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सीएम अखिलेश अब लेखपालों को बांटेंगे लैपटाॅप

 Sabahat Vijeta |  2016-09-21 16:36:33.0

AMU की छात्राओं




  • मुख्यमंत्री ने उ.प्र. लेखपाल संघ की अनेक मांगों को स्वीकार कर अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए

  • राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों पर लेखपालों की प्रोन्नति हेतु लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा

  • राजस्व निरीक्षक के 500 अतिरिक्त पद सृजित होंगे

  • लेखपाल संघ ने आन्दोलन समाप्त करने का निर्णय लिया

  • मुख्यमंत्री से उ.प्र. लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की


लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज यहां उनके सरकारी आवास पर उ.प्र. लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने विचार-विमर्श के बाद संघ की अनेक मांगों को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके बाद संघ ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए अपना आन्दोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।


मुख्यमंत्री ने उ.प्र. लेखपाल संघ की लेखपालों को लैपटाॅप दिए जाने की मांग स्वीकार कर ली तथा अधिकारियों को इस पर मंत्रिपरिषद का आदेश शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राजस्व निरीक्षक पद पर प्रोन्नति हेतु लेखपालों की वरीयता सूची की त्रुटियों का निराकरण राजस्व परिषद द्वारा करा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व निरीक्षक के रिक्त पदों पर प्रोन्नति हेतु प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।


इसी प्रकार राजस्व निरीक्षक पद पर सीधी भर्ती हेतु निर्धारित 25 प्रतिशत कोटे को प्रोन्नति कोटे में परिवर्तित कर उसे संग्रह अमीन संवर्ग तथा लेखपाल संवर्ग से पदों की संख्या के अनुसार आनुपातिक आधार पर भरे जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित विभागों के परामर्श से प्रक्रियात्मक कार्यवाही एवं नियमावली में संशोधन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराने के लिए कहा।


संघ की लेखपाल संवर्ग में स्टैगनेशन को दूर करने के लिए लेखपाल तथा राजस्व निरीक्षकों में 10.1 के अनुपात को बनाए रखने के लिए राजस्व निरीक्षक के 500 अतिरिक्त पदों के सृजन की मांग पर मुख्यमंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गई। साथ ही, अतिविशिