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बाहरी पर केशव मौर्या का अजीब बयांन , 50 सीटो पर हमारे कार्यकर्ता नहीं थे जिताऊ

 Utkarsh Sinha |  2017-01-28 08:39:58.0

बाहरी पर केशव मौर्या का अजीब बयांन , 50 सीटो पर हमारे कार्यकर्ता नहीं थे जिताऊ

तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. चुनावो में 300 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावा करने वाले भाजपा के यूपी प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या ने एक अजीब बयान दे दिया. केशव मौर्या ने कहा है कि 50 सीटो पर हमारे कार्यकर्त्ता जिताऊ नहीं थे इसलिए हमने बाहरियों को टिकट दिया.

केशव का यह बयांन तब आया है जब भाजपा के टिकटों के खिलाफ कई जगह पार्टी में विद्रोह हो गया है और लखनऊ, इलाहाबाद और बनारस में खुद केशव मौर्या को ही जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा है.केशव मौर्या के इस बयांन के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि जिस पार्टी को 2014 में प्रचंड जीत मिली थी और जो अपने पास रिकार्ड संख्या में सदस्यता का दावा करती रही हो उसके पास 50 विधानसभा सीटों पर जीतने लायक प्रत्याशी ही नहीं है ?
भाजपा के प्रत्यशियों की सूची जारी होने के बाद से ही मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा. पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी इस असंतोष को ख़त्म करने के लिए लगायी है. कई सीटों पर भाजपाई लोग ही निर्दलीय उम्मीदवारों की तरह मैदान में ताल ठोक रहे है. यहाँ तक कि अपने किले में ही योगी आदित्यनाथ के पुतले फूंके गए और उनका खुद का संगठन हिन्दू युवा वाहिनी बागी हो गया है. केशव मौर्या के संसदीय क्षेत्र कौशाम्बी में ही खुद केश मौर्य पर टिकट बेचने के आरोप लगे हैं.

कैंट विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव के पुत्र सौरभ श्रीवास्तव को टिकट दिए जाने को लेकर कार्यकर्त्ता भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगा रहे हैं. इसी तरह वाराणसी की शहर दक्षिणी सीट से रिकार्ड बार विधायक रहे श्यामदेव राय चौधरी का टिकट काटने के बाद वहां भी गुस्सा है. मौर्य ने हालांकि कहा कि पार्टी श्याम देव राय चौधरी का बहुत सम्मान करती है और हम आगे भी उनका सम्मान करेंगे. उन्होंने कहा कि विरोध कर रहे कार्यकर्त्ता हमारे अपने हैं और हम उन्हें मना लेंगे.

बस्ती के सांसद हरीश दिवेदी के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने उनके घर का घेराव कर दिया अतो वही पार्टी सांसद श्यामाचरण गुप्ता टिकट बंटवारे से इतने खफा हैं कि प्रचार से अलग हो कर वे घर बैठ गए हैं.

केशव मौर्या के लिए यह स्थिति आसान नहीं है. हालाकि वे बहुत विश्वास से कह रहे हैं कि स्थिति सम्हाल ली जाएगी और नाराज लोगो को मन लिया जायेगा. मगर शनिवार को जिस तरह से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विरोध लखनऊ में हुआ वह पार्टी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

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