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जब्त हो गयी फूलन की 30 फीट की मूर्ति , अब होगा आन्दोलन

 Tahlka News |  2016-07-25 07:16:45.0

जब्त हो गयी फूलन की 30 फीट की मूर्ति , अब होगा आन्दोलन

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

गोरखपुर. दस्यु सुंदरी से सांसद तक का सफ़र करने वाली फूलन देवी की मूर्ती की स्थापना सोमवार को नहीं हो सकी. गोरखपुर में फूलन देवी शहादत दिवस के जरिये निषाद समाज ने फूलन की प्रतिमा लगाने का फैसला किया था. इसके लिए प्रतिमा का निर्माण भी हो चूका था., मगर प्रशासन ने इसे जब्त कर लिया.

गोरखपुर के नौसड़ चौराहे पर फूलन की 30 फीट ऊँची प्रतिमा की स्थापना के लिए बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग जुटे थे. यही से गोरखपुर- वाराणसी मार्ग की शुरुआत होती है.


इस बहाने निषाद वंशीय समुदाय अपनी ताकत का प्रदर्शन करने वाला था ताकि मुख्य राजनीतिक दलों को राजनीति में निषाद वंशीय समाज को और अधिक भागीदारी देने के विवश कर सके. रैली के लिए दो दिन से अखबारों में फुल पेज के विज्ञापन भी दिए गए थे.

रामगढ़ ताल के किनारे चम्पा देवी पार्क में फूलन देवी की 30 फीट उंची प्रतिमा लोगों के दर्शनार्थ रखी जाने वाली थी और बाद में इसे नौसढ़ चैराहे के पास बाघागाड़ा में स्थापित किया जाना था.

पहले यह मूर्ति गोरखपुर के रूस्तमपुर के पास मिर्जापुर मोहल्ले में निषाद मंदिर में स्थापित होने वाली थी लेकिन निषाद संगठनों के आपसी विवाद के कारण जगह बदल दी गयी.

प्रशासन की इस कार्यवाही के विरोध में अब निषाद समाज के लोग गोरखपुर में धरना शुरू कर रहे हैं.राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद्  व निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय कुमार निषाद ने कहा कि हमारे समाज के साथ यह अन्याय है.कल से प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा.

गोरखपुर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार सिंह बताते हैं कि डा. संजय कुमार निषाद गोरखपुर के रहने वाले हैं और राष्टीय निषाद एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वह पिछले वर्ष तब चर्चा में आए जब उन्होंने निषाद वंशीय समुदाय को अनुसूचित जाति में शािमल कर आरक्षण देने की मांग को लेकर कसरवल में जाट आंदोलनकारियों की तर्ज पर रेल ट्रैक जाम कर दिया था. उनका प्रशासन से टकराव हुआ जिसमें पुलिस फायरिंग में एक नौजवान मारा गया. इसके बाद उनके साहित तीन दर्जन साथियों को जेल जाना पड़ा.

जेल से छूटने के बाद उन्होंने निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल नाम से पार्टी बनाई और कुछ दिन पहले ही पीस पार्टी के साथ गठबंधन किया. इस गठबंधन में महान दल भी शामिल है. पीस पार्टी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के पसमांदा मुसलमानों में अच्छा समर्थन है और वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उसने चार सीटें जीती थीं. इस गठबंधन का प्रदेश में निषाद, और पसमांदा मुसलमानों की एकता से बड़ी राजनीति ताकत बनने का इरादा है.

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