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वन महोत्सव, 2016 का 1100 पौधों के रोपण के साथ हुआ शुभारम्भ

 Sabahat Vijeta |  2016-07-01 18:26:45.0

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  • कार्यक्रम में विशिष्ट जनों, सेना के जवानों सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया

  • वन महोत्सव प्रदेश को हरा-भरा व प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी: वन मंत्री

  • वन व वृक्ष एवं वनों में रहने वाले वन्य प्राणी हमारे जीवन का आधार: जन्तु उद्यान राज्य मंत्री

  • मानव सभ्यता का विकास वनों की गोद में हुआ है: वन राज्यमंत्री

  • वन महोत्सव का उद्देश्य वन को जन से व जन को वन से जोड़ना है: प्रमुख सचिव वन

  • मुख्यमंत्री की लीडरशिप में वर्ष 2012 से अब तक कुल लगभग 21 करोड़ पौधे रोपित किए गए हैं: सचिव मुख्यमंत्री

  • विगत 4 वर्षों में प्रदेश में 1890 हरित पट्टियां विकसित की गईं: प्रधान मुख्य वन संरक्षक


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेरणा से राज्य स्तरीय वन महोत्सव, 2016 (1 से 7 जुलाई तक) का शुभारम्भ आज यहां कुकरैल में 1100 पौधों के रोपण के साथ प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट जनों, सेना के जवानों सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को हरा-भरा व प्रदूषणमुक्त बनाने हेतु वनावरण व वृक्षावरण विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। वन महोत्सव मनाने का मुख्य उद्देश्य जन-जन में प्रकृति के प्रति जागरूकता एवं प्रेम उत्पन्न करना है ताकि वृक्षारोपण को जन अभियान का रूप देकर प्रदेश को हरा-भरा व प्रदूषण मुक्त बनाने में सफलता प्राप्त की जा सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि प्रदेश के विशाल आकार व सीमित संसाधनों के दृष्टिगत प्रदेश में हरित आवरण सृजित कर प्रदेश को विकास पथ पर अग्रसर करने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में व्यापक स्तर पर जन सहयोग व जन सहभागिता प्राप्त करने के लिए प्रत्येक प्रदेशवासी अपने आवास व आस-पास की रिक्त भूमि, खेत की मेड़ों व अन्य अनुपजाऊ भूमि पर अधिक से अधिक पौध रोपित, सिंचित व रोपित पौधों की देख-भाल कर वन महोत्सव की भावना के अनुरूप प्रकृति के प्रति जागरूकता व वृक्षों के प्रति स्नेह व श्रद्धा व्यक्त कर प्रदेश को हरा-भरा व समृद्ध बनाने में प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहयोगी व सहभागी बनें।


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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जन्तु उद्यान एस.पी. यादव ने कहा कि वन व वृक्ष एवं वनों में रहने वाले वन्य प्राणी हमारे जीवन का आधार है। वनों से समाज को बिना किसी भेदभाव के विभिन्न पर्यावरणीय सेवाएं प्राप्त होने के साथ ही, सम्पूर्ण समाज विशेषकर निर्धन व निर्बल वर्ग के सदस्यों को चारा ईंधन, जड़ी बूटी, विभिन्न खाद्य पदार्थ एवं आजीविका के साधन उपलब्ध होते हैं। श्री यादव ने कहा कि वनों से प्राप्त होने वाली विभिन्न पर्यावरणीय सेवाएं व लाभों की निरन्तरता बनाए रखने के लिए विद्यमान वनों व वृक्षों की सुरक्षा करने के साथ ही, वनावरण व वृक्षावरण विस्तार हम सबका प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव के अवसर पर सम्पूर्ण प्रदेश में वन महोत्सव की भावना के अनुकूल वृक्षारोपण के प्रति जन सामान्य में चेतना जाग्रत करने हेतु वृक्षारोपण के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों के प्रबन्धन में व्यापक जन सहभागिता प्राप्त कर ही प्राकृतिक संसाधनों का दीर्घकालिक संरक्षण व संवर्धन किया जाना सम्भव है।


विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री वन तेज नारायण पाण्डेय (पवन पाण्डेय) ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास वनों की गोद में हुआ है। प्राचीन काल से ही हमारी सभ्यता के विकास में वनों व वृक्षों का विशेष महत्व रहा है। वनों के सौम्य, शुद्ध एवं शान्त वातावरण में हमारी परम्परा व संस्कृति विकसित हुई। कला, साहित्य, संस्कृति, लोक कथाओं सहित जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में वृक्षों व वनस्पतियों को विशिष्ट स्थान प्राप्त हुआ।


श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रीन यू.पी.-क्लीन यू.पी. अभियान के अन्तर्गत प्रदेश को हरा-भरा व स्वच्छ बनाने हेतु कृतसंकल्प है। प्रदेश की वन सम्पदा सुरक्षित रखने हेतु एक ओर जहां अवैध कटान, अवैध खनन एवं अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाई गई है तथा अवैध कार्य में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गयी है, वहीं दूसरी ओर वनावरण व वृक्षावरण विस्तार हेतु विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं जन सहभागिता से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर प्रदेश के हरित आवरण में वृद्धि की गई है।


प्रमुख सचिव वन एवं वन्य जीव संजीव सरन ने कहा कि प्रदेश में वन भूमि व संसाधन सीमित होने के कारण वनावरण वृद्धि एक सीमा तक ही सम्भव है, किन्तु प्रदेश के जन संसाधन के दृष्टिगत जन सहयोग व सहभागिता से गैर वन क्षेत्र में वृक्षावरण सृजन की असीमित सम्भावनाएं हैं। जन सहयोग व जन सहभागिता से वृक्षारोपण को जन अभियान बनाने के दृष्टिगत वर्ष 1950 में वन महोत्सव का प्रारम्भ हुआ। वन महोत्सव का उद्देश्य वन को जन से व जन को वन से जोड़ना है।


श्री सरन ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष वन विभाग व अन्य राजकीय विभागों द्वारा करोड़ों की संख्या में पौधे रोपित किए गए हैं। इन पौधों द्वारा 20 वर्षों पश्चात् लगभग 3.30 करोड़ मीट्रिक टन कार्बन सिक्वेस्ट्रेशन होगा। इस प्रकार इन पौधों द्वारा प्रदेश में अमूल्य कार्बन बैंक की स्थापना होगी, जिससे हमारी भावी पीढ़ी को वैश्विक तापमान में वृद्धि एवं जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियों का सामना करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने अवगत कराया कि इस वर्ष प्रदेश में 6 करोड़ पौध रोपित किए जा रहे हैं। इन 6 करोड़ पौधों में से 5 करोड़ पौध 6,161 स्थलों पर 11 जुलाई को एक ही दिन में रोपित किए जाएंगे।


सचिव मुख्यमंत्री शम्भू सिंह यादव ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अच्छा सुयोग है कि मुख्यमंत्री का जन्मदिन तथा वन महोत्सव का शुभारम्भ 1 जुलाई से होता है। मुख्यमंत्री की वन एवं पर्यावरण के संरक्षण में विशेष अभिरुचि है। उनकी लीडरशिप में वर्ष 2012 से अब तक वन विभाग द्वारा 15 करोड़ 56 लाख तथा राज्य सरकार के अन्य विभागों द्वारा 5 करोड़ 40 लाख पौधे कुल लगभग 21 करोड़ पौधे रोपित किए गए हैं। नवम्बर 2015 में एक दिन के 8 घण्टे में 10 स्थानों पर 10 लाख से भी अधिक पौधे रोपित किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने पौधों के रोपण के साथ उनके संरक्षण और संवर्द्धन के पर्याप्त उपाय किए हैं, जिसके कारण लगाए गए पौधे जिन्दा हैं और प्रदेश को हरा-भरा बना रहे हैं। इसकी पुष्टि भारत सरकार के संगठन भारतीय वन संरक्षण की वर्ष 2015 की रिपोर्ट से भी होती है, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि उत्तर प्रदेश में वनावरण में वर्ष 2012-14 के मध्य 261 वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई है।


