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'भगवान श्री राम जिस रास्ते से वनवास गए थे वो अब हाईवे बनेगा'

 Abhishek Tripathi |  2016-07-28 04:24:25.0

ram_van_gaman_margतहलका न्यूज ब्यूरो
अयोध्या. भगवान राम की स्मृतियों को संजोने के लिए अब अयोध्या और चित्रकूट के बीच 'रामवनगमन मार्ग' को हाईवे का रूप दिया जाएगा। इस हाईवे के बनने से अयोध्या और चित्रकूट के बीच कम से कम 50 किमी की दूरी कम होगी। ये हाईवे यूपी के चार जिलों को आपस में जोड़ेगा। लोक निर्माण के मुख्य अभियंता एनएच. पांडेय के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी नेशनल हाईवे इस पथ का निर्माण करेगी।


बता दें कि सुल्तानपुर, त्रेतायुग में भगवान श्रीराम को जब 14 वर्ष का वनवास मिला तो सीता व लक्ष्मण के साथ वे वल्कल वस्त्रधारण कर वन के लिए निकल पड़े। करीब 350 किमी. पैदल चलकर उन्होंने चित्रकूट के जंगल में आश्रय लिया। उन्हीं स्मृतियों को संजोने के लिए करीब दो दशक पहले अयोध्या से चित्रकूट को जाने वाली इस राह को नाम दिया गया 'रामवनगमन मार्ग'।


रामायणकालीन ग्रंथों व श्रीरामचरित मानस में भी इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि जब राजा दशरथ ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास किया तो वे बरास्ते दक्षिण कोशल (वर्तमान सुल्तानपुर ), बेल्हा (वर्तमान प्रतापगढ़) व प्रयाग (वर्तमान इलाहाबाद) से गुजरने वाली पगडंडियों से होते हुए चित्रकूट के घने जंगलों में जाकर सीता व लक्ष्मण के साथ आश्रय लिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए सन् 1991 में जब रामलहर के चलते बीजेपी सत्ता में आई तो कल्याण सिंह ने बतौर मुख्यमंत्री पहली बार सूबे की कमान संभाली। उन्होंने अयोध्या से चित्रकूट को जाने वाले वर्तमान मार्ग को रामवनगमन मार्ग का नाम दिया। करीब 350 किमी. लंबे मार्ग पर जगह-जगह 'राम वनगमन मार्ग' इंगित करने वाले पत्थर भी लगाए।


पुरानी योजना पर अब अमल
राम वन गमन पथ बनाने की योजना डेढ़ दशक पुरानी है। उस वक्त इलाहाबाद को बौद्ध और सिख सर्किट से जोड़ने की योजना थी। राम वन गमन पथ तीसरा सर्किट था। योजना बनाते समय राम वन गमन पथ पर सस्ती सरकारी टूरिस्ट बस चलाने की योजना बनी थी।

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