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SEX PARTIES में हो रही वोटों की बार्गेनिंग, चुनाव आयोग है चुप

 Abhishek Tripathi |  2017-02-05 04:15:40.0

SEX PARTIES में हो रही वोटों की बार्गेनिंग, चुनाव आयोग है चुप

तहलका न्‍यूज ब्यूरो
लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में वोटरों को लुभाने की एक नई तरकीब को इजात किया गया है। ज्‍यादा से ज्‍यादा वोट हासिल करने के लिए राजनीतिक दल सेक्‍स वर्कर्स का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। वोटों के ठेकेदारों को सेक्‍स वर्कर्स के जरिए खुश किया जा रहा है ताकि वो उनकी झोली वोटों से भर सकें। हालांकि, इससे पहले वोट हासिल करने के लिए राजनीतिक दल शराब और पैसा पानी की तरह बहाते देखे गए हैं। वहीं, अब यूपी चुनाव को देखते हुए सेक्‍स वर्कर्स की डिमांड बढ़ गई है और उनको ओवरटाइम तक करना पड़ रहा है। इसके लिए राजनीतिक दल जमकर पैसा खर्च कर रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो, यूपी के तमाम रेड लाइट एरिया में सेक्‍स वर्कर्स के रेट अचानक से बढ़ गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वोटों के ठेकेदारों को रिझाने के लिए सेक्‍स वर्कर्स की डिमांड भी काफी बढ़ गई है। वहीं, चुनाव आयोग भी इस मामले में चुप्‍पी साधे बैठा है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

एक सेक्‍स वर्कर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सिर्फ लखनऊ में प्रतिदिन सेक्‍स वर्कर्स का कारोबार करीब 1 करोड़ रुपए का है। लेकिन, यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कारोबार में अचानक तेजी आ गई है। ऐसी कई सेक्‍स वर्कर्स हैं जिन्‍हें एडवांस में महीने भर के लिए बुक कर लिया गया है। बता दें, पार्टी के ऐसे तमाम कार्यकर्ता हैं जिन्‍हें पैसे देकर पार्टी आयोजित कराई जा रही है। इन पार्टियों में वोटों के ठेकेदार शामिल होते हैं। पार्टियों में ठेकेदारों को खूब खुश किया जाता है। इसके बाद वोटों के लिए बॉर्गेनिंग की जाती है।

राजधानी के इन इलाकों में चल रहा सेक्‍स कारोबार
राजधानी के गोमतीनगर, इंदिरानगर, आशियाना जैसे कई बड़े इलाके हैं जहां सेक्‍स का कारोबार खुलेआम किया जा रहा है। कई बार इन इलाकों में पुलिस ने रेड कर सेक्‍स वर्कर्स को पकड़ा है, लेकिन कारोबार कभी ठप नहीं हुआ। एक एनजीओ के मुताबिक राजधानी लखनऊ में लभग 5000 छोटे-बड़े जिस्मफरोशी के अड्डे हैं इसमें झोपड़पट्टी से लेकर पॉश इलाके की कोठी और लग्जरी होटल भी शमिल हैं।

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