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इन मुसीबतों को हराने के लिए काशी में ताकत झोंक रहे है PM मोदी

 Vikas tiwari |  2017-03-04 17:06:11.0

इन मुसीबतों को हराने के लिए काशी में ताकत झोंक रहे है PM मोदी

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

वाराणसी. यूपी विधानसभा चुनाव के अंतिम और सातवें चरण के लिए पीएम मोदी ने अपनी पुरी ताकत लगा दी है. शनिवार को रोड शो के बाद संबोधन में भी पीएम मोदी ने कहा कि वो कल फिर कशी आएंगे और एक रात भी रुकेंगे. लेकिन हम आप को बता रहे है वाराणसी के आठ विधानसभा क्षेत्रों के लिए पीएम मोदी को इतनी ताकत से प्राचर की जरूरत क्यों है?

वाराणसी में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं. सेवापुरी, शिवपुरी, अजगरा

, पिंडरा, शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी, बनारस कैंट और रोहनियां. पिछले विधानसभा चुनाव 2012 में बनारस की तीन सीटों वाराणसी कैंट, वाराणसी उत्तरी और वाराणसी दक्षिणी सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा था.

वाराणसी दक्षिणी सीट

बनारस की ये सीट सबसे ज्यादा बीजेपी के लिए चुनौती है क्योकि इस बार बीजेपी ने गातार सात बार चुनाव जीत चुके श्यामदेव राय चौधरी का टिकट काट दिया है. इस सीट से बीजेपी ने नीलकंठ तिवारी को मैदान में उतारा है. इस सीट को ब्राह्मण बहुल सीट माना जाता है. इसी लिए सपा ने राजेश मिश्रा को और बसपा ने राकेश त्रिपाठी को टिकट दिया है.

ब्राह्मण बहुल सीट पर तीनों प्रमुख उम्मीदवार ब्राह्मण होने से जीत की कुंजी मुस्लिम व दलित मतदाताओं के पास है. यहां मुस्लिम मतदाताओं का रुझान सपा की तरफ माना जा रहा है. ऐसे में राजेश मिश्रा भाजपा उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. राजेश हालांकि बनारस से कांग्रेस के टिकट पर एक बार सांसद भी चुने जा चुके हैं. इस सीट पर बीजेपी में अंतर्घात की भी आशंका लगाई जा रही है.

वाराणसी उत्तरी सीट

वाराणसी उत्तरी सीट पर भी भाजपा विरोधियों और अपनों के बीच फंसी है. यहां से भाजपा ने वर्तमान विधायक रवींद्र जायसवाल को टिकट दिया है. सपा व कांग्रेस गठबंधन की तरह से अब्दुल समद अंसारी चुनाव मैदान में हैं. बसपा ने सुजीत कुमार मौर्य को इस सीट से टिकट दिया है.

शहर उत्तरी से भाजपा के बागी उम्मीदवार सुजीत सिंह टीका मैदान में भाजपा का खेल बिगाड़ने में लगे हुए हैं. पार्टी ने हालांकि उन्हें पार्टी से निकाल दिया है और वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं. अब्दुल समद अंसारी के एकलौते मुस्लिम होने की वजह से मुस्लिम मतदाताओं का रुझान उनकी तरफ माना जा रहा है.

सेवापुरी विधानसभा सीट

बनारस की सेवापुरी सीट पर भी विरोधियों ने भाजपा की तगड़ी घेरेबंदी की है. यूं तो इस सीट पर भाजपा के सहयोगी पार्टी अपना दल (अनुप्रिया पटेल) के उम्मीदवार नीलरतन पटेल हैं. जबकि इसी सीट से अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल ने अपने गुट की तरफ से विभूति नारायण सिंह को टिकट दिया है.

विभूती नारायण सिंह लंबे समय तक भाजपा के नेता रहे हैं और इलाके के मतदाताओं के बीच अच्छी खासी पैठ है. दूसरी ओर सपा और कांग्रेस गठबंधन की तरफ से मंत्री सुरेंद्र पटेल चुनाव मैदान में हैं. पिछली बार भी वह इस सीट से अच्छे अंतर से जीते थे.

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