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ईश्वर से जुड़ने का नाम ही योग : पं. श्रीकांत शर्मा

 Sabahat Vijeta |  2016-12-07 11:28:12.0

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तप में ईश्वर को प्राप्त करने की होती है शक्ति


श्री खाटू मन्दिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिन


लखनऊ। आज ईश्वर की प्राप्ति अपेक्षाकृत मनुष्य शरीर की प्राप्ति से ज्यादा सुलभ है। क्योंकि मनुष्य शरीर की प्राप्ति के लिए एक निश्चित समय सीमा होती है। जो लगती ही लगती है। लेकिन ईश्वर की प्राप्ति जीव को यदि वह समर्पण भाव से प्रभु को याद करे तो सात दिन में क्या एक क्षण में ही हो सकता है। यह अमृत वचन श्री श्याम परिवार लखनऊ के तत्वाधान में बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मन्दिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कोलकाता के बाल व्यास पं. श्रीकांत शर्मा ने व्यक्ति किये।


पं. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि तप में ईश्वर को प्राप्त करने की शक्ति होती है। तप की शक्ति के बल पर ही ध्रुव ने भगवान को छह माह साक्षात रुप में पा लिया। विवेक को सदैव सुरक्षित रखना चाहिए। क्योंकि एक बार विवेक नष्ट हो जाता है तो सौ गुना विपति आ जाती है। जीवन में जिसके साथ सुमति होती है उसकी संताने देवतुल्य सांसारिक होती है और जिसकी मति कुमति होती है उसकी राक्षस जैसी निकृष्ट। इसीलिए ईश्वर से सदैव सुमति की मांग करनी चाहिये। कपिल मुनि का वचन है कि ईश्वर से जुड़ने का नाम ही योग है। सिर्फ आसन, प्रणायाम ही सहायक नहीं हो सकते हैं। मूल नहीं, साधक सत्य का लाभ सदैव ईश्वर में करता है। आयु का अन्तिम दिन सुखद हो इसके लिए एकाग्रता के साथ भक्ति करना जरुरी है।


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उन्होंने कहा कि ज्ञान भक्ति वैराग्य व साधना का कोई पथ ईश्वर प्रेम के बगैर अपूर्ण है। यह सत्य है कि ईश्वर प्रेम से ही प्रकट हो सकता है। श्रीकांत शर्मा महाराज ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ईश्वर प्रेम में डूबकर भजन करने के दौरान सुध बुध खो बैठते थे। भक्त हरिदास जी ने प्रेम से ईश्वर को प्राप्त किया। मीरा बाई ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम किया और शरीर उनके चरणों में समा गई। प्रेम के बगैर सिर्फ तत्व ज्ञान से ईश्वर को प्राप्त करना मुश्किल है।


श्रीकांत शर्मा जी महाराज ने कहा कि ईश्वर हृदय में विराजमान है और वही हृदय जब ईश्वर प्रेम में तड़पेगा तो इस असीम हृदय की छटपटाहट से क्या ईश्वर अविचलित रह सकेंगे। जब मन में ईश्वर के प्रति इतनी तड़प है तो फिर भक्ति को ईश्वर की अनूभूति होना सुनिश्चित है। बाल व्यास ने कहा कि हम ईश्वर को प्रेम करे और वह न करे ऐसा कदापि नही हो सकता।


कथा के अंत में श्री श्याम परिवार लखनऊ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, महामंत्री सुधीर कुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष रुपेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग,राधे लाल अग्रवाल, डा. अनूप कुमार गोयल, ई. आलोक कुमार गोयल आदि ने भगवान की आरती की। मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग व भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि कथा 10 दिसंबर तक दोपहर तीन से शाम सात बजे तक होगी।

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