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ANALYSIS: अयोध्या से इस 'किन्‍नर' ने नहीं लड़ा चुनाव, BJP को हो सकता है फायदा

 Abhishek Tripathi |  2017-02-28 03:09:49.0

ANALYSIS: अयोध्या से इस

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
अयोध्या. इन दिनों यूपी विधानसभा चुनाव की लहर ज़ोरो-शोरों से हैं। जिसमें से अब तक 5 चरण के चुनाव हो चुके हैं और 3 चरण के बाकी हैं। ज़ाहिर है ऐसे में यूपी में इन चुनावों को मद्देनज़र रखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी ताबड़तोड़ रैलियां भी कर रहीं हैं ताकि वो इन चुनावों में अपनी जीत सुनिश्चित कर सके।

दरअसल बात है 1990 के दशक की है। 1990 के दशक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अन्य हिंदू संगठनों के राम मंदिर आंदोलन की वजह से अयोध्या की सीट पर 1991 से लगातार भगवा का कब्ज़ा रहा, लेकिन 2012 में एक किन्नर की वजह से यहां 'कमल' नहीं खिल सका, क्योंकि 2012 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) के तेजनारायण पांडेय उर्फ़ पवन पांडे ने बीजेपी के लल्लू सिंह का विजयी रथ रोककर रामलला की नगरी में साइकिल दौड़ाई। दरअसल, पवन पांडेय की जीत और लल्लू सिंह की हार के पीछे किसी आदमी या किसी औरत का नहीं बल्कि एक किन्नर का हाथ था।

इस किन्नर का नाम है गुलशन बिंदु। गुलशन बिंदु चुनाव तो नहीं जीत सकीं थीं, लेकिन 22 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर उन्होंने बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया था। वहीं, इस बार के चुनाव की बात करें तो, बीजेपी के लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि बिंदु अपने ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन की वजह से चुनावी मैदान में नहीं उतरी हैं।

जानिए कौन है गुलशन बिंदु
गुलशन बिंदु बिहार के सीतामढ़ी जि़ले की रहने वाली हैं, लेकिन उनका जन्म दिल्ली के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। कुछ दिनों तक बिंदु के मां-बाप ने समाज से इस बात को छुपाए रखा कि वो किन्नर हैं, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को पता चल ही गया और पांच साल की उम्र में किन्नर समुदाय के लोगों ने बिंदु को गोद ले लिया। उन्हे गुलशन बिंदु नाम भी किन्नर समुदाय के लोगों ने ही दिया था।

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