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कुलपति महोदय को बर्दाश्त नहीं आलोचना, तोड़ देते हैं सारी हद

 Tahlka News |  2016-05-28 14:12:00.0


  • अवध विश्वविद्यालय के वीसी के खिलाफ मुखर हुआ विरोध, शिक्षक से ले कर विद्यार्थी नाराज


तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति प्रो. जी.सी.आर.जायसवाल की विवादित कार्यशैली ने परिसर में विद्रोह के हालात पैदा कर दिए हैं. मनमाने फैसलों पर उठाते सवालों से बौखलाए कुलपति ने अपने आलोचकों को निपटने के लिए अचानक कार्यपरिषद की बैठक बुला ली. हालाकि इस बैठक में बनी कमिटी ही विवादों में आ गयी और गठन के साथ ही उसकी निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे है.rml univer


इस बार फिर कुलपति के फैसलों के खिलाफ शिक्षक लामबंद हो गए हैं. बीते दिनों अवकाश पर गए कला संकाय के डीन प्रो अजय प्रताप को वीसी ने विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया. जब प्रो. अजय इस मामले को कोर्ट ले गए तब कुलपति ने उनके खिलाफ रिल्वाल्वर तानने और धमकी देने की FIR लिखवा दी. पर अजय प्रताप सिंह लगातार कुलपति के गलत फैसले का विरोध करते रहे हैं. कार्य परिषद् की बैठक में पर अजय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया और इसके लिए एक जांच टीम भी बना दी गयी.

आरोप यहाँ तक लग रहे हैं कि जिन दो शिक्षको को इस कमिटी में रखा गया है वे निष्पक्ष न होकर कुलपति के ख़ास लोग हैं और उन्हें एक दिन पहले ही बुला कर साथ में रणनीति तय की गयी.

कुलपति प्रो जायसवाल का अब तक का कार्य काल ही विवादों में रहा है. मनमाने फैसलों और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरो कर्मचारियों को संरक्षण देने के कारण वे पहले भी छात्रों और शिक्षको के निशाने पर रहे और हालात इस कदर बिगड़े की उन्हें निजी सुरक्षा गार्डो की सेवाएँ लेनी पड़ी. हांलाकि राजभवन के अपने संपर्को के जरिये वे अब तक खुद को बचने में सफल रहे हैं लेखिन अब उनके खिलाफ बढती शिकायतों ने राजभवन के आला अफसरों को भी चौकन्ना कर दिया है.

कुलपति के फैसले से आक्रोशित शिक्षको का कहना है कि पर. अजय प्रताप ने विश्वविद्यालय में होने वाली नियुक्तियों में धाधली की कोशिस में लगे कुछ लोगो पर उंगली उठाई थी. ये लोग कुलपति के करीबी माने जाते हैं. इसी वजह से कुलपति ने पर. अजय प्रताप को विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया. नियुक्ति की कमिटी में विषय विशेषज्ञों के साथ विभागाध्यक्ष भी शामिल होता है. पर. अजय प्रताप के होने से मनचाही नियुक्ति में बाधा पड़ने की आशंका जताई जा रही थी.

इस मामले के ठीक बाद स्व वित्त पोषित महाविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से अभद्रता कर कुलपति महोदय एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं.

अभी तीन दिन पहले अवध विश्विद्यालय में स्व वित्त पोषित महाविद्यालय शिक्षक संघ की बैठक थी. कई जगह से शिक्षक फैजाबाद आये थे. संगठन की बैठक के बाद बहराईच से आये शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज वाजपेयी, डॉ. ए.के.श्रीवास्तव और डॉ. देवेन्द्र कुमार उपाध्याय शिष्टाचार भेंट के लिए प्रो. अजय प्रताप सिंह से मुलाक़ात करने चले गए. उसी समय कुलपति प्रो. जी.सी.आर.जायसवाल भी वहां पहुँच गए.

शिक्षक नेताओं को पर अजय प्रताप के साथ देखते ही उनका पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया. मेहमान शिक्षकों की तरफ इशारा करते हुए अपने प्राईवेट गार्डो को उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि इन सबकी वीडियोग्राफी कराओ. यह सब यहाँ क्या कर रहे हैं. आरोप है कि असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए कुलपति ने मेहमान शिक्षकों से फ़ौरन वहां से भाग जाने को कहा.

इसके पहले मामले पर पर. अजय प्रताप सिंह का पक्ष जानने के लिए गए कुछ पत्रकारों से भी उन्होंने अभद्रता की और उनके वाहनों की वीडियोग्राफी करनी शुरू कर दी. तब एक पत्रकार के तेवरों ने उन्हें बैक फुट पर ला दिया और वे चुपचाप वहां से निकल गए.

कुलपति द्वारा की गई अपनी बेईज्ज़ती से आहत शिक्षकों ने राज्यपाल राम नाइक को पत्र लिखकर कुलपति की शिकायत करते हुए उनसे कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. राज्यपाल से अनुरोध करने के बाद शिक्षकों ने बैठक कर कुलपति के खिलाफ अभियान छेड़ने का फैसला किया है.

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