सचिव मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए योजनाबद्ध रूप से रोपित क्षेत्र का चिन्हीकरण, सुरक्षा, सिंचाई व्यवस्था, पौधषाला का चयन, 8‘-12’ की ऊँचाई के पौधों का रोपण, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, मृदा परीक्षण कर मृदा के अनुरूप पौध प्रजातियों का चयन किया गया है। इसके फलस्वरूप पौधों की जीवितता प्रतिषत में वृद्धि हुई तथा वन स्थिति रिपोर्ट 2015 के अनुसार प्रदेष के हरित आवरण में 65,000 एकड़ की वृद्धि हुई है। शम्भू सिंह यादव ने जल पुरुष राजेन्द्र सिंह द्वारा स्टाॅक होम में ‘ग्रीन यू.पी.-क्लीन यू.पी.’ कार्यक्रम के लिए प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रयासों की प्रषंसा का उल्लेख किया। राजेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री को इन प्रयासों के लिए बधाई भी दी। उन्होंने बताया कि रजवाड़ी से नन्दगंज तक रेलवे ट्रैक के किनारे हरित पट्टी विकसित कर रेलवे ट्रैक को ग्रीन काॅरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा की गयी व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण भी सबके समक्ष किया। उन्होंने आगामी 11 जुलाई को 24 घण्टे के भीतर 5 करोड़ पौधे रोपित करने की राज्य सरकार की योजना में महिलाओं, बच्चों, नौजवानों, पत्रकारों, सेना के जवानों सहित सभी से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की।


प्रधान मुख्य वन संरक्षक उमेन्द्र ने अभ्यागतों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अवगत कराया कि विगत 04 वर्षों में वन एवं वन्य जीव विभाग द्वारा सफलता की नयी ऊंचाइयों को छूने की दिशा में अभिनव प्रयास किए गए हैं। विगत 02 वर्षों में प्रदेश में वनावरण 14349 वर्ग कि.मी. से बढ़कर 14461 वर्ग किमी तथा वृक्षावरण 6895 वर्ग किमी से बढ़कर 7044 वर्ग किमी हो गया है तथा उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वनावरण वृद्धि वाले 05 राज्यों में शामिल है। प्रदेश द्वारा अर्जित यह उपलिब्ध प्रदेश सरकार द्वारा किए गए निरन्तर प्रयासों का प्रतिफल है। उमेन्द्र ने कहा कि 07 नवम्बर, 2015 को एक दिन में प्रदेश के 10 जनपदों में 10.50 लाख से अधिक पौध वितरित कर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। विभाग द्वारा वितरित इन पौधों का रोपण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वानिकी क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उमेन्द्र ने कहा कि प्रथम बार बर्ड फेस्टिवल व इस अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में बर्ड वाचिंग का आयोजन, गौरैया दिवस के अवसर पर 1.13 करोड़ विद्यार्थियों को गौरैया व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाने के साथ ही, एक लाख से अधिक घोंसले वितरित किए गए तथा विगत 04 वर्षों में प्रदेश में 1890 हरित पट्टियां विकसित की गईं।


इस अवसर पर वन क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त करने, दिनांक 07 नवम्बर, 2015 को एक दिन में 10.53 लाख पौध वितरित करने, नबाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान व कानपुर प्राणि उद्यान के प्रबन्धन, गौरैया संरक्षण व प्रचार-प्रसार में सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं प्रभागीय टीमों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर कुकरैल (सूगामऊ-जरहरा) वन खण्ड कुकरैल में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्रमुख सचिव, वन एवं वन्यजीव, सचिव मुख्यमंत्री, विषेष कार्याधिकारी मुख्यमंत्री, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित विशिष्ट जनों, वरिष्ठ अधिकारियों, विद्यार्थियों, सेना के जवानों, प्रसार माध्यमों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा कदम्ब, वरना आदि के 1100 पौधे रोपित किए गए।


मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रमुख सचिव, वन एवं वन्य जीव संजीव सरन, सचिव मुख्यमंत्री शम्भू सिंह यादव, विशेष कार्याधिकारी मुख्यमंत्री जगदेव सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभागाध्यक्ष उमेन्द्र, ब्रिगेडियर आर.डी. सिंह, वन विभाग व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, विद्यार्थियों, सेना के जवानों, प्रसार माध्यमों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों ने पौधा रोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

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