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लखनऊ में 50 हजार ग्राम प्रधानों का प्रदर्शन

 Girish Tiwari |  2016-10-20 08:01:42.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में गुरुवार को करीब एक लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी जुटेंगे। यूपी के 75 जिलों के 822 ब्लाक से आए 50 हजार से ज्‍यादा ग्राम प्रधान राजधानी में शिरकत करेगें। प्रधान मानदेय बढाने और पेंशन देने की मांग कर रहे है, जिसको लेकर उन्होने पिछले दिनों भी प्रदर्शन किया था। आन्दोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय प्रधान संगठन कर रहा है। आन्दोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय प्रधान संगठन कर रहा है।


बता दें कि ग्राम प्रधानों का कहना है कि अभी उन्‍हें पचीस सौ रुपये मानदेय दिया जा रहा है। इससे चाय तक का खर्च नही निकलता है। इतना ही नही हम लोग इतने पैसे से एक ऑफिस तक नही बनवा सकते है। जहां पर हम लोगों से मिल सके। प्रधानों की मांग है कि पेंशन के तौर पर दस हजार रुपये दिये जाए। इसके साथ ग्राम सचिव की संख्या बढाने की भी मांग कर रहे है।

बताते चले कि पूरे प्रदेश से करीब पचास हजार प्रधान जहां राजधानी में डेरा डालेगें। वही प्रधान के साथ उस गांव की पंचायत के सदस्य भी उनके साथ आऐगें। हर गांव से करीब 11 लोगों को लेकर प्रधान अपने साथ लेकर राजधानी पहुंचेगें। पूरे प्रदेश में करीब 59163 ग्राम पंचायत है। जबकि 75 जिलों के 822 ब्लाक से ये प्रधान राजधानी में शिरकत करेगें। इसके साथ करीब 15 हजार गाड़ि‍यां पहुंंचने की भी संभावना है। ऐसे में संभावना इस बात की है राजधानी की सडकों पर जाम की स्थिति बन सकती है।


अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी ने कहा कि 1992 में 73वां संवैधानिक संशोधन किया गया था, जिसके तहत 29 विषय ग्राम पंचायतों के अधीन कर दिये गये थे। यह अधिकार वास्तव में प्रधानों को अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। देश भर में समान पंचायती राज व्यवस्था लागू नहीं है। सांसदों को दिया जाने वाला मानदेय लोकसभा सचिवालय के सचिव से एक रूपये अधिक निर्धारित है। इस तरह प्रधानों को ग्राम पंचायत अधिकारी से एक रूपये अधिक यानी कम से कम 30001 रूपये वेतन दिया जाना चाहिए। सेवाकाल के उपरान्त 10 हजार रूपये पेंशन तथा आकस्मिक निधन पर 20 लाख रूपये मुआवजा प्रधान के परिजनों को दिये जाने की मांग की जा रही है।



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