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AMZAING: मेडिकल साइंस का कारनामा, 67 की उम्र में बनी माँ

 Anurag Tiwari |  2016-05-25 01:45:17.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो

गोरखपुर. हर औरत का सपना होता है माँ बनकर ममता लुटाना। ऐसे में अगर कोई ब्याहता शादी के 48 सालों बाद भी संतान का मुंह न देख सके तो वर्तमान ताने-बाने में उसकी सामजिक और मानसिक हालत समझना मुश्किल नहीं है। लेकिन इन्हीं निराशाओं के बीच गोरखपुर की एक बुजुर्ग महिला के लिए मेडिकल साइंस ने चमत्कार कर दिया।

67 की उम्र में बनी माँ

शादी के 48 वर्ष बाद मातृत्व सुख की प्राप्ति न कर पाने की वजह से घरवालों और समाज के ताने सुनने के बाद 67 वर्ष की अध्यावती की गोद भी भर गई। खजनी निवासी जय प्रकाश पांडे की पत्नी 67 वर्षीय आद्यावती ने टेस्ट ट्यूब तकनीक से बेबी को जन्म दिया है। संतान के लिए तरस रही इस दम्पति का उस वक्त ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उनकी गोद में मासूम ने किलकारियां भरीं। वर्तमान में जच्चा-बच्चा दोनों हॉस्पिटल में हैं और पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं।


डॉ सोना घोष से मिला परेशान दम्पति

मातृत्व सुख से वंचित महिला बेहद परेशान थीं, विवाह के 48 वर्ष बाद भी आद्यावती को मा बनने का सौभाग्य नहीं मिल सका। वह अपने आप को दुनिया की सबसे अभागन औरत समझ रही थीं। समाज के साथ ही ससुराल में मिल रहे तानों से उनकी जिंदगी दूभर होती जा रही थी। इसी बीच उनको उम्मीद की लौ दिखी। पति ने मेडिकल साइंस की तरक्की के हर पहलू को देखा और उन्होंने अपनी पत्नी के लिए हर बात आजमाने का निर्णय लिया। इसके बाद वे गोरखपुर की मशहूर डॉक्टर डॉ सोना घोष से मिले। जिन्होंने साड़ी जांच करने के बाद टेस्ट ट्यूब टेक्निक का सहारा लेने का फैसला किया। उसी का नतीजा है जय प्रकाश पांडे की पत्नी को भी मातृत्व सुख मिल सका।
चमत्कार माना जा रहा है इस उम्रे में बच्चा होना

एक तरफ जहां महिला का जहां पूरा परिवार फूले नहीं समा रहा है वहीं दूसरी ओर इस उम्र में संतान प्राप्ति को विशेषज्ञ भी चमत्कार की तरह देख रहे है। यह अपने तरह का पहला मामला नहीं है लेकिन इस उम्र में टेस्ट ट्यूब से बच्चे को जन्म देना डॉक्टरों को भी आश्चर्यचकित कर रहा है।

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