Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

नकली नोट मिले तो ऐसे बचें नुकसान से, अपनाएं ये उपाय, नहीं होगा घाटा

 Anurag Tiwari |  2016-11-01 05:00:57.0

FICN, fake currency, Diwali, Deepawali, RBIतहलका न्यूज ब्यूरो 


लखनऊ. त्योहारों का मौसम है और खासतौर से दिवाली के मौके पर बाजार में खरीददारी बढ़ गई है. ऐसे में बिजनेस कम्युनिटी के साथ -साथ बाजार पर बुरी निगाह रखने वाले एलिमेंट्स भी एक्टिव हो गए हैं. ये कोई और नहीं बल्कि जाली नोटों के सौदागर हैं, जो आपकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालने की फिराक में हैं. मौके की नजाकत को देखते हुए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है कि बाजार में 500 या 1000 के नोटों का ट्रांजेक्शन करते समय सावधान रहें. जरा सी लापरवाही से बाजार में सर्कुलेट हो रहा जाली नोट आपकी जेब में पहुंच सकता है. यह जाली नोट न केवल आपको फाइनेंसियल लॉस पहुंचाएगा बल्कि आपको कानूनी पेचीदीगियों में भी फंसा सकता है.


क्या है असली करेंसी नोट की पहचान


आम आदमी के लिए असली और नकली नोटों की पहचान करना मुश्किल होता है, लेकिन अगर ध्यान से देखा जाए तो इनमे फर्क को आसानी से पहचाना जा सकता है.




  • असली करेंसी नोटों की बाईं तरफ महात्मा गांधी का हल्का शेडेड वॉटर मार्क होता है.

  • सिक्योरिटी थ्रेड पर भारत और आरबीआई लिखा होता है. ध्यान रहे कि 5 से 50 रुपये के नोटों के तार पर केवल भारत छपा होता है.

  • 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों की कीमत रंग बदलने वाली इंक यानि ऑप्टिकल वैरिएबल इंक से लिखी होती है.

  • नोट के बाईं तरफ गोल, तिकोना, आयताकार उभरा हुआ चिन्ह बना होता जो ब्लाइंड लोगों के लिए पहचान चिह्न का काम करता है

  • यह चिन्ह 20 रुपये में वर्टिकल रेक्टेंगल, 50 रुपए में चकोर, 100 रुपये में ट्राइएंगल, 500 रुपये में गोल और 1000 रुपये में डायमंड शेप में होता है.


बांग्लादेश से आती है खेप
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ नकली नोटों की खेप बांग्लादेश में बैठे आईएसआई के एजेंट कलीम बंगाली के नेटवर्क के जरिए लाई जाती है. कलीम बंगाली आईएसआई की शह पर बांग्लादेश में बैठकर नकली नोटों का नेटवर्क चला रहा है. पिछले एक दशक में आईएसआई ने नकली नोटों के खेल में बड़ा बदलाव किया है. आईएसआई ने नकली नोटों का कारोबार नेपाल की जगह अब बांग्लादेश से चलाना शुरू कर दिया है. आईएसआई के इस नापाक काम को बांग्लादेश में बैठे कलीम बंगाली जैसे उसके एजेंट अंजाम दे रहे हैं.खुफिया एजेंसियों के मुताबिक नकली नोटों की खेप मालदा से लेकर पटना होते हुए उत्तर बिहार और यूपी में दाखिल होते हैं.


फरक्का और मालदा हैं एंट्री पॉइंट
नकली नोटों की खेप पहले बांग्लादेश बॉर्डर से बाइक के जरिये पहले फरक्का और मालदा आती है. वहां से आसपास के इलाके में रहने वाले गरीब ग्रामीणों और मजदूरों के हाथ ये नोट मालदा और फरक्का से ट्रेन के जरिए देश के दूसरे हिस्सों में भेजी जाती है. इस खेल में महिलाओं के भी शामिल होने की बात सामने आई है. फरक्का जिले के कालीचक, मालदा, अर्जुनपुर बीहड़ जैसे इलाके बांग्लादेश बॉर्डर पर स्थित हैं.


2005 से पहले की सीरीज से सावधान
2005 से पहले छपे करेंसी नोटों में सिक्योरिटी फीचर कम थे, जिसके कारण नकली नोट बनाने वाले 2005 के पहले की सीरीज की ही नकल करते हैं. आरबीआई ने ऐसे नोटों को सर्कुलेशन से हटाने का फैसला किया है. इससे दो फायदा है एक तो नकली नोटों का खतरा कम होगा और दूसरा ब्लैक मनी कम होगी.


एटीएम से निकले नकली नोट तो...

  •  हर एटीएम में गार्ड के पास एक रजिस्‍टर होता है. अगर गार्ड न मौजूद हो तो तुरन्त नकली नोटों को सीसीटीवी कैमरे की तरफ करके दिखाएं.

  • अगर गार्ड मौजूद है तो उससे रजिस्‍टर मांगे और उस पर नोट का नंबर, एटीएम स्लिप  स्लिप पर प्रिंटेड ट्रांजैक्‍शन आईडी नंबर, डेट और टाइम लिख साइन कर दे

  • इस रजिस्‍टर पर गार्ड के साइन भी लें

  • रजिस्टर पर दर्ज अपनी शिकायत का फोटो मोबाइल से ले.

  • इसके बाद एटीएम जिस बैंक की ब्रांच से कनेक्‍टेड है उस ब्रांच के मैनेजर से मिल कर भी अपनी शिकायत जरूर दर्ज कराएं.

  • आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार, हर बैंक में नकली नोट की जांच के लिए स्‍कैनर लगा होता है.

  • आपकी कंप्लेंट पर बैंक नोट की जांच करेगा, जांच में नोट अगर नकली पाया जाएगा तो बैंक आपको इसके बदले नया नोट जारी करेगा.

  • बैंक नकली नोट को अपने करेंसी चेस्‍ट में जमा करेगा और बाद में इसे नष्‍ट कर दिया जाएगा.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top