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खुद के हश्र से बेखबर दीपक सिंघल मुलायम से गए थे मिलने, अखिलेश ने चला दी तलवार

 Tahlka News |  2016-09-13 10:43:00.0

akhilesh mulayam deepak
तहलका न्यूज ब्यूरो

लखनऊ. मंगलवार की सुबह 10. 30 बजे जब यूपी के पदच्युत मुख्य सचिव दीपक सिंघल सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे तब तक उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि ठीक उसी वक्त लखनऊ में उनकी कुर्सी छीन ली गयी है और उस पर नया शख्स बैठ चुका है.

दीपक सिंघल बीते दो दिनों से नोएडा और दिल्ली में थे. आज सुबह 10.30 बजे उन्हें नोएडा में एक मीटिंग लेनी थी. सुबह उन्होंने लखनऊ के अपने स्टाफ को कहा कि नोएडा के अधिकारियों को बता दें कि मीटिंग थोड़ी देर में शुरू होगी. वे मुलायम सिंह से मिलने चले गए. मगर वहां पहुचने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी कुर्सी ही नीचे से खिसक गयी है.

दीपक सिंघल को मुख्यमंत्री पसंद नहीं करते थे ये बात तो जाहिर ही थी मगर तीन दिन पहले जब विद्या बालन को समाजवादी पेंशन योजना का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जा रहा था तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बहुत ही सारगर्भित टिप्पणी की थी जिसके निहितार्थ तब समझ में नहीं आये थे. अखिलेश ने कहा था – “ हमारे चीफ सेक्रेट्री साहब जो हैं, वो काम बहुत तेज करते हैं , मगर किस तरीके से करते हैं वह पता नहीं चल पाता”

दीपक सिंघल से अखिलेश यादव की नाराजगी तब जाहिर हुयी थी जब महज कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें पर्मुख सचिव गृह के पद से हटा दिया गया था. मगर समाजवादी पार्टी में शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह के ख़ास माने जाने वाले दीपक सिंघल अपने सियासी रसूख के बदौलत सूबे में नौकरशाही की सबसे बड़ी कुर्सी पाने में कामयाब हो गए थे.
बताया यह भी जा रहा है कि 11 सितम्बर की रात को अमर सिंह ने एक पार्टी रखी थी जिसमे शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे.इस पार्टी में जी मीडिया समूह के मुखिया सुभाष चंद्रा भी मौजूद थे. इस पार्टी में कथित रूप से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कामकाज को ले कर शिकायतें शुरू हो गयी थी जिसमे दीपक सिंघल ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था.
दीपक सिंघल इससे पहले भी अपने बर्ताव और बयानों को ले कर आलोचना के केंद्र बने थे. बीते दिनों सूबे के आईएएस अफसरों की बैठक में उन्होंने एक प्रमुख सचिव को बुरी तरह लताड़ा था. कई बार वे किसी राजनेता या मंत्री की तरह बयान भी देते रहे.

यही सब वजहें बनी कि अखिलेश यादव ने एक ही झटके में दीपक सिंघल को अर्श से फर्श पर ला कर पटक दिया. अब इस तरह से दीपक सिंघल की रवानगी समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं के माथे पर भी चिंता की लकीरे पैदा कर चुकी हैं.

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