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मुलायम का सपना पूरा नहीं कर पा रहे CM अखिलेश!

 Abhishek Tripathi |  2016-08-12 05:00:45.0

mulayam_akhileshतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. जब बेटा ही राज्य का मुख्यमंत्री हो, तो भला कौन सा काम मुश्किल है। लेकिन बेटे अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री होने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का एक सपना, लाख कोशिशों के बावजूद पूरा नहीं हो पा रहा है। खुद मुख्यमंत्री इसे पूरा करने में जुटे हैं, राज्य के तमाम आला अधिकारी इसके लिए जी जान लगा रहे हैं। लेकिन बात तब भी नहीं बन पा रही है। ये सपना है, कभी डाकुओं के लिए कुख्यात रहे इटावा से लगे चंबल के बीहड़ों में लॅायन सफारी बनाने का1


अब तक 9 शेरों की मौत
यह कोशिश 2012 में शुरू हुई थी और अब तक इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के करीब सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। राज्य सरकार के बजट से 240 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद गुजरात से लाए गए शेरों को इटावा के जंगल रास नहीं आ रहे हैं। पिछले 2 सालों में, 5 शावकों को मिलाकर, 9 शेरों की मौत हो चुकी है। इस वक्त इटावा की लॉयन सफारी में सात शेर बचे हैं, जिसमें से एक शेरनी की हालत खराब है और उसका बचना मुश्किल लगता है।


मुलायम सिंह की जिद्द
लॉयन सफारी नहीं बना पाने का दर्द मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में खुद बयान किया। उन्होंने कहा कि अगर बीमार शेरों की हालत में सुधार करने के लिए उनकी तरफ से कोई गलती हुई है तो उसे सुधारने के लिए वो तैयार हैं। लेकिन इटावा में लॉयन सफारी वह हर हालत में बनाना चाहते हैं।


डाकुओं का था इलाका
ऐसा नहीं है कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के सपने को पूरा करने के लिए कोई कोर कसर छोड़ी हो। लॉयन सफारी साढ़े तीन सौ हेक्टेयर में बनाया जाना है। इसके लिए सालों से तैयारी भी की जा रही है। इटावा के बीहड़ों में डाकुओं का आतंक तब भी था, जब अंग्रेज भारत में थे। डाकुओं से निपटने के लिए अंग्रेजों ने इस पूरे इलाके में जंगली जहरीले बबूल के बीज छिड़कवा दिए थे, ताकि डाकुओं को भागने में मुश्किल हो। अब यही जंगली बबूल की झाड़ियां शेरों के यहां रहने के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बन गई है। उत्तर प्रदेश के वन विभाग ने जंगली बबूल की झाड़ियों को काटकर यह छायादार पेड़ लगाने का काम पड़े पैमाने पर किया।


अमेरिका से मंगाया वैक्सीन
ये पेड़ अभी बड़े नहीं हुए हैं। मगर शेरों की मौत सबसे बड़ा कारण बन रही है केनाइन डिस्टेंपर नाम की एक वायरल बीमारी जो आम तौर पर कुत्तों को होती है। गुजरात और हैदराबाद से लाए गए कई शेर एक के बाद एक इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। अब शेरों को इस बीमारी से बचाने के लिए अमेरिका से उसका वैक्सीन मंगाया गया है। शेर ही नहीं इस इलाके के तमाम कुत्तों को भी बिमारियों के वैक्सीन दिए गए हैं ताकि वह शेरों को बीमारी ना फैला दें।

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