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जन्मदिन विशेष : जानें सायना नेहवाल के बारे में 10 खास बातें

 Ankur |  2017-03-16 18:40:22.0

जन्मदिन विशेष : जानें सायना नेहवाल के बारे में 10 खास बातें

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. आज बैडमिंटन खिलाडी सायना नेहवाल का जन्मदिन है सायना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाडी है वर्तमान में वह दुनिया की सबसे अच्छी महिला बैडमिंटन खिलाडी है तथा इस मुकाम तक पहुचने वाली पहली भारतीय महिला है इस मौके पर जाने सायना नेहवाल के बारे में दस खास बातें...

पूरा नाम सायना हरवीर सिंह नेहवाल

जन्म 17, मार्च 1990

जन्मस्थानहिसार

माता उषा रानी नेहवाल

पिता

हरवीर सिंह नेहवाल

#1 साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरयाणा के हिसार में डॉ हरवीर सिंह और ऊषा रानी के घर हुआ। उनके पिता हैदराबाद में राजेंद्रनगर के ICAR, के प्रिंसिपल वैज्ञानिक है और वहां के डायरेक्टरेट ऑफ़ ओइलसीड्स रिसर्च हैं। उनकी एक बहन भी जिसका नाम अबू चंद्रांशु नेहवाल है।

#2 साइना ने बैटमिंटन खेलना छह साल की उम्र में शुरू किया और इसके पीछे का श्रेय वें अपने माता पिता के प्रोत्साहन को देती हैं। हर सुबह प्रैक्टिस के लिए वें और उनके पिता 25 किलोमीटर दूर जाया करते थे।

#3 साल 2006 में वें पहली बार चर्चा में आई जब 16 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-19 चैंपियनशिप जीती। इसके अलावा इतिहास रचते हुए एक बार नहीं बल्कि दो बार एशियाई सॅटॅलाइट चैंपियनशिप जीती। उसी साल वांग यिहान के हातों वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में हारते हुए वें दूसरी स्थान पर रहीं।

#4 इसके साथ ही 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स खेलों के क्वार्टर फाइनल में पहुंचनेवाले वें पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनी। उसके बाद वें चाइनीज़ टाईपे ओपन के फाइनल में लीडिया चेह ली या को हराकर ख़िताब जीता। उसी साल वर्ल्ड सुपर सीरीज के फाइनल में वें पहुंची और उन्हें "मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर" घोषित किया गया।

#5 साल 2009 उनके लिए और खास था, क्योंकि उस साल वें सुपरसीरीज ख़िताब जीतनेवाली पहली भारतीय बनी। इंडोनेशिया ओपन के फाइनल में उन्होंने चीन के वांग लीं के हातों तीन गेम जीते। उसी साल हैदराबाद में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में वें पहुंची। साल 2009-10 के लिए उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया।

#6 साल 2010 उनके लिए और ज्यादा अच्छा रहा, वें ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल तक पहुंची और फिर महिलाओं के टीम की अगुवाई करते हुए उन्होंने उबर कप जीता। लेकिन साल की सबसे अच्छी बात रही दिल्ली का कामनवेल्थ खेल जिसमें मलेशिया के वोंग मियाउ छु को हारते हुए स्वर्ण पदक जीता। जीत के बात उन्होंने कहा

#7 इसके दो साल बाद लंदन ओलंपिक्स में पदक पाने वाली पहली भारतीय बनी। उन्हें कांस्य पदक मिला जब चीन की वांग सिन ने चोट के चलते मैच बीच में छोड़ दिया। उस समय स्कोर 18-21, 0-1 था।

#8 साइना नेहवाल ने अपने हे देश की पी वी सिंधु को हारते हुए दूसरा इंडियन ओपन खिताब जीता। साल के अंत में उन्होंने चाइना यूएन सुपरसीरीज जीती। ऐसा करनेवाली वें पहली भारतीय हैं।


#9 लेकिन इतिहास के पन्नो में बैडमिंटन का नाम साल 2015 के लिए जाना जाएगा। उस साल साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप और बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची। इसके अलावा अप्रैल में वें नंबर 1 स्थान पर पहुंची। ऐसे करनेवाली वें पहली भारतीय बैटमिंटन खिलाडी बनी।

#10 साल 2015 का अंत अच्छा नहीं रहा, क्योंकि वें दुबई सुपरसीरीज के सेमीफाइनल में नहीं पहुँच पाई, लेकिन उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। दूसरे ग्रुप मैच में उन्होंने कैरोलिना मरीन को हराया।

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