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फोटो पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण कार्य है

 Sabahat Vijeta |  2016-03-20 12:55:18.0


gov-photoलखनऊ, 20 मार्च. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल  राम नाईक ने आज मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब द्वारा दिवंगत मीडिया छायाकारों की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में दिवंगत छायाकार देवा जोशी, रज़ा, मो. रिजवान, विनोद त्रिपाठी, राजू तिवारी व अन्य के परिजनों को स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।


राज्यपाल ने दिवंगत छायाकारों के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द सिंह ‘गोप‘, जिलाधिकारी राजेशखर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पाण्डेय, मुरलीधर आहूजा सहित मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब के पदाधिकारी व पत्रकारगण उपस्थित थे। मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब द्वारा प्रत्येक वर्ष दिवंगत मीडिया छायाकारों की स्मृति में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।


राज्यपाल ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारों ने भी बहुत योगदान दिया है। इसलिए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। चौथे स्तम्भ की विश्वसनीयता बढ़ाने में छायाकारों का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। दंगे या अन्य उग्र प्रदर्शन में काम का जोखिम और भी बढ़ जाता है तथा महंगे उपकरण का नुकसान भी होता है। छायाकारों का काम सर्तकता का होता है क्योंकि फोटो खींचने में रीटेक के अवसर नहीं होते हैं। उन्हें महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में कैद करने के लिए एक परीक्षा से गुजरना होता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में फोटोग्राफी महत्वपूर्ण कला है।


श्री नाईक ने कहा कि फोटो पत्रकारिता का अपना एक महत्व है। छायाचित्र समाचार और संदेश सम्प्रेषित करने में सहायक होता है। फोटोग्राफी संचार का ऐसा माध्यम है जिसमें भाषा नहीं होती परन्तु भाव होते हैं जो शब्दों से ज्यादा ताकत रखते हैं। फोटो जो वर्णन करती है उसे एक हजार शब्द में भी वर्णन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फोटो पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण कार्य है।


राज्यपाल ने कहा कि कलम का प्रयोग करने वाले पत्रकारों की तो बैठने की व्यवस्था होती है लेकिन छायाकारों को एक प्लेटफार्म पर रहकर ही काम करना होता है। विज्ञान की प्रगति से एवं डिजिटल फोटोग्राफी ने काम को आसान बनाया है मगर छायाकारों से अपेक्षाएं भी बढ़ी है। उन्होंने मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब के आयोजन में धूप में बैठे हुए पत्रकारों को देखकर कहा कि यदि अगले वर्ष कोई उपयुक्त स्थान नहीं मिलता तो राजभवन के दरवाजे इस कार्यक्रम के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि छायाकार अपने बिछुड़ने वाले साथियों को याद करते हुए उनके परिजनों का सम्मान कर रहे हैं। परिजनों को सहयोग का एहसास दिलाना वास्तव में अभिनंदनीय है।


अरविन्द्र सिहं ‘गोप‘, ग्राम्य विकास मंत्री ने दिवंगत छायाकारों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मीडिया छायाकार कड़ा परिश्रम करके छायाचित्र संकलित करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा परिश्रम अभिनन्दन करने योग्य है। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेशखर ने भी अपने विचार रखे.

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