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अखिलेश सरकार का तोहफा चलने लगीं लोहिया ग्रामीण बसें, कुम्हारों को होगा खास फायदा

 Vikas Tiwari |  2016-10-28 12:58:21.0

लोहिया ग्रामीण बसें



लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी सहित प्रदेश के नौ जिलों से शुक्रवार को लोहिया ग्रामीण बसें चलाए जाने की शुरुआत की गई। इन बसों को परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि अब परिवहन विभाग और बस स्टेशनों पर चाय प्लास्टिक के कप में नहीं, मिट्टी के कुल्हड़ में मिलेगी। परिवहन मंत्री ने यहां के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग और परिवहन निगम की कई परियोजनाओं का लोकार्पण, शुभारंभ और शिलान्यास किया।


उन्होंने कहा कि दिवाली त्योहार में मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हार समाज को राहत देने के लिए परिवहन विभाग और बस स्टेशनों पर अब कुल्हड़ में चाय दी जाएगी।

प्रजापति ने कहा कि धनतेरस के अवसर पर कुम्हार समाज को रोजगार देने के लिए यह घोषणा की गई है। लोहार, बढ़ई और कुम्हार समाज के लोगों को रोजगार देने के लिए नए बस स्टेशनों में शिल्पकारों के लिए दुकानें भी बनाई जाएंगी।

प्रजापति ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने मुख्यमंत्री को विकास पुरुष बताते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार साल की सरकार में किसी भी राज्य में यूपी जैसा विकास नहीं हुआ है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के मौके पर 21 नवंबर को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने की घोषणा की है। उनकी एम्बुलेंस सेवा, लैपटॉप वितरण, कन्याधन, बेरोजगारी भत्ता जैसी कल्याणकारी योजनाओं का दूसरे राज्य की सरकारें अनुसरण कर रही हैं।

परिवहन मंत्री ने मुलायम सिंह यादव का गुणगान करते हुए कहा कि उनकी सोच है कि जब किसान खुशहाल होगा तो प्रदेश विकास का होगा। इसीलिए गांव-गंवई समाज, युवाओं और किसानों के लिए लोहिया ग्रामीण बसें चलाई जा रही हैं। 1400 लोहिया ग्रामीण बसें चलाए जाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें एक हजार चल रही हैं। 360 चलने जा रही हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 265 और लोहिया बसें चलने पर अपनी सहमति दे दी है।

परिवहन मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, "मुख्यमंत्री हमसे नाराज नहीं हैं। वह इसलिए कार्यक्रम में नहीं आए क्योंकि धनतेरस के मौके पर स्कूली बच्चों को बर्तन बांटने जैसे अहम काम में उन्हें भाग लेना था।"

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