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यूपी चुनाव: पहले चरण का मतदान कल, कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर

 Avinash |  2017-02-10 16:39:11.0

यूपी चुनाव: पहले चरण का मतदान कल, कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पहले चरण के विधानसभा चुनावो में कल 15 जिलों की 73 सीटों पर मतदान होगा. पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और कासगंज जिलों में मतदान होना है. पहले चरण के चुनाव में एक करोड़ 17 लाख महिलाओं समेत कुल दो करोड़ 60 लाख मतदाता कुल 839 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. मतदान के लिये 26,823 केन्द्र बनाये गये हैं. राज्य में 11 फरवरी से आठ मार्च के बीच सात चरणों में मतदान होना है.

पहले चरण के लिए गुरूवार चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था. चुनाव आयोग ने कल शाम पांच बजे सभी राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों को क्षेत्र छोड़ने छोड़ने का फरमान सुना दिया था, जिसके बाद नेताओं के समर्थक घर घर जाकर लोगों से वोट मांग रहे हैं.

बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ सीटों को बेहद अहम माना जा रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इन सीटों पर मुस्लिम और जाट मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. कभी रालोद प्रमुख अजित सिंह का गढ़ रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर इस बार कड़ा मुकाबला होने की सम्भावना बनती दिख रही है. इन सीटों में बागपत, शामली,मथुरा, माँठ, सादाबाद, बुलन्दशहर, शिकारपुर, लौनी, खैर, इगलास आदि शामिल हैं. इन सीटों पर अजीत सिंह के रालोद उम्मीदवार कहीं सपा कांग्रेस गठबंधन, कहीं बहुजन समाज पार्टी तो कहीं बीजेपी से सीधे मुकाबले में हैं.


कई दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला
पहले चरण में विभिन्न पार्टियों के कई छत्रपों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी. नोएडा सीट पर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका कैराना से, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर मथुरा सीट से तथा भाजपा के विवादास्पद विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा क्रमश: सरधना और थाना भवन से चुनाव लड़ रहे हैं. पहले चरण में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से गाजियाबाद का साहिबाबाद सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है, वहीं एटा का जलेसर सबसे छोटा क्षेत्र है. आगरा दक्षिण सीट से सबसे ज्यादा 26 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं हस्तिनापुर से सबसे कम छह प्रत्याशी मैदान में हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र से सपा और बसपा ने 24-24 सीटें जीतकर कामयाबी हासिल की थी, तो वहीँ अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल को 9 तथा कांग्रेस को पांच सीट मिली थी, जबकि भाजपा को केवल 11 सीटें मिली थीं.

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