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योगी समर्थक बना रहे दबाव की रणनीति, 35 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी !

 Utkarsh Sinha |  2017-01-13 12:42:35.0

योगी समर्थक बना रहे दबाव की रणनीति, 35 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी !

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. भाजपा के फायर ब्रांड हिन्दुत्ववादी सांसद योगी आदित्यनाथ की पार्टी से नाराजगी अब कोई छिपी बात नहीं रही है. जिस तरह से योगी आदित्यनाथ भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक से तमतमाए हुए निकले थे उससे यह बात और साफ़ हो गयी कि पार्टी नेतृत्व द्वारा लगातार की गयी उपेक्षा से अब योगी और उनका संगठन हिन्दू युवा वाहिनी बेचैन हैं और इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि पूर्वांचल में योगी के प्रभाव वाले 35 सीटो पर हिन्दू युवा वाहिनी अपने उम्मीदवार उतार सकता है.

इस बीच हिन्दू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने योगी से उनकी पार्टी में शामिल होने का आह्वान किया है. कमलेश तिवारी का कहना है कि अखिल भारतीय हिन्दू महासभा योगी की पुरानी पार्टी है और महंत अवैद्यनाथ भी इस पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं. इतना ही नहीं वर्ष 2002 में जब योगी ने भाजपा से बगावत कर के तत्कालींन भाजपा सरकार में मंत्री रहे और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार शिव प्रताप शुक्ल के खिलाफ डा. राधा मोहन दास अग्रवाल को हिन्दू महासभा के टिकट पर ही चुनाव लड़ाया था और शिव प्रताप शुक्ल चुनाव हार गए थे.

कमलेश तिवारी ने कहा है कि यदि योगी घर वापसी करते हैं तो वे योगी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर देंगे.

इस बीच योगी के संगठन हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा है कि " यदि भाजपा हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों और और कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं देती तो संगठन अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव में उतरने से मना नहीं करेगा.

हिन्दू युवा वाहिनी के करीब 3 वर्तमान और 7 पदाधिकारी चुनाव लड्ना चाहते हैं. इसमें सर्वाधिक प्रत्याशी कुशीनगर और गोरखपुर इलाके में हैं. इसके अलावा बलरामपुर, गोंडा, बस्ती और महाराजगंज में भी योगी ने अपने समर्थको के लिए टिकट मांगे हैं. इन इलाको में योगी का संगठन काफी मजबूत है. योगी समर्थको का दावा है कि पूर्वांचल की 35 सीटें बिना योगी के नहीं जीती जा सकती और अगर भाजपा ने इन सीटो पर योगी के उम्मीदवार नहीं उतारे तो हिन्दू युवा वाहिनी अपने उम्मीदवार लड़ाएगी. इसके पहले भी "योगी नहीं तो वोट नहीं" के नारे लिखे होर्डिंग इन इलाको में देखे जाते रहे हैं.
योगी समर्थक इस बात से भी बहुत नाराज है कि योगी आदित्यनाथ को भाजपा की चुनाव समिति ने भी नहीं रखा गया और उन्हें पार्टी मुख्यमंत्री का चेहरा भी घोषित नहीं कर रही. चर्चा इस बात की भी है कि भाजपा और संघ अपने हिसाब से टिकट तय करेंगे जिसमें योगी के कई समर्थको का पत्ता कट जायेगा.

भाजपा नेतृत्व की निगाह भी इन गतिविधियों पर है. माना जा रहा है कि योगी समर्थक दबाव की रणनीति के तहत काम कर रहे हैं जिससे योगी मोलभाव की स्थिति में रह सके और भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से भी उनका नाम न काट दिया जाये.

हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर होने वाले ऐतिहासिक आयोजन के ठीक पहले योगी दिल्ली चले गए हैं. आम तौर पर इस समय वे कही नहीं आते जाते.

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