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नए ऑफिस में हुई कैबिनेट मीटिंग में CM अखिलेश ने इन प्रस्तावों को दी मंजूरी...

 Vikas Tiwari |  2016-10-03 10:04:42.0

 अखिलेश यादव

तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने नये ऑफिस में सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. कैबिनेट मीटिंग में पास हुए अहम प्रस्ताव निम्न है....


  • आईपीसी विधेयक 2011 को वापस लेने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है.


मंत्रिपरिषद ने दण्ड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2011 को वापस लिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य में प्रभावशाली ढंग से महिलाओं की संरक्षा करने के उद्देश्य से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-235, 437 एवं 439 तथा मूल अधिनियम की प्रथम अनुसूची में भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा-354 के प्राविधानों में संशोधन हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2011 को राष्ट्रपति की अनुमति के लिए भारत सरकार को भेजा गया था।


भारत सरकार द्वारा अवगत कराया गया है कि क्रिमिनल लाॅ (अमेन्डमेन्ट) एक्ट, 2013 एवं जुएनाइल जस्टिस (केयर एण्ड प्रोटेक्शन) आॅफ चिल्डेªन एक्ट, 2015 में इस सम्बन्ध में समुचित प्राविधान कर दिए गए हैं, जिस कारण अब राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रह गई है। भारत सरकार के अनुरोध पर विधेयक को वापस लिए जाने का निर्णय लिया गया।


  • डायल 100 में पुलिस कर्मियों के अतिरिक्त भत्ते को मंजूरी दे दी गई है.


मंत्रिपरिषद ने प्रदेश स्तरीय पुलिस इमरजेन्सी प्रबन्धन प्रणाली (पी0ई0एम0एस0) डायल-100 परियोजना में तैनात किए जाने वाले अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में मानदेय प्रदान किए जाने तथा वाहन चालक के रूप में तैनात किए जाने वाले होमगाड्र्स को ड्यूटी भत्ता/मानदेय के भुगतान सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

डायल-100 परियोजना के अन्तर्गत तैनात किए जाने वाले अराजपत्रित पुलिस कर्मियों-निरीक्षक/उप निरीक्षक को 2500 रुपए प्रतिमाह तथा मुख्य आरक्षी/आरक्षी को 2000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा। इस परियोजना में वाहन चालक के रूप में तैनात किए जाने वाले होमगाड्र्स को परियोजना में उनकी नियोजन की अवधि तक के लिए गृह विभाग के विभागीय बजट से ड्यूटी भत्ते के रूप में 300 रुपए तथा दैनिक मानदेय के रूप में 150 रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया है।


  • चीनी मीलों का व्याज माफ़ किए जाने का प्रस्ताव पास किया गया.


मंत्रिपरिषद ने पेराई सत्र 2014-15 के विलम्बित गन्ना मूल्य भुगतान के आधार पर चीनी मिलों पर अधिरोपित ब्याज को, उ0प्र0 गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा-17(3) के प्राविधानों के अन्तर्गत, माफ (waive off) करने का निर्णय लिया है।


ज्ञातव्य है कि पेराई सत्र 2014-15 के विलम्बित गन्ना मूल्य भुगतान के कारण चीनी मिलों पर लगाए गए ब्याज के भुगतान की माफी हेतु उ0प्र0 शुगर मिल्स एसोसिएशन द्वारा अपने प्रत्यावेदन दिनांक 06 अप्रैल, 2015 द्वारा अनुरोध किया गया था। इसी क्रम में गन्ना आयुक्त के स्तर से संयुक्त गन्ना आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में गठित की गई समिति के द्वारा सभी सम्बद्ध पक्षों जैसे-चीनी मिल प्रतिनिधियों व सचिव, उ0प्र0 चीनी मिल्स एसोसिएशन तथा सहकारी गन्ना विकास समितियों का पक्ष सुनने एवं विधिक प्राविधानों के सन्दर्भ में, पेराई सत्र 2014-15 के गन्ना मूल्य के विलम्ब से भुगतान करने के कारण चीनी मिल पर अधिरोपित किए गए ब्याज को अधित्याग/माफ (waive off) किए जाने की संस्तुति की गई है।


चीनी मिलों पर अधिरोपित किए गए ब्याज को माफ किए जाने का निर्णय चीनी मिलों के निरन्तर संचालन एवं गन्ना किसानों के दीर्घकालीन हितों के दृष्टिगत लिया गया है।


  • राजकीय छापाखाने की जमीन इलाहाबाद हाईकोर्ट को दी जाएगी.


