उत्तराखंड की पहचान है गायत्री परिवार : मुख्यमंत्री

 2016-06-02 01:29:54.0

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हरिद्वार.  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को यहां कहा कि देश की पहचान जिस तरह मां गंगा है, उसी तरह देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान गायत्री परिवार है। रावत ने कहा कि गायत्री परिवार धार्मिक, सामााजिक कार्यक्रमों के साथ ही सेवा की जो गतिविधियां संचालित करता है, उससे पूरे समाज को प्रेरणा लेनी चाहिए।

रावत गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। शिविर में पंजाब, राजस्थान, उत्तराखण्ड, मप्र, हरियाणा के 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं हिस्सा ले रहे हैं।


उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा काम जनमानस को संस्कारिक करने का है, जो भासंज्ञाप के माध्यम से अच्छे ढंग से हो रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज ने अपने गुरु पूज्य आचार्यश्री के कार्यो को गति देते हुए जो लकीरें खीचीं है, वह एवरेस्ट जैसा है।

इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा, "हमारे देश की संस्कृति संस्कारयुक्त कृति है, जो मानव को महामानव बनाने वाली है। यही संस्कृति सदगुणों की खेती करना सिखाती है।" उन्होंने कहा कि जिस तरह विज्ञान और आध्यात्म के मिलने से श्रेष्ठ युग आता है, उसी तरह संस्कृति और सभ्यता के मिलन से समग्र मानव का निर्माण होता है।

पंड्या ने कहा, "1994 में कुछ हजार विद्यार्थियों के साथ आरंभ हुए इस अभियान में 2015 में करीब 48 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने में सफलता मिली। गत वर्ष में यह परीक्षा देश के 18 राज्यों में आयोजित हुई।" इस दौरान डॉ. पण्ड्या ने मुख्यमंत्री रावत को स्मृति चिह्न् एवं युग साहित्य भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. बृजमोहन गौड़ ने किया।

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