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सैनिक पुनर्वास निधि की ज़मीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की ज़रुरत

 Sabahat Vijeta |  2016-06-10 14:49:04.0

sainikलखनऊ. उ.प्र. सैनिक पुनर्वास निधि द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 में रूपये एक करोड़ 13 लाख से अधिक की धनराशि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के सहायतार्थ प्रदान की गयी. भूतपूर्व सैनिकों की आश्रितों को शैक्षिक सहायता के अंतर्गत सामान्य शिक्षा के 1207 लाभार्थियों को कुल रूपये 25 लाख 43 हजार की धनराशि तथा तकनीकी शिक्षा के 454 लाभार्थियों को कुल रूपये 41 लाख, 86 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी. भूतपूर्व सैनिक विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 135 लाभार्थियों को कुल रूपये 45 लाख की सहायता तथा भूतपूर्व सैनिकों को व्यापार हेतु ऋण पर छूट 4 लाभार्थियों को रूपये 86 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी. उक्त जानकारी आज राजभवन में आयोजित उ.प्र. सैनिक पुनर्वास निधि के प्रबंध समिति की बैठक में दी गयी.


उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज उ.प्र. सैनिक पुनर्वास निधि की प्रबंध समिति के 42वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निधि की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की जरूरत है. अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यथाशीघ्र कार्यवाही एवं न्यायालयों में उचित पैरवी की जाये. उन्होंने कहा कि एक विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही उन्हें उपलब्ध करायी जाये कि निधि की कितनी भूमि पर अतिक्रमण के कारण वाद चल रहे हैं.


राज्यपाल ने कहा कि उ.प्र. सैनिक पुनर्वास निधि की आय बढ़ाने की दृष्टि से अटारी फार्म की ऊसर जमीन पर सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए वैकल्पिक ऊर्जा विकास विभाग से विचार-विमर्श किया जाये. उन्होंने कहा कि इस संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण से सम्पर्क कर भूमि उपयोग के बारे में भी चर्चा किये जाने की जरूरत है.


बैठक में सचिव राज्यपाल चन्द्र प्रकाश, विंग कमाण्डर अरूण कुमार सिन्हा, कर्नल अनूप सिंह, मुकेश मित्तल सचिव वित्त, श्रीमती ईवा शर्मा, ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन सहित सेना के अधिकारीगण भी उपस्थित थे.

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