मंत्रिपरिषद ने मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्माणाधीन अस्थायी गेट पास आॅफिस के निकट स्थित राजकीय मुद्रणालय, इलाहाबाद की 3424 वर्ग फुट अतिरिक्त भूमि मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद को हस्तान्तरित किए जाने का निर्णय लिया है।

  • मत्स्य उत्पादन क्षमता विकास योजना का प्रस्ताव मंजूर किया गया.


मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2016-17 में मत्स्य विभाग की स्वीकृत नवीन योजना ‘तालाबों की मत्स्य उत्पादन क्षमता का विकास योजना’ के कार्यान्वयन हेतु दिशा-निर्देशों सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। तालाबों की मत्स्य उत्पादन क्षमता का विकास योजना के अन्तर्गत 1 हेक्टेयर के तालाब पर 10 प्रतिशत का जल क्षेत्र अर्थात 0.1 हेक्टेयर नर्सरी स्थापना हेतु आरक्षित रखा जाएगा। 0.1 हेक्टेयर की नर्सरी में 50 हजार जीरा आकार के उन्नतशील मत्स्य बीज संचय एवं उनका पोषण कर 10 से 15 हजार बड़े आकार (70 एम0एम0 से 100 एम0एम0) मत्स्य अंगुलिका का उत्पादन किया जाएगा, जिसे 1 हेक्टेयर तालाब में संचय कर मत्स्य बीज मृत्यु दर को नियंत्रित करते हुए एवं उसमें कमी लाते हुए 40 से 50 कुन्तल प्रति हेक्टेयर/प्रति वर्ष मछली का सुनिश्चित उत्पादन किया जाना सम्भावित हो सकेगा।


वर्ष 2016-17 हेतु प्रत्येक जनपद में 10 लाभार्थी (प्रति लाभार्थी एक हेक्टेयर तालाब पर 0.1 हेक्टयर नर्सरी निर्माण) अथवा कुल 10 हेक्टेयर तालाब पर 01 हेक्टेयर नर्सरी निर्माण प्रत्येक जनपद का लक्ष्य रखा गया है। लाभार्थियों का चयन जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2016-17 में राज्य पोषित नवीन योजना के रूप में 187.50 लाख रुपए का बजट प्राविधान किया गया है।


  • लघु उद्योग निगम के कमीशन में कमी को मंजूर कर दिया गया.


मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 लघु उद्योग निगम लि0, कानपुर को ‘मैन पावर आउट सोर्सिंग एजेन्सी’ के रूप में देय सेवा शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सम्बन्धित शासनादेश में आंशिक संशोधन करते हुए उ0प्र0 लघु उद्योग निगम द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा मांगे गए कार्मिकों के क्रम में आपूर्ति किए जाने की दशा में कार्मिकों को दिए जाने वाले मासिक पारिश्रमिक का 5 प्रतिशत सेवा शुल्क के रूप में लिया जाएगा। अभी तक यह सेवा शुल्क मासिक पारिश्रमिक का 10 प्रतिशत लिया जाता था।


यह निर्णय उ0प्र0 लघु उद्योग निगम की दरों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए जाने तथा शासकीय विभागों में मितव्ययिता के दृष्टिगत लिया गया है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों एवं उपक्रमों को सुनियोजित तरीके से मैन पावर उपलब्ध कराने, उपयुक्त कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा विभिन्न श्रम संविदा नियमों, कर्मचारी कल्याण नियमों एवं निगम की आय के स्रोतों में वृद्धि के दृष्टिगत शासनादेश संख्या-1753/18-1-14-9(नि)14 दिनांक 27 अक्टूबर, 2014 द्वारा विभिन्न विभागों, निगमों एवं उपक्रमों हेतु उ0प्र0 लघु उद्योग निगम को मैन पावर आउट सोर्सिंग एजेन्सी नामित किया गया है, जिसके क्रम में निगम द्वारा विभिन्न विभागों, निगमों एवं उपक्रमों में मैन पावर की आपूर्ति की जा रही है।



  • लघु माध्यम उद्योगों को निवेश मित्र सुविधा को मंजूरी दे दी गई है.


मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना के लिए सर्वनिष्ठ आवेदन पत्र (काॅमन एप्लीकेशन फाॅर्म) पर आधारित आॅनलाइन एकल मेज व्यवस्था (निवेश मित्र) की सुविधा उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में फैसला लिया है। फैसले के अनुसार लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने में सुगमता, पारदर्शिता और उद्यमियों के समय की बचत तथा सम्बन्धित विभागों की समय से कार्यवाही व जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सर्वनिष्ठ आवेदन पत्र पर आधारित आॅनलाइन एकल मेज व्यवस्था (निवेश मित्र) का संचालन पूरे प्रदेश में किया जाएगा।


इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन तथा समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी। लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों द्वारा वेबसाइट पर आॅनलाइन, काॅमन एप्लीकेशन फाॅर्म भरकर जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को प्रिन्ट आउट की एक प्रति भेजी जाएगी। उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र सभी विभागों से समन्वय बनाकर जिला उद्योग बन्धु के माध्यम से आवश्यक स्वीकृतियां एवं अनापत्तियां इकाई को उपलब्ध कराएंगे।


इस नीति में लघु एवं मध्यम उद्योग (प्लाण्ट एवं मशीनरी में पूंजी निवेश 25 लाख रुपए से 10 करोड़ रुपए तक करने वाली इकाइयों) द्वारा भी इस फाॅर्म तथा टेम्पलेट का प्रयोग कतिपय संशोधनों के साथ किया जा सकेगा। सर्वनिष्ठ आवेदन प्रपत्र के माध्यम से स्वीकृतियों को प्राप्त करने हेतु आॅनलाइन प्रार्थना पत्रों में आवेदन किए जाने पर सम्बन्धित विभाग द्वारा प्रत्येक दशा में एक बार में ही सभी प्रकार की पृच्छाएं की जाएंगी। सर्वनिष्ठ आवेदन पत्र की व्यवस्था आबकारी विभाग पर प्रभावी नहीं होगी।


  • लखनऊ, गोरखपुर, सैफई को स्पोर्ट्स कॉलेज की मंजूरी दे दी है.


मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 स्पोट्र्स काॅलेजेज सोसाइटी, लखनऊ के अन्तर्गत संचालित गुरू गोविन्द सिंह स्पोट्र्स काॅलेज लखनऊ एवं वीर बहादुर सिंह स्पोट्र्स काॅलेज गोरखपुर एवं सैफई स्पोट्र्स काॅलेज में कार्यरत खेल अध्यापकों एवं सहायक खेल अध्यापकों को विनियमित करने का निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार उ0प्र0 स्पोट्र्स काॅलेजेज सोसाइटी, लखनऊ के अधीन संचालित स्पोट्र्स काॅलेजों में कार्यरत उन्हीं खेल अध्यापकों एवं सहायक खेल अध्यापकों को विनियमित किया जाएगा, जो चयन हेतु निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हों अर्थात् जिनकी आयु 40 वर्ष से अधिक हो चुकी हो और उनके द्वारा सम्बन्धित स्पोट्र्स काॅलेजों में कम से कम 6 वर्ष का प्रशिक्षण प्रदान किया गया हो। साथ ही, जिनके प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हों तथा जिनके लिए सृजित पद उपलब्ध हों।


उ0प्र0 स्पोट्र्स काॅलेजेज सोसाइटी, लखनऊ के अधीन संचालित स्पोट्र्स काॅलेजों में खेल अध्यापकों एवं सहायक खेल अध्यापकों के विनियमितीकरण हेतु विशेष सचिव खेल की अध्यक्षता में एक विनियमितीकरण समिति गठित की जाएगी। विनियमितीकरण के उपरान्त व्यय होने वाली धनराशि अनुदान के रूप में राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। उन्हीं खेल अध्यापकों और सहायक खेल अध्यापकों को विनियमित किया जाएगा तो स्वयं सम्बन्धित खेल में एन0आई0एस0 डिप्लोमा धारित हों और जिनके प्रशिक्षणार्थियों द्वारा राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की गई हों।

वर्तमान में इन काॅलेजों में मानदेय पर खेल अध्यापक एवं सहायक खेल अध्यापक रखे गए हैं। इन काॅलेजों के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है। वित्त विभाग द्वारा निर्गत विनियमितीकरण से सम्बन्धित शासनादेश 13 अगस्त, 2015 एवं 24 फरवरी, 2016 में इन खेल अध्यापकों एवं सहायक खेल अध्यापकों को विनियमित करने की कोई व्यवस्था नहीं है।




  • जनपद देवरिया की नगर पंचायत गौरी बाजार के सीमा विस्तार की मंजूरी


 

मंत्रिपरिषद ने जनपद देवरिया की नगर पंचायत गौरी बाजार के सीमा विस्तार को अनुमति प्रदान कर दी है। इसके लिए अधिसूचना की अन्तर्वस्तु में सुसंगत संशोधन/परिवर्तन हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।


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