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STF के हत्थे चढ़ा लुटेरों का ऐसा गिरोह DM और RTO कार्यालय से जुड़े थे जिनके तार

 shabahat |  2017-04-19 17:44:21.0

STF के हत्थे चढ़ा लुटेरों का ऐसा गिरोह DM और RTO कार्यालय से जुड़े थे जिनके तार

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अन्तर्राज्य स्तर पर वाहनों की चोरी करने वाले एवं फर्जी शस्त्र लाईसेन्स बनाने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को 18 चोरी के वाहनों और 3 पिस्टल के साथ जनपद-मैनपुरी से गिरफ्तार किया. एसटीएफ ने इकरार अहमद उर्फ आमिर उर्फ कुक्कू उर्फ नेता पुत्र इकबाल अहमद निवासी- मोहम्मद मोहम्मद सईद कस्बा व थाना भोगांव जनपद मैनपुरी, भूपेन्द्र सिंह पुत्र बृजराज सिंह निवासी-ग्राम-फतेहपुर गनी थाना बेवर जनपद मैनपुरी, रेहान पुत्र अब्दुल वहीद निवासी- मकान नम्बर 43 मोहल्ला पुरोहिताना थाना कोतवाली जनपद मैनपुरी, योगेश उर्फ बबलू पुत्र स्वर्गीय योगेन्द्र सिंह निवासी- एसडीएम कालोनी थाना भोगांव जनपद मैनपुरी, राजू सिंह यादव पुत्र ओम प्रकाश निवासी-नगला सहन थाना फफूंद जनपद औरैया और ईशदीप सिंह उर्फ रोबिन पुत्र अमरदीप निवासी- मोहल्ला पंजाबी बाग कालौनी थाना कोतवाली, मैनपुरी को 2 अदद ट्रक, एक ट्रक 12 टायरा व एक ट्रक 10 टायरा (चोरी के), 2 अदद क्रेटा कार नयी (चोरी की), एक अदद वर्ना कार नयी (चोरी की), एक अदद सफारी कार नयी (चोरी की), एक अदद स्विफ्ट डिजायर कार नयी (चोरी की), एक अदद एन्जोय कार नयी (चोरी की), 9 अदद बुलेट मोटरसाईकिल नयी (चोरी की), एक अदद स्कूटी नयी (चोरी की), 3 अदद पिस्टल 32 बोर, 6 अदद फर्जी शस्त्र लाइसेंस, एक अदद लैपटॉप एचपी कम्पनी, एक अदद मोबाइल फोन, 3 अदद आर.सी. और 13 चाबियों का गुच्छा उनके पास से बरामद हुआ.

एसटीएफ, उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से आगरा जोन के विभिन्न जनपदों में वाहन चोरी तथा फर्जी तरीके से शस्त्र लाईसेन्स बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनायें प्राप्त हो रही थीं. इस सम्बन्ध में अमित पाठक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, उ.प्र. लखनऊ द्वारा एसटीएफ, उत्तर प्रदेश की विभिन्न इकाईयों / टीमों को अभियान चलाकर अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, जिसके अनुपालन में प्रशान्त कुमार प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा के पर्यवेक्षण में निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आगरा जोन के विभिन्न जनपदों में अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी.

अभिसूचना संकलन के दौरान विश्वसनीय स्रोत के माध्यम से ज्ञात हुआ कि दिनांक 18 अप्रैल को वाहन चोरी एवं अवैध तरीके से शस्त्र लाईसेन्स बनाने वाले गिरोह के कुछ सदस्य चोरी के वाहनों के साथ जनपद मैनपुरी क्षेत्र के करहल किशनी रोड, नये बाईपास के पास एकत्र होने वाले हैं, जहॉ से वे चोरी की गाडि़यों को बेचने के लिए किसी अन्य स्थान के लिए जायेंगे. इस सूचना को विकसित करते हुए एसटीएफ टीम द्वारा उक्त स्थान पर पहॅुचकर अपनी उपस्थिति छिपाते हुए घेराबन्दी की गयी. इसी दौरान वहॉ कुछ दूरी पर संदिग्ध चार पहिया व 2 पहिया वाहनों के साथ खड़े होकर आपस में बातचीत करते कुछ लोग दिखाई दिये. मुखविर द्वारा उक्त गिरोह के सदस्य होने की पुष्टि होने पर आवश्यक बल का प्रयोग करते हुए उपरेाक्त 6 व्यक्तियों को 18 अप्रैल की शाम को गिरफ्तार किया गया, जिनसे यह बरामदगी हुई.

गिरफ्तार अभिुयक्तों से पूछताछ पर पता चला कि वे काफी समय से अपना एक गिरोह बनाकर वाहन चोरी एवं अवैघ तरीके से शस्त्र लाईसेन्स बनाने के अपराधो में लिप्त हैं. यह भी ज्ञात हुआ कि ये लोग नये वाहनों को चोरी करके वाहनों के इंजन नम्बर एवं चैसिस नम्बर को बदलकर फर्जी विक्रय पत्र (सेल लेटर) तैयार करके आरटीओ कार्यालय की मिलीभगत से आरटीओ कार्यालय, मैनपुरी में गाडि़यों का रजिस्टेशन कराने के उपरान्त इन वाहनों को बेच देते थे. इनमें अभियुक्त इकरार अहमद, आरटीओ कार्यालय में दलाली का कार्य करने वाले अभियुक्त ईशदीप सिंह उर्फ रोमन के माध्यम से इस कार्य को अंजाम देता था. अभियुक्त योगेश कुमार उर्फ योगेन्द्र सिंह के माध्यम से चोरी के वाहन बिकवाये जाते थे. गिरफ्तार अभियुक्त राजू यादव मुख्य रूप से इन्फील्ड बुलेट मोटर साईकिलों को दिल्ली एवं अन्य राज्यों से चोरी करके अभियुक्त इकरार अहमद को जनपद मैनपुरी में लाकर देता था. इसके उपरान्त इन वाहनों के इंजन नम्बर एवं चैसिस नम्बर को बदलकर आरटीओ कार्यालय से वाहनों का रजिस्टेशन कराकर बेच देता था. यह गैंग मुख्य रूप से ट्रक, एक्सयूवी कार तथा अन्य आधुनिक मॉडल की कारों को चोरी करने के उपरान्त बेचने का कार्य करता था. पूछताछ पर यह भी ज्ञात हुआ कि जनपद संभल के वाहन चोर भी इस गैंग के सदस्यों के सम्पर्क में हैं, जो उस क्षेत्र से चोरी किये गये वाहनों को गैंग को दे देते थे.

बरामद 3 पिस्टल तथा 6 शस्त्र लाईसेन्सों के बारे में अभियुक्त इकरार से की गयी पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि इनमें एक पिस्टल का लाईसेन्स इकरार अहमद के नाम तथा अन्य 2 पिस्टल के लाईसेन्स प्रदीप मिठल तथा उमेश राजपूत के नाम से जनपद मैनपुरी के पते पर बने हैं, जबकि प्रदीप मिठल तथा उमेश राजपूत का जनपद मेरठ का निवासी होना ज्ञात हुआ है. यह स्पष्ट भी हुआ कि ये सभी शस्त्र लाईसेन्स फर्जी तरीके से बनवाये गये हैं. अभियुक्त इकरार अहमद ने यह भी बताया कि बरामद फर्जी लाईसेन्स उसने अभियुक्त रेहान अंसारी के माध्यम से जनपद मैनपुरी से बनवाये हैं. अभियुक्त रेहान अंसारी ने बताया कि वह Perfect computers services, मैनपुरी की तरफ से जिलाधिकारी, मैनपुरी के शस्त्र लिपिक कार्यालय में प्राइवेट रूप से कम्प्यूटर में डाटा फिडिंग का कार्य करता है. NDAL (नेशनल डेटाबेस आफ आर्म्स लाईसेन्स) योजना के अन्तर्गत जनपद मैनपुरी के समस्त शस्त्र लाईसेन्सों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें आर्म्स लाईसेन्स धारकों के शस्त्र लाईसेन्स को ऑनलाइन किया जा रहा है. जनपद मैनपुरी में ऑनलाइन फीडिंग का कार्य प्राइवेट वैन्डर Perfect computers Services मैनपुरी के माध्यम से कराया जा रहा है. शस्त्र लाईसेन्स धारकों को डाटा फिडिंग के समय यूआईडी कोड दिया जाता है. जो शस्त्र लाईसेन्स धारक की पहचान को दर्शाता है. अभियुक्त रेहान ने यह भी बताया कि उसके द्वारा उपरोक्त बरामद 6 शस्त्र लाईसेन्स धारकों, जो वास्तविक रूप से शस्त्र लाईसेन्स धारक नहीं हैं, को फर्जी तरीके से उनके फार्म भरवाकर उनकी यूआईडी जनरेट कराई गई है, जिससे उपरोक्त 6 शस्त्र लाईसेन्स ऑनलाइन शस्त्र धारक की सूची में प्रदर्शित होने लगें. बरामद 3 पिस्टल खन्ना आरमरी, कानपुर से यूआईडी के आधार पर क्रय किया जाना बताया गया है. यह भी ज्ञात हुआ है कि बरामद शस्त्र लाईसेन्सों पर फर्जी लाईसेन्स नम्बर अंकित किये गये हैं, जो वास्तविक रूप से अन्य शस्त्र लाईसेन्स धारकों के हैं. रेहान ने यह भी बताया कि उसके द्वारा अब तक लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों को गलत तरीके से यूआईडी देकर उनके नाम ऑनलाइन शस्त्र लाईसेन्स धारकों की सूची में सम्मिलित किये जा चुके हैं. बरामद पिस्टल, वाहनो तथा शस्त्र लाईसेन्स के सम्बन्ध में गहन छानबीन की जा रही है.

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