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मुलायम के करीबी कद्दावर नेता अम्बिका चौधरी ने थामा मायावती का साथ

 Utkarsh Sinha |  2017-01-21 06:28:03.0

मुलायम के करीबी कद्दावर नेता अम्बिका चौधरी ने थामा मायावती का साथ


तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. शनिवार की सुबह बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया. समाजवादी पार्टी के संस्थापको में से एक रहे और मुलायम सिंह के दाहिने हाँथ माने जाने वाले अम्बिका चौधरी ने आज बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया. एक वक्त ऐसा भी था जब अम्बिका चौधरी ने मायावती को "गुंडी' कहा था.

मायावती के साथ प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद अम्बिका चौधरी ने कहा – "3 सितम्बर से सपा में झगड़े की जो शुरुआत हुयी है वो एक पार्टी से जुड़ा मामला नहीं है ये जनता से जुड़ा मामला है, ऐसी स्थिति में साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए मेरा बीएसपी से जुड़ना जरुरी था. मुलायम सिंह के साथ जिस तरह से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ब्यवहार किया है उससे मैं दुखी हूं.

अम्बिका चौधरी ने यह भी कहा कि सीबीआई के डर से समाजवादी पार्टी के कुछ नेता भाजपा को जिताने की कोशिश कर रहे हैं.

2012 में चुनाव हार चुके अम्बिका चौधरी अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके प्रमुख सलाहकार रहे. संसदीय मामलों में अखिलेश यादव उनकी ही सलाह लेते थे. सपा ने उन्हें विधान परिषद् में भेजा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण महकमे का मंत्री भी बनाया. मगर बाद में उनके दामन पर भ्रष्टाचार के छींटे भी पड़े और वे अखिलेश यादव से दूर होते गए . बाद में अखिलेश यादव ने उन्हें मंत्री पद से भी बर्खास्त कर दिया और पार्टी में वे अलग थलग पड़ते दिखाई दिए.

समाजवादी पार्टी में जब संघर्ष बढ़ा तो अम्बिका चौधरी शिवपाल सिंह यादव के खेमे में रहे. बतौर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अम्बिका चौधरी को काफी तवज्जो दी. मगर अखिलेश यादव के वर्चस्व के बाद अम्बिका चौधरी फिर से अलग थलग पड गए.

जे पी आन्दोलन के समय चंद्रशेखर की प्रेरणा से नौकरी छोड़ कर राजनीति में आये अम्बिका चौधरी 40 साल तक समाजवादी रहे. बाद में वे चंद्रशेखर का साथ छोड़ कर मुलायम सिंह के साथ आ गए थे और समाजवादी पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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