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CM अखिलेश का छलका दर्द, कहा- कोई साथ नहीं देगा तो अकेले चुनाव प्रचार करूंगा

 Abhishek Tripathi |  2016-10-14 05:23:04.0

akhilesh_yadavतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. सीएम अखिलेश यादव का दर्द एक बार फिर छलका है। सीएम अखिलेश ने कहा है कि मुझे हराना आसान नहीं, मैं अपने दम पर लड़ना जानता हूं। सीएम अखिलेश ने दावा किया है कि जो विकास कार्य उन्होंने किया है, यूपी की जनता उन्हें दोबारा सत्ता दिलाएगी। सीएम अखिलेश ने एक बात भी साफ कर दी कि वे चुनाव प्रचार की शुरुआत करने के लिए किसी का इंतजार नहीं करेंगे।


'किनारे कर सकते हो, हरा नहीं सकते'
अखिलेश यादव को कुछ समय के लिए किनारे किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता। राज्य के लोगों को मुझपर भरोसा है और वो मुझे दोबारा सत्ता में वापसी कराएंगे। उन्हें समझ में आ गया है कि विपक्ष के नौसिखिया कहने के बाद भी मैं इतना काम कर सकता हूं तो फिर अपनी दूसरी पारी में मैं राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाऊंगा। मैं कोई दिखावा नहीं कर रहा हूं, लेकिन रनों और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले एक परफेक्ट बल्लेबाज की तरह मेरे विकास के काम मुझे दोबारा सत्ता दिलाएंगे।


नई पीढ़ी ने भी पार्टी के लिए मेहनत की है
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ वजहों से उनके चुनाव अभियान में देरी हुई है। 12 सितंबर से उनको चुनाव अभियान शुरू करना था जो अब 15 अक्टूबर से होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने 14 साल हॉस्टल में गुजारे हैं और किसी भी परेशानी का सामना करना जानते हैं। ऐसे में उन्हें अकेले चुनाव अभियान को संभालने में दिक्कत नहीं आएगी।

नेताजी पिता, शिवपाल चाचा, ये आखिरी सच है

अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी ने भी लोहिया के आदर्शों को अपनाया है और उनके बताए रास्ते पर चल रही है। उन्होंने कहा कि नई और पुरानी, दोनों पीढियों ने मेहनत की है।

'अकेले ही प्रचार शुरू करना पड़ेगा'
अखिलेश ने ये माना कि पार्टी को अब तक प्रचार शुरू कर देना चाहिए था। 12 सितंबर से उनको चुनाव अभियान शुरू करना था जो अब 15 अक्टूबर से होगा। उन्होंने कहा कि परिवार में कोई झगड़ा या संकट नहीं है। नेताजी मेरे पिता हैं और शिवपाल यादव मेरे चाचा, कुछ भी हो जाए, ये बदलने वाला नहीं है। इस समय तक मुझे अपना प्रचार शुरू कर देना चाहिए था, लेकिन हॉस्टल में 14 साल के अनुभव ने मुझे ये सिखा दिया है कि चुनौतियों से कैसे निपटा जाता है। लोहियाजी के आदर्शों ने मुझे बिना हिंसा के संघर्ष करना सिखाया है। मैं चुनाव अभियान के लिए क्यों किसी का इंतजार करूंगा, मैं अपने दम पर चुनाव में जाऊंगा।


'मैंने तो बचपन में अपना नाम भी खुद ही रखा था'
अखिलेश ने कहा कि बचपन में मेरा नाम मुझे खुद रखना पड़ा। ठीक इसी तरह मुझे लगता है कि मुझे बिना किसी का इंतजार किए चुनाव अभियान अकेले ही शुरू करना पड़ेगा।

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