Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

IAS वीक: 'डॉन' हैं मुख्य सचिव, 'मोगली' बनीं किंजल

 Abhishek Tripathi |  2016-12-17 04:03:10.0

ias_weekतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. राजधानी में चल रहे आइएएस वीक में शुक्रवार रात आयोजित सर्विस डिनर के दौरान बांटे गए टाइटल्स में जूनियर से सीनियर आइएएस अफसरों को अलग-अलग नामों के खिताबों से नवाजा गया। सड़क दुर्घटना में घायल नवनीत सहगल को 'सदा खुश रहे तू' के टाइटल से नवाजा गया है। वहीं, वन विभाग के कर्मचारियों से विवाद के चलते खासी चर्चा में रही आइएएस अफसर किंजल सिंह को जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है... टाइटल दिया गया है। चर्चित महिला आइएएस अफसर किंजल सिंह अपने साथियों की नजर में जंगल बुक के मोगली की तरह हैं। इ सके साथ ही मुख्य सचिव राहुल भटनागर को 'मैं हूं डॉन‍' के टाइटल से नवाजा गया है।


उत्तर प्रदेश आइएएस एसोसिएशन के सालाना जलसे में साथी अफसरों को रात्रि भोज के मेन्यू कार्ड में आईएएस अफसरों को टाइटल भी दिए गए। भोजन के साथ-साथ इन रोचक टाइटल के भी लोगों ने चटकारे लिए।


ढल गया दिन
हाल ही में बीजिंग में एशियन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर प्रदेश व देश का नाम रोशन करने वाले सुहास एल वाई को भी इस बार टाइटल शीट का हिस्सा बनाया गया है। उन्हें ढल गया दिन, हो गयी शाम जाने दो, जाना है... टाइटल दिया गया है।


ओ अतिथि, तुम कब जाओगे
प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनात आइएएस अधिकारी जयश्री भोज के साथ विशाल चौहान, अनूप यादव व निधि केसरवानी को ओ अतिथि, तुम कब जाओगे, कोई तिथि तो बताओ... टाइटल मिला। इन टाइटल्स को लेकर अफसरों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं।


मैं हूं डॉन
खासी मशक्कत के बाद मुख्य सचिव की कुर्सी पाने में सफल हुए राहुल भटनागर को मुझको पहचानो तो मैं हूं डॉन... टाइटल मिला।


वक्त ने किया क्या हंसी सितम, हम रहे न हम तुम रहे न तुम
वहीं मुख्य सचिव की कुर्सी गंवाने वाले दीपक सिंघल और इस कुर्सी पर नजर टिकाए प्रवीर कुमार को वक्त ने किया क्या हंसी सितम हम रहे न हम तुम रहे न तुम... टाइटल दिया गया।


भली भली सी एक सूरत भला भला सा एक नाम
वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप भटनागर के लिए भली भली सी एक सूरत भला भला सा एक नाम... पंक्तियां टाइटल कार्ड का हिस्सा बनी हैं वहीं केएस अटोरिया के लिए हमको ऐसा वैसा न समझो हम बड़े काम की चीज ओ बाबू बड़े की चीज... पंक्तियां दर्ज हुई हैं।


सदा खुश रहे तू
मार्ग दुर्घटना में घायल होने के बाद लौटे नवनीत सहगल को मिला टाइटल दुआ का भाव सहेजे है। उनके लिए सदा खुश रहे तू जफा करने वाले दुआ कर रहे हैं दुआ करने वाले पंक्तियों के साथ जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गयी है। यूं पूरे 1985 बैच को मिला इंतेहा हो गयी इंतजार की... टाइटल मानो बड़ी कुर्सी के इंतजार की कहानी कह रहा था।


तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है, ओ मां हमारे लिए छुट्टी ले के घर पे बैठी है ओ मां
तीन महिला आइएएस अफसरों लीना जौहरी, अनीता मेश्राम व कामिनी रतन चौहान को एक ही टाइटल, तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है, ओ मां हमारे लिए छुट्टी ले के घर पे बैठी है ओ मां... से नवाजा गया है। ये अफसर इस समय बच्चों की पढ़ाई के लिए चाइल्ड केयर लीव लेकर उनकी चिंता कर रही हैं। 1989 बैच के अफसर अनिल कुमार को दौड़ अकेला दौड़ अकेला दौड़ अकेला तेरा मेला पीछे छूटा राही दौड़ अकेला टाइटल मिला है।


ऐ दिल आवारा चल, फिर वहीं दोबारा चल
अनिल सागर को ऐ दिल आवारा चल, फिर वहीं दोबारा चल और अनुराग यादव को अरे फिरते थे जो बड़े ही सिकंदर बने हुए, बैठे हैं उनके दर पर कबूतर बने हुए... टाइटल मिला है। सतेंद्र सिंह को छलिया मेरा नाम छलना मेरा काम हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सबको मेरा सलाम टाइटल देने के साथ कोष्ठक में प्रश्नवाचक चिह्न भी लगा दिया गया है।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top