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#25YearsofSamajwad: रजत जंयती समारोह में पड़ेगी महागठबंधन की नींव!

 Girish Tiwari |  2016-11-05 07:18:11.0

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के रजत जयंती समारोह में कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़े-बड़े नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शनिवार सुबह से ही जारी है। समारोह शुरू हो चुका है। मंच पर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ शरद यादव भी कार्यक्रम में पहुंचे हुए हैं। उप्र की सत्ता में बने रहने की कोशिश में जुटी सपा लखनऊ में शनिवार को पार्टी का रजत जयंती समारोह मना रही है। समारोह को सफल बनाने में जुटे प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव जनेश्वर मिश्र पार्क में सुबह से ही खुद पूरे कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं।


लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क में होने वाले इस रजत जयंती समारोह के लिए सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सपा नेताओं का दावा है कि समारोह में करीब पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हो रहे हैं। सपा के इस रजत जयंती समारोह में देश के कई दिग्गज समाजवादी नेता पहुंचे हैं।


ऐसा माना जा रहा है कि आज (शनिवार) के इस समारोह से महागठबंधन की असली तस्वीर सामने आएगी। इस समारोह के मुख्य कर्ताधर्ता शिवपाल सिंह यादव से जब महागठबंधन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जितने भी नेता आए हैं, वे रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हैं। महागठबंधन का फैसला हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व लेगा।"


इससे पहले सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के समधी तथा राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है। यहां सपा ने विकास के काफी काम किए हैं। इसे देखते हुए 2017 में यहां सपा की ही सरकार बनेगी।


लालू प्रसाद यादव ने उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के सवाल पर कहा कि महागठबंधन जरूर बनेगा और उसी की जीत होगी।


समाजवादी परिवार में मतभेद पर लालू ने कहा कि सब सुलझ गया है और कोई मतभेद नहीं है, परिवार एक है।


राज्यसभा सदस्य तथा जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जरूर बनेगा।


उल्लेखनीय है कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के कहने पर ही प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव गैर-भाजपाई व गैर कांग्रेसी नेताओं को इस आयोजन में लाने की कवायद में कई दिनों से जुटे हुए थे।


मुलायम की कोशिश है कि सभी गैर भाजपाई पार्टियों को एक छतरी के नीचे लाया जाए और उप्र के चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत गठजोड़ पेश किया जाए। सूत्र के अनुसार, इन दलों के नेता सपा का आंतरिक घमासान शांत होने के इंतजार में हैं।


सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर नेता चाहते हैं कि सपा पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को औपचारिक तौर पर गठबंधन का नेता तय कर दे, तभी गठजोड़ सफल हो पाएगा।

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