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भाजपा में रार:पूर्व सांसद रमाकांत यादव का राजनाथ पर तीखा हमला

 Tahlka News |  2016-06-11 10:28:20.0

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रमेश सिंह/ तहलका न्यूज़ ब्यूरो

आजमगढ़. मऊ में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित सामाजिक न्याय आंदोलन रैली से लौटने के बाद पूर्व सांसद और मुलायम सिंह को लोकसभा चुनावो में कड़ी टक्कर देने वाले भाजपा नेता रमाकांत यादव बहुत आहत नजर आये. रमाकांत ने इस रैली को दिखावा मात्र बता दिया.

आजमगढ़ के पूर्व बाहुबली  सासंद ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दल को कमजोर करने की साजिश है. सपा मुखिया मुलायम सिंह के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले रमाकांत यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पिछड़ी जाति के यादव, कुर्मी व गुर्जर जो भाजपा के साथ आया था उसको भगाने व मुलायम सिंह के साथ जाने के लिए मजबूर करने की साजिश की जा रही है.


उन्होने राजनाथ सिंह पर इशारे ही इशारे में आरोप लगाते हुए कहा कि दल को कमजोर किया जा रहा है साथ ही समाज को भी तोड़ा जा रहा है और मुलायम सिंह यादव को ताकत दी जा रही है.

पूर्वांचल में पिछड़ो की राजनीति करने वाले बाहुबली पूर्व सासंद का कहना है कि राजनाथ सिंह की सामाजिक न्याय सम्मेलन में उनके साथ न्याय नही हुआ. पूर्व सासंद को कार्यक्रम में उचित स्थान भी नही दिया गया.

रमाकांत यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह मोदी की जगह खुद मन में प्रधानमंत्री बनने का सपना संजोए थे. इसके लिए उन्होंने मुलायम सिंह यादव की मदद लेने की भी सोच रखी थी.

रमाकांत यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को पार्टी से निकलवाने और यूपी में भाजपा की बदहाली के लिए राजनाथ सिंह ही जिम्मेदार रहे. उन्होंने दावा किया कि मऊ में राजनाथ सिंह के बयान से यादव और कुर्मियों की नाराजगी से पार्टी को 2017 में नुकसान उठाना पड़ सकता है.

राजनाथ सिंह पर हमलावर रमाकांत यादव ने कहा कि राजनाथ ने यूपी में मुख्यमंत्री रहते हुए पिछड़ों को बांटने का प्रयास किया. यही वजह रही कि वर्ष 1991 में पिछड़े वर्ग के नेता कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी. 1993 में भाजपा ने 177 व 1997 में 176 सीटें जीती लेकिन वर्ष 2002 जब पार्टी राजनाथ सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ी तो 86 तथा वर्ष 2007 में 55 व 2002 में 45 सीटों पर सिमट गयी.

चूंकि राजनाथ सिंह की साजिश से कल्याण सिंह पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए, इस नाते पिछड़े वर्ग ने भी पार्टी से दूरी बना ली.

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