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कैंसर पीड़ित लड़कियों के इलाज के लिए कन्नड़ फिल्म की दोबारा स्क्रीनिंग

 Tahlka News |  2016-04-21 05:17:05.0

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अंजलि मदान 


नई दिल्ली, 21 अप्रैल. सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रिनिंग के जरिए धन जुटाकर कर्नाटक की नौ कैंसर प्रभावित लड़कियों की मदद करने की एक अनोखी पहल शुरू की गई है।

श्रीरक्षा, प्रजना, अमीषा, नफीसथुला इफरात, देवप्रिया, निधि कामत, मरियम सहीरा, अपेक्षा और फथिमथ मिसभा का मैंगलौर के कस्तूरबा गांधी मेडिकल कॉलेज में कैंसर के लिए ईलाज चल रहा है। ईलाज के लिए उन्हें एक लाख रुपये से तीन लाख रुपये की जरूरत है।


एनजीओ 'कैनकिड्स किड्स कैन' ने अपने 'गर्ल चाइल्ड प्रोजेक्ट' के लिए जागरूकता फैलाने और पैसे जुटाने के लिए कन्नड़ फिल्म 'द प्लान' के साथ हाथ मिलाया है। 'गर्ल चाइल्ड प्रोजेक्ट' कैंसर से पीड़ित लड़कियों के इलाज में मदद करता है।

फिल्म के निर्माताओं 'मालगुड़ी टॉकीज' और 'डे ड्रीम क्रिएशन्स' और इस एनजीओ द्वारा एकत्रित किए गए धन की मदद से मैंगलोर में इन नौ लड़कियों के इलाज में मदद के साथ ही उन्हें भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समर्थन, परिवहन, पोषण, शिक्षा, आवास और सामाजिक एकीकरण में मदद की जाएगी।

नौ साल की फथिमथ मिसबा के पिता के लिए यह सहायता एक वरदान के समान है जो एक दिहाड़ी मजदूर हैं।

फथिमथ के पिता ने कहा, "हमारे पास पैसे नहीं हैं। अगर वे हमारी मदद नहीं करते तो हमें ईलाज बंद करना पड़ता।"

एनजीओ और फिल्म के निर्माता मैंगलौर, उडुपी, कारकला और कुंदपुर में 22 अप्रैल को फिल्म की फिर से रिलीज की टिकटों की अग्रिम बिक्री करके 12 लाख रुपये जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

निर्माता यूट्यूब पर फिल्म की मुफ्त डिजिटल रिलीज करने वाले थे, तभी एक स्कूली छात्रा के कैंसर के ईलाज के लिए दान की सहायता की मांग पर उन्हें फिल्मों की स्क्रीनिंग के जरिए पैसे जुटाने का ख्याल आया।

'मालगुड़ी टॉकीज' के प्रमुख अशोक शेट्टी ने कहा, "मेरे दोस्तों ने सलाह दी थी कि यूट्यूब पर फिल्म की मुफ्त रिलीज करने की जगह हम उसे कुछ चुनी हुई स्क्रीन्स पर फिर से रिलीज कर सकते हैं और टिकटों की अग्रिम बिक्री से पैसे जुटा सकते हैं।"

उन्होंने बताया कि दानकर्ता अपना योगदान देकर किसी लड़की की जिंदगी बचा सकते हैं और एचटीटीपी//मालगुड़ीटॉकीज डॉट इन/शॉप/ पर जाकर 'द प्लान' की मुफ्त टिकटें ले सकते हैं।

अनंत नाग, कौस्तुभ जयकुमार, हेमंत, श्रीराम, गौतमी और हरीश रॉय अभिनीत फिल्म पहले नवंबर में रिलीज हुई थी।

शेट्टी ने कहा, "हम फिल्म की दोबारा रिलीज के कारण को उजागर करने के लिए कॉलेजों और शहरों में जा रहे हैं। हम नौ कैंसर पीड़ितों के लिए 12 लाख रुपये जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।"

शेट्टी ने कहा, "हर टिकट की बिक्री से प्राप्त 60 रुपये नौ लड़कियों के ईलाज के लिए दिए जाएंगे।"

फिल्म की निर्देशक कीर्ति ने कहा कि अगर यह प्रयोग सफल होता है तो वे राज्य के अन्य हिस्सों में भी फिल्म को फिर से रिलीज कर सकते हैं।

सभी नौ लड़कियों का ईलाज मैंगलौर के केएमसी अस्पताल में बाल चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. हर्ष प्रसाद एल की देखरेख में हो रहा है।

डॉ. प्रसाद ने कहा, "'गर्ल चाइल्ड प्रोजेक्ट' अभियान लड़कों की ही तरह लड़कियों के ईलाज के महत्व के बारे में जागरुकता फैलाने में मदद करेगा।"

'कैनकिड्स किड्स कैन' की अध्यक्ष पूनम बगई ने कहा, "हमारे देश में लिंग भेद हर स्तर पर है। हरियाणा में 2013 में हुए एक अध्ययन में हमें पता चला कि कैंसर से पीड़ित लड़कियों को लड़कों की तुलना में भेदभाव का सामना करना पड़ता है।"

उन्होंने कहा, "कुछ मां-बाप अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को इस बीमारी के बारे में बताने से कतराते हैं क्योंकि इससे उनके बच्चों की शादी में अड़चनें आ सकती हैं।"

पूनम ने कहा कि 'कैनकिड्स किड्स कैन' का लक्ष्य रोगी लड़कियों और इस बीमारी के बाद ठीक हुई लड़कियों का सशक्तीकरण करना है।

'कैनकिड्स किड्स कैन' भारत में बचपन में होने वाले कैंसर के लिए कार्यरत एक गैर लाभकारी संगठन है। (आईएएनएस)|

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