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मायावती से बड़ी लकीर खीचेंगे CM अखिलेश, गुजरात के विकास मॉडल को देंगे टक्कर

 Abhishek Tripathi |  2016-07-06 06:36:12.0

akhilesh_yadavतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमेशा ये आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने शासनकाल में सिर्फ पार्कों और स्मारकों का ही निर्माण करवाती हैं। वहीं, सीएम अखिलेश यादव यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती से भी बड़ी लकीर खीचेंगे। लंदन की टेम्स नदी की तर्ज पर लखनऊ गोमती नदी का रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। इस रिवरफ्रंट की भव्यता अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट को भी अच्छी होगी। बता दें कि साबरमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट को लेकर पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव 2014 में काफी सुर्खियां बटोरी थीं।


सीएम अखिलेश के कई ऐसे ड्रीम प्रोजेक्ट हैं जो कई मायनों में पीएम मोदी के विकास मॉडल को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसमें लखनऊ मेट्रो, गोमती नदी रिवरफ्रंट, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मेदांता अस्पताल, आईटी सिटी जैसी कई अहम योजनाएं शामिल हैं। बता दें कि गोमती नदी रिवरफ्रंट का काम काफी तेजी से चल रहा है। यूपी चुनाव से पहले इसे आम जनता को भी सौंप दिया जाएगा। इस काम को बेहद खूबसूरत तरीके से करने के लिए अखिलेश के मंत्री पहले ही जापान के टोक्यो और ओसाका के रिवरफ्रंट को देख आए हैं।


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सीएम अखिलेश 'विकास' को बनाएंगे चुनावी मुद्दा
इस बात से कतई नहीं नकारा जा सकता कि सीएम अखिलेश पीएम मोदी की राह चल पड़े हैं। जिस तरह से पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव में देश की जनता को विकास के सपने दिखाए, ठीक उसी तरह अब सीएम अखिलेश भी सिर्फ विकास की राजनीति ही करने में ज्यादा रुचि रख रहे हैं। यूपी के ब्यूरोक्रेट्स भी इस बात को अच्छी तरह से समझ गए हैं ताकि उनके सपनों को साकार किया जा सके।


गोमती नदी रिवरफ्रंट की खासियत
गोमती का ये रिवरफ्रंट 8.1 किलोमीटर का है। जिस पर करीब 3 हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब तक सरकार करीब डेढ़ हजार करोड़ का खर्च कर भी चुकी है। इस प्रोजेक्ट के कार्यकारी इंजीनियर रूप सिंह यादव के मुताबिक इस रिवरफ्रंट में कुछ ऐसे फीचर हैं जो दुनिया मे कही नहीं है। यहां रिवर फ्रंट पर सॉफ्ट स्केपिंग है, झील है, म्युजिकल फाउंटेन है, जो कहीं नहीं है। साथ ही वाटर स्पोर्टस है, क्रुज है और स्वास्थ्य के लिहाज से कई तरह के ट्रैक बनाए गए हैं, जिसमें साइक्लिंग, वॉकिंग और जॉगिंग ट्रैक होगा।


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चुनाव से पहले जनता को सौंपने का वादा
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जनवरी 2015 में हुई थी और मार्च 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन सरकार के इंजीनियर दावा कर रहे हैं कि इसे वो दिसंबर 2016 में ही पूरा कर लेंगे। दरअसल, इसकी शुरूआत गोमती के दोनों ओर कंक्रीट के चैनल बनाकर शुरू की गई और आठ किमी लंबा चैनल बनाया गया, फिर दोनो ओर से जो पूरे लखनऊ के 37 नाले इसंमे गिरते हैं, उसे रोकने की कवायद इसके समानांतर एक नाले इंटरसेप्टिंग ड्रेन बनाकर की गई है और धीरे-धीरे गोमती में गिरने वाले नालों को रोक दिया जाएगा।


ये है रिवरफ्रंट में कुछ खास सुविधाएं
- कई बड़े लैडस्केप बनाए जा रहे हैं।

- कई जगहों पर रंगीन फव्वारे होंगे, जो शाम के बाद इसकी सुंदरता बढ़ाएंगे।
- गोमती में नौकायन इसका सबसे बड़ा आकर्षण होगा जिसके लिए कई घाट तैयार किए जा रहे हैं।
- पार्क मे हरियाली के खाल इंतजाम किए जा रहे हैं। वेटलैंड बनाए जा रहे हैं। जिसमें कई तरह के पेड़ लगाए जाएंगे। जिसमें पक्षियों को बसाने की खास योजना है।
- छोटे बच्चों के खेलने के लिए छोटे खेल के मैदान और पार्क होंगे।
- फूड प्लाजा की एक सीरीज होगी, जिसमें लोग खाने-पीने का लुत्फ उठा सकेंगे।
- गोमती फ्लावर शो होगा, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के फूल लगाए जाएंगे।

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