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दोहरे हत्याकांड ने तैयार की गैंगवार की जमीन, पूर्वांचल में बिछ सकती हैं लाशें

 Tahlka News |  2016-05-29 12:36:59.0

gangwarविश्व प्रकाश श्रीवास्तव
जौनपुर. चंदवक में 23 मई दिन सोमवार को हुए दोहरे हत्याकांड ने पुरानी चिंगारी को फिर से हवा दे दी है। राधेश्याम और सिपाही पंकज सिंह की हत्या के बाद सुजीत गैंग और केडी सिंह गैंग के बीच गैंगवार की जमीन तैयार हो गई है। अभी एक साल पहले की ही बात है जब प्रदेश के सबसे बड़े माफिया ने सुल्तानपुर जेल में राधेश्याम और केडी सिंह के बीच सुलह कराई थी। लगा कि अब ये दोनों आपस में नहीं टकराएंगे। लेकिन बीते ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि दोनों टकराए और ऐसा टकराए कि राधेश्याम को गोलियों से छलनी कर दिया गया। इसके साथ ही मारा गया बलिया में तैनात सिपाही पंकज सिंह भी। इन दिनों पंकज सिंह सस्पेंड चल रहा था। वो घर आया तो पुराने दोस्त राधेश्याम के साथ कुछ पल बिताने निकला, लेकिन मौत ने उसे भी अपनी आगोश में ले लिया।


बीते 23 मई को हुए दोहरे हत्याकांड को समझने के लिए थोड़ा फ्लैश बैक में जाना होगा। वो जमाना जब राकेश कछवन की तूती बोला करती थी। उनके साथी हुआ करते थे राजेश इंडिया। दोनों इतने बड़े अपराधी के पुलिस की नाम में दम कर रखा था। आखिरकार, पुलिस ने राकेश कछवन को डोभी में और राजेश इंडिया को लखनऊ में एक एनकाउंटर के दौरान मार गिराया। इसी राकेश कछवन का साथी हुआ करता था ओमप्रकाश सिंह उर्फ केडी सिंह। राकेश कछवन और केडी सिंह में किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो दोनों अलग हो गए। राकेश कछवन का शार्गिद बना सुजीत। राकेश कछवन के एनकाउंटर के बाद सुजीत ने कछवन की गैंग को आगे बढ़ाया। इसके बाद सुजीत और केडी सिंह गैंग के बीच छुटपुट धर पकड़ होती रही। दोनों एक दूसरे पर अपना वर्चस्व साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।


इसी बीच दुमा गांव निवासी राधेश्याम ने भी जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था और राधेश्याम सुजीत गैंग में शामिल हो गया। राधेश्याम ने अपने पैर इतनी तेज से पसारे की देखते ही देखते उस पर हत्या समेत कई मामलों में एफआईआर दर्ज हो गई और राधेश्याम चंदवक थाने का हिस्ट्रीशीटर बन गया। राधेश्याम के निशाने पर सबसे ज्यादा केडी सिंह के ही गुर्गे रहते थे। दम इतना कि क्षेत्र में अकेले ही सभी पर हावी रहा करता था। करीब पांच साल पहले हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव में प्रमुख पद के लिए सुजीत और केडी सिंह मैदान में उतरे। इस चुनाव में केडी सिंह की जीत हुई और सुजीत को मुंह की खानी पड़ी। थोड़ा ही समय बीता था कि सुजीत ने प्रमुख केडी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया। हालांकि, सुजीत इसमे सफल नहीं हो सका और केडी सिंह प्रमुख बने रहे।


इस घटना के बाद दोनों गुटों में तनाव और बढ़ गया। राधेश्याम और केडी सिंह के बीच बढ़ते गैंगवार को देखते हुए प्रदेश के माफिया भी चिंतित होने लगे। इसी बीच करीब एक साल पहले सुल्तानपुर जेल में बंद प्रदेश के सबसे बड़े माफिया ने दोनों को जेल में बुलाकर सुलह कर लेने की सलाह भी दी थी। दोनों ने इस सलाह को मान भी ली। लगा कि अब फिर गैंगवार नहीं होगा। इस बार ब्लॉक प्रमुख चुनाव का मौसम आया तो दोनों में गुटों में फिर टकराव की स्थिति बन गई। डोभी सीट को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। ऐसी स्थिति में सुजीत और केडी दोनों ही चुनाव नहीं लड़ सके। लेकिन सुजीत ने अपनी ओर से शंकर यादव को चुनाव मैदान में उतारा।


वहीं, केडी सिंह ने भी अपना एक उम्मीदवार अखाड़े में खड़ा किया। चुनाव के ठीक एक दिन पहले ही राधेश्याम ने केडी सिंह के कुछ गुर्गों को पीटा भी था। चुनाव हुआ और जब नतीजे आए तो सुजीत का प्रत्याशी शंकर यादव जीत चुका था। जीत के बाद राधेश्याम ने केडी सिंह के घर पर चढ़कर हवाई फायरिंग की। केडी सिंह के वाहन को क्षतिग्रस्त भी कर दिया। राधेश्याम की इस करतूत से केडी सिंह आग बबूला हो गया। सोमवार को राधेश्याम अपनी अल्टो कार से अपने दोस्त पंकज सिंह के साथ घर की ओर जा रहा था। जैसे ही कार तराव मोड़ के पास पहुंची, दो बाइक पर सवार 5 बमदाशों ने कार को रोक कर फायरिंग शुरू कर दी। सामने के शीशे से हुई फायरिंग में राधेश्याम के जबड़े में गोली जा लगी। गोली से बचने के लिए वो पिछली सीट पर भागा। लेकिन बदमाशों ने उसे वहीं गोलियों से छलनी कर दिया। राधेश्याम के पास मौजूद अवैध 30 एमएम की पिस्टल को भी छीनकर सारी गोलियां उसी के जिस्म पर खाली कर दी गईं। वहीं पंकज सिंह को भी गोली लगी लेकिन वो कार से भागने में सफल रहा। भागते-भागते पंकज सिंह थोड़ी दूर पर एक हैंडपंप के पास जा गिरा। पंकज का दुर्भाग्य ही था कि बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद उसी रास्ते से भाग रहे थे। बदमाशों को रास्ते में पंकज दिखा तो बाइक रोककर उसे फिर 5 गोलियां मार दी। इस बार पंकज ने दम तोड़ दिया।


घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भर गया। परिजन और शुभचिंतकों ने चिल्ला चिल्लाकर पूर्व प्रमुख केडी सिंह का नाम लेना शुरू कर दिया। तहरीर मिली तो पुलिस ने केडी सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसमें 7 लोगों के खिलाफ हत्या और 2 के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप है। केडी सिंह के अलावा पुलिस किसी और नाम का खुलासा नहीं कर रही है। पुलिस ये भी मानकर चल रही है कि इस हत्याकांड के बाद गैंगवार की संभावनाएं प्रबल हैं। पुलिस ने इससे निबटने के लिए भी रणनीति बना रखी है। एक बात और साफ है कि सुजीत ने इस हत्याकांड को कितना संजीदगी से लिया है। एक सुजीत ही है जो बदला लेने या केडी का सामना करने की हैसियत रखता है। और अगर ऐसा हुआ तो चंदवक में एक बार फिर लाशें बिछंेगी

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