान की राज्यपाल पर टिप्पणी अमर्यादित थी। इसके बाद राज्यपाल ने चीफ मिनिस्टर को भी चिट्टी लिखकर नाराजगी जताई। याची का तर्क था कि‍ इससे स्पष्ट है कि आजम खान बतौर मंत्री राज्यपाल का प्लेजर खाे चुके हैं। यदि‍ एक मंत्री राज्यपाल का प्लेजर खो दे तो अपने पद पर नहीं बना रह सकता।





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