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सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की फाइलें दफन करने की साजिश

 Sabahat Vijeta |  2016-05-18 14:17:53.0

bjplogoलखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने आज आरोप लगाया है कि सरकारी दफ्तरों में आग से जल रही फाइलें भ्रष्टाचार के सबूत नष्ट किये जाने की साजिश है. प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मण्डी परिषद कार्यालय में लगी आग पहली घटना नहीं है. इसके पहले अक्टूबर 2015 बिल्डिंग मिड-डे मील लगी आग से जनरल सेक्शन तथा मीड-डे-मील की प्रबन्ध निदेशक का कक्ष जल गया था.


शक्तिभवन के द्वितीय तल पर एकाउन्ट सेक्शन में 2015 के अक्टूबर माह में लगी आग में महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गये थे. स्वास्थ भवन में आग लगने से महत्वपूर्ण फाइलें जलीं. एस.टी.एफ. ने जांच की. एस.टी.एफ. जांच में जिन पर संकेत किया गया उनकी आज तक गिरफ्तारी नही हो सकी और अब मण्डी परिषद में आग लगी जिसके अध्यक्ष स्वंय मुख्यमंत्री हैं. जो प्रतिवर्ष फायर मेंन्टीनेन्स पर 9 लाख खर्च करती है. उस कार्यालय में लगी आग में महत्वपूर्ण फाइलें जलने की बात सामने आई है.


उन्होंने कहा कि गम्भीर बात यह है कि निर्माण योजना स्वीकृति तथा वित्त दोनों अनुभाग की फाइलें जल गई हैं जिसमें पिछले 5 वर्षो में हजारों करोड़ों के कार्यों का रिकार्ड है. भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मण्डी परिषद में हो रहे घोटालों का पर्दाफाश कैसे होगा यह बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड पैकेज में विशिष्ट मंडियों के निर्माण, कृषि विपणन का भंडारण की सुविधा तथा 133 ग्रामीणों अवस्थापना केन्द्रों में लिए दिखाए गए 691 करोड़ के कार्यों जिनकी गुणवत्ता पर केन्द्र सरकार ने सवाल खड़े किए थे उनके जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध जांच और जिम्मेदारी कैसे निर्धारित होगी?


उन्होंने कहा कि 41 करोड़ से अधिक अस्थाई आग्रिम समायोजित व किए जाने जैसे महत्वपर्ण आरोपों की फाइलें, आढ़तियों से सम्बंधित फाइलें तथा न्यायालयी अपीलों से सम्बधित महत्वपूर्ण दस्तावेज़ का जल जाना अत्यन्त गम्भीर मामला है.


प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कतई गम्भीर नही है. इसी का परिणाम है पिछले 2-3 वर्षा में सरकारी दफ्तरों में आग से महत्वपूर्ण दास्तावेज जलने की यह चौथी-पांचवी घटना है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामलों में एफआईआर न दर्ज होने के कारण सभी जांच विभागीय स्तर पर ही रफा-दफा कर दी जाती है.


प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश मुख्यमंत्री से मांग कि यदि विभिन्न सरकारी दफ्तरों में लग रही भ्रष्टाचार की आग को रोकने के लिए, जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक करे तथा मामले की जांच किसी न्यायाधीश से कराने के आदेश दे ताकि भ्रष्टाचार के आरोप से सम्बधित महत्वपूर्ण दस्तावेज आग के हवाले करने वालों का पर्दाफाश हो सके.

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