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नोटबंदी से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े उद्यमों पर मंदी की मार

 Sabahat Vijeta |  2016-12-21 17:22:42.0

Taj Mahal


आगरा. नोटबंदी के बाद से उपजे वित्तीय संकट की मार पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ी है। स्मारकों को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ गई। होटलों, एम्पोरियमों के साथ ही ट्रेवल एजेंसियों समेत पर्यटन व्यवसाय से जुड़े उद्यमों पर मंदी की मार छाई हुई है। कैश की किल्लत के कारण पर्यटकों ने अपनी बुकिंग भी रद्द करा दी हैं। एक अनुमान के अनुसार देशी पर्यटकों की संख्या में बीस से पच्चीस प्रतिशत तक कमी आई है। हालांकि पांच सितारा होटलों पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन बजट क्लास होटल पर्यटकों की कमी की मार झेल रहे हैं।


टूरस्टि वैलफेयर चैम्बर के अध्यक्ष प्रह्लाद अग्रवाल कहते हैं कि पर्यटकों की संख्या में नोटबंदी के शुरुआती दिनों 25 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट थी। यह गिरावट अभी भी पंद्रह से बीस प्रतिशत बनी हुई है। इंटरनेट पर देश में कैश के संकट की जानकारी मिलने के बाद अनेक विदेशी पर्यटकों ने अपना भ्रमण टाल दिया है। देशी पर्यटकों ने भी अपने कदम रोक लिये हैं। भ्रमण स्थगित करने वाले सैलानियों में अकेले-दुकेले आने वालों की संख्या अधिक है। ट्रेवल एजेंटों के माध्यम से समूह में घूमने आने वालों की संख्या फिर भी राहत दे रही है, लेकिन कैश की कल्लित के कारण पर्यटकों की खरीददारी की क्षमता घट गई है। इससे पर्यटन कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है।


फेडरेशन ऑफ टूरिस्ट एंड ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी भी मानते हैं कि नोटबंदी के कारण देशी पर्यटकों में बड़ी गिरावट आई है, जो देशी पर्यटक आ भी रहे हैं वे सीमित नकदी के कारण केवल स्मारकों को देखने पर ही जोर दे रहे हैं। अन्य खरीददारी के प्रति उनकी रुचि घट गई है। हालांकि उन्होंने माना कि विदेश पर्यटकों की संख्या पर प्रभाव नहीं पड़ा है। विदेशी पर्यटक डिजिटल भुगतान या फिर विदेशी मुद्रा में पेमेंट कर रहे हैं। पर्यटकों में गिरावट से उनसे जुड़ा व्यवसाय भी मंदी के दौर से गुजर रहा है। अगले वर्ष भी बहुत सुधार की उम्मीद नहीं की जा रही है।


टूरिस्ट टूरस्टि वैलफेयर चैम्बर के सचिव अनूप गोयल पर्यटन व्यवसाय में 25 से पचास प्रतिशत तक की गिरावट मानते हैं। वह कहते हैं कि नोटबंदी के कारण पर्यटकों को भुगतान में निरंतर संकट की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यह सीजन पूरी तरह नोटबंदी की भेंट चढ़ गया। सरकार की ओर से तीस दिसम्बर के बाद राहत मिलने की उम्मीद है।


ज्यादातर पर्यटन कारोबार एजेंटों के भरोसे चलता है। अधिकांश एजेंट या फिर मान्यता प्राप्त गाइड अपना कमीशन नकद में ही लेना चाहते हैं। नकदी की कमी के कारण यह रोजाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कुछ एजेंट तो चेक से कमीशन ले रहे हैं, वहीं कुछ इसे बाद के लिए टाल रहे हैं। मान्यता प्राप्त गाइडों को सरकार की ओर से लाइसेंस दिये जाते समय किसी प्रकार के उपहार या कमीशन न लेने के लिए पाबंद किया जाता है, लेकिन कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कुछ व्यापारी उन्हें नकद में कमीशन देते रहे हैं। ऐसे गाइड चेक से कमीशन लेने को तैयार नहीं है। रात्रि प्रवास घटने से होटल प्रभावित होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा का कहना है कि दिन में स्मारक देखने वाले विदेश पर्यटकों की संख्या में भले ही कमी न आई हो, लेकिन रात्रि प्रवास करने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 35 प्रतिशत तक गिरावट आ गई है। इससे होटल कारोबार प्रभावित हुआ है। उनहोंने दावा किया कि पिछले साल नवम्बर 2015 तक करीब 99 हजार विदेशी पर्यटकों ने रात्रि प्रवास किया था, जबकि इस साल नवम्बर तक केवल 64 हजार विदेशी पर्यटकों ने ही रात्रि प्रवास किया।

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