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19 जुलाई को होगी मजीठिया मामले की अंतिम सुनवाई

 Tahlka News |  2016-03-14 13:39:50.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 14 मार्च. ऐसे अखबारों के मालिक जिन्होंने अभी तक मजीठिया बोर्ड को लागू नहीं किया है या फिर नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई होगी। वहीं, ऐसे राज्य जिन्होंने अभी तक कोई स्टेटस रिपोर्ट फाइल नहीं की है उनके पास आखिरी ये मौका है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो राज्य के मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना होगा।

IFWJ के सेक्रेटरी जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वकील परमानंद पांडेय ने जानकारी दी कि भारत सरकार को मजीठिया रिपोर्ट 31 दिसंबर 2010 को सौंपी गई थी। लेकिन इससे पहले कि रिपेार्ट को भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाता, आनंद बाजार पत्रिका और बेनेट कोलमेन एंड कंपनी के नेतृत्व में समाचार पत्रों के मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। इन लोगों ने वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट और मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को रद्द करने की मांग की।

वहीं, श्रम मंत्रालय ने समाचार पत्र उद्योग की आपत्तियों के बावजूद 2007 में मजीठिया वेतन बोर्ड का गठन किया था और इसके बाद जनवरी, 2008 से कर्मचारियों को मूल वेतन का 30 फीसदी तदर्थता के आधार पर अंतरिम राहत देने की घोषणा की गई थी। भारी वित्तीय बोझ के बावजूद समाचार-पत्र उद्योग ने इसे लागू किया था।

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