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सीएम अखिलेश बोले- लोक भवन को छोड़ना न पड़े, समाजवादियों का कब्जा रहे

 Girish Tiwari |  2016-10-05 07:36:58.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ: 
सीएम अखिलेश यादव ने अपने नए दफ्तर लोक भवन में बुधवार को अपने ड्रीम प्रॉजेक्ट डायल 100 के सिटीजन एप और लोगो लॉन्च किया।  ये सिटीजन ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मिलेगा। इस दौरान सीएम ने कहा यूपी पुलिस के लिए यह ऐप एक क्रांति है। इस ऐप को मोबाईल में डाऊनलोड करने के बाद सीधे पुलिस से जुड़ा जा सकता है। यूपी पुलिस पूरे राज्य में पहली बार मोबाईल के जरिये उत्तर प्रदेश की जनता से जुड़ गई है। पुलिस विभाग को बहुत-बहुत बधाई देते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि एक-एक करके परिणाम दिखाई दे रहे हैं। डायल 100 पुलिस और यूपी के लिए सबसे बड़ा फैसला है।


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सीएम ने कहा कि यूपी के लिए सबसे बड़ा काम डॉयल-100 है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस के लिए गाड़ियां ली, बिल्डिंग बनाई, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया। उन्‍होंने कहा कि हर विभाग में समाजवादी लोगों ने उदाहरण पेश किया है। 5 करोड़ पेड़ एक दिन मे लगाए हैं।  समाजवादी लोगों ने सबसे ज्यादा लैपटॉप बांटे। सीएम ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार द्वारा किए कार्यों को जनता को बताएं। लोक भवन को छोड़ना न पड़े, समाजवादियों का कब्जा रहे। इसलिए ज्‍यादा से ज्‍यादा जनता के बीच जाएं।


सीएम ने इस दौरान कहा कि सपा सरकार यूपी के लोगों को ज्यादा से ज्यादा मदद दे रही है। उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर लाए हैं। अब दिवाली मनाएंगे और मिठाई खाएंगे। वहीं, सीएम अखिलेश यादव के इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।


बता दें कि डायल 100 का लोगो नैशनल इंस्टिट्यूट आफ डिजाइन ने बनाया है। लोगो की टैग लाइन 'आपकी सेवा में प्रत्येक समय में तत्पर' रखी गई है। लोगो में हिंदी और अंग्रेजी में यूपी के बीच 100 लिखा है। लोगो प्रत्येक नागरिक के साथ समान व्यवहार का संदेश देता है।


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एडीजी एलओ दलजीत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में लोगो डिजाइन के लिए कमिटी गठित की गई थी। मुसीबत के वक्त काम आएगी जानकारी डायल 100 ऐप पब्लिक से जुड़ी हर जानकारी स्टोर करेगा। लोगों को इसमें खुद रजिस्ट्रेशन कराना होगा। मुसीबत के वक्त पीड़ित जैसी ही पैनिक बटन दबाएगा पुलिस के सामने उसकी सारी जानकारी आ जाएगी।


पीड़ित की लोकेशन और उसके घरवालों को भी आसानी से सूचना पहुंच सकेगी। ऐप में रजिस्ट्रेशन कराते समय लोगों को नाम, फोन नंबर, कहां काम करते हैं, बच्चे कहां पढ़ते हैं, पांच इमरजेंसी संपर्क मोबाइल नंबर, किन-किन भाषाओं की जानकारी है दर्ज कराना होगा। पुलिस आपात स्थिति में विभिन्न भाषाओं के जानकार लोगों से मदद भी मांग सकती है। ऐसे लोग जब अपनी जानकारी ऐप में दर्ज कराएंगे तो उनसे यह भी पूछा जाएगा कि वे किस वक्त खाली रहेंगे?


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क्या है खास:-

- देश की सबसे बड़ी पुलिस बल के रूप में है यूपी पुलिस।
-डायल 100 एक बड़ी परियोजना है।
-10-15 मिनट में घटना स्थल पर पुलिस का पहुंचना किसी भी अच्छे राज्य की पहचान है।
-कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में डायल 100 बेहद महत्वपूर्ण कोशिश है।
-डायल 100 की मदद से राज्य में कहीं भी, किसी भी समय, सभी नागरिकों को सुरक्षा के लिए कम से कम समय में आपातकालीन सेवा मुहैया करायी जा रही है।
-डायल 100 के जरिए घटना स्थल पर पुलिस बल के रिस्पाॅन्स टाइम को कम से कम किया गया है।
-100 नम्बर डायल करने पर शहरी क्षेत्रों में दो पहिया वाहन के पुलिस बल के लिए रिस्पाॅन्स टाइम 10 मिनट तथा चार पहिया वाहन के पुलिस बल के लिए 15 मिनट का रिस्पाॅन्स टाइम है।
-ग्रामीण इलाकों में चार पहिया पुलिस बल के लिए रिस्पाॅन्स टाइम 20 मिनट है।
-डायल 100 परियोजना की कुल 2325.33 करोड़ रुपए की लागत है।
-राज्य के किसी भी क्षेत्र से 100 नम्बर डायल करने पर टेलीफोन सीधे इस केन्द्र को प्राप्त होगा।
-इस परियोजना के जरिए पूरे प्रदेश में तत्काल पुलिस सहायता पहुंचाने के लिए 4 हजार 800 वाहनों की व्यवस्था की गयी है।
-इनमें से 1600 दो पहिया पैट्रोल वाहन और 3200 चार पहिया वाहन हैं।
-सभी वाहनों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं।
-प्रत्येक वाहन पर दो पुलिसकर्मियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगी है।
-प्रत्येक वाहन की वास्तविक भौगोलिक स्थिति की जानकारी वाहन में जी0पी0एस0 उपकरण लगे हैं।
-डायल 100 लगातार चैबीसों घण्टे कार्य कर रहा है।
-डायल 100 पर फोन करने वाले व्यक्ति से मदद के बाद उसका फीडबैक भी लिया जा रहा है।

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