Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

लिखी गयी भारत-श्रीलंका पत्रकार मैत्री की सुनहरी इबारत

 Tahlka News |  2016-11-02 11:54:02.0

sri-lanka-matter

उत्कर्ष सिन्हा (श्रीलंका से लौट कर)

श्रीलंका प्रेस एसोशिएशन के 61 वे स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के 20 सदस्य पत्रकारों के दल ने जब श्रीलंका की धरती पर 24 अक्टूबर की शाम को कदम रखा तबतक भारत और श्रीलंका के पत्रकारों के आपसी साझीदारी की एक नयी इबारत लिखने के लिए जमीन तैयार हो चुकी थी. भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारत के 6 राज्यों का प्रतिनिधित्व रहा और यह सभी पत्रकार अपने अपने संस्थानों के उच्च पदों पर कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार थे. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष वीवी मल्लिकार्जुनैया, प्रधान महासचिव परमानन्द पाण्डेय और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी ने किया.


कोलम्बो में पहला दिन अद्भुत रहा । श्रीलंका प्रेस एसोशिएशन के 61 वे स्थापना समारोह में शिरकत करने भारत से श्री लंका पहुंचे भारतीय प्रतिनिधि मंडल का अभिभूत कर देने वाला स्वागत हुआ । कोलम्बो के भंडारनायके इंटरनैशनल सभागार में पहुँचते ही हमें रेड कार्पेट वेलकम मिला । श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम मैत्रीपाला सिरिसेना समारोह के मुख्य अतिथि और मीडिया मंत्री ज्ञानथा करुणातिलक विशिष्ट अतिथि रहे ।

भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे IFWJ के अध्यक्ष वी वी मल्लिकार्जुनइया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी, महासचिव परमानन्द पाण्डेय ने अपना सम्बोधन किया और भारत की ओर से राष्ट्रपति को शाल ओढ़ा कर स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। श्रीलंका प्रेस एसोशिएशन के अध्यक्ष ने IFWJ प्रतिनिधिमंडल का इस समारोह में आने के लिए धन्यवाद दिया और दोनों देशो के पत्रकारो के आपसी संबंधो को और मजबूत बनाने के संकल्प दोहराया ।

श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री सिरिसेना ने अपने उद्बोधन में भारत और श्रीलंका के एतिहासिक संबंधो को याद करते हुए  कहा कि हमने भारतीय लोकतंत्र से बहुत कुछ सीखा है और हमारी मीडिया ने भी भारतीय मीडिया से बहुत कुछ सीखा. लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक सशक्त मीडिया की भूमिका का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हम चाहते हैं कि मीडिया को अधिक स्वतंत्रता मिले और वह लोकतंत्र  की मजबूती में अपना सक्रिय योगदान दे.

श्रीलंका यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत रत्नपुरा जिले से हुयी । यहाँ सफ़ेद, नीले और पीले सफायर की खाने हैं। रत्नों के राज्य सबरगामू की विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री महिपाल हेरात ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और इस राज्य की प्राकृतिक सम्पदा के बारे में विस्तार से बताया. लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हेरात इतने सरल है की खुद ही खाने की प्लेट हम लोगो को सर्व करते रहे । यहाँ मुख्यमंत्री का कार्यालय जनता के लिए खुला रहता है ।

इस समारोह में पत्रकारिता के विद्यार्थियो से भी प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुयी । भारतीय मीडिया की स्वतंत्रता और उसकी ताकत के बारे में जानने के लिए ये विद्यार्थी काफी उत्सुक भी थे. शाम को प्रतिनिधिमंडल को सुदूर एक गाव में ले जाया गया जहाँ सीलोगामा गाँव में गुज़री रात यादगार रहेगी । सबरगामू प्रान्त के पर्यटन मंत्री अतुल कुमार स्वयं आइएफडब्लूजे के प्रतिनिधि पत्रकारों की अगवानी के लिए गाँव अफ़सरों के साथ मौजूद थे । सरकार ने यहाँ कुछ घरों में विदेशी पर्यटकों के लिए पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने का इंतज़ाम किया है । सीलोगामा गाँव प्रकृति की गोद में बसा है और पूरी दुनिया के लिए यहाँ का प्राकृतिक संरक्षण कार्यक्रम एक मिसाल है । पराहरा लोकनृत्य का अद्भुत आनंद और धान के खेतों में उर्वरक़विहीन अन्न से बने सुस्वादु भोजन का अतुल्य अनुभव भी प्रतिनिधिमंडल ने किया और श्रीलंका के ग्रामीण जीवन का यह तजुरबा हर सदस्य को पूरे जीवन भर याद रहेगा ।

प्रतिनिधिमंडल ने अपना तीसरा दिन नेयुरा एलिया में गुजारा.इस जगह को श्री लंका का स्विट्जरलैंड यूँ ही नहीं कहा जाता । पहाड़ो की घटी में बसे इस शहर में एक बड़ी झील और विश्वस्तरीय रेसकोर्स इसे और भी सुरम्य बनाता है. IFWJ के 20 सदस्यीय पत्रकारो का प्रतिनिधिमंडल जब यहाँ पहुंचा तो उसके लिए सीता की अशोक वाटिका देखने की उत्कण्ठा थी । बताया जाता है की यही वो जगह है जहाँ की पहाड़ी पर रावण का महल था और सीता जी को यही रखा गया था । श्रीलंका में सीता का अत्यधिक सम्मान है । श्रीलंका सरकार ने अब यहाँ एक मंदिर बनवाया है। यही हनुमान जी सीता से मिले थे। पीले गोले में उनके पैरो के निशान बताये जाते है । नियूरा एलिया पत्रकार संघ ने आत्मीय स्वागत किया और स्थानीय विधायक राजाराम ने सत्कार में कोई कमी नहीं रखी । शाम को झील में बोट पर शानदार सांस्कृतिक संध्या का लुत्फ़ उठाया गया । यहाँ के होटल अरेलिया ग्रीन के महाप्रबंधक पदमश्री लियानगे ने व्यक्तिगत रूप से हम सबका अभिनन्दन किया ।

यात्रा के अंतिम दिन हुए विदाई समारोह में श्रीलंका के डिप्टी मीडिया मिनिस्टर करुनारातना परियाविताना ने कहा कि हम भारत के सुचना के अधिकार कानून से बहुत प्रभावित हैं और इसे अपने यहाँ मजबूती से लागू करना चाहते हैं. उन्होंने भारतीय मीडिया से अनुरोध किया कि वह सूचना अधिकार क़ानून के जरिये मीडिया को और सशक्त बनाने के दिशा में श्रीलंकाई मीडिया को मदद करे. भारतीय पत्रकारों का नेत्रित्व कर रहे वरिष्ठ पत्रकार और आईऍफ़ डब्ल्यू जे के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी ने मंत्री महोदय का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका संगठन हमेशा सकारात्मक पहल करने के लिए तैयार है और हम श्रीलंका प्रेस एसोशिएशन के साथ मिलकर अपनी भूमिका निभाएंगे.

इस पूरी यात्रा के दौरान श्रीलंका प्रेस एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष मुदित कारियाकरवाना, महासचिव उपुल जनक तिलकरत्ने और विदेश सचिव कुर्लू कारियाकरवाना ने लगातार भारतीय पत्रकारों के साथ छोटी बताके कर के आगामी दिनों में दोनों देशो को पत्रकारों के तालमेल और संघर्षो तथा संबंधो को और मजबूत करने के लिए रणनीतिक चर्चा की.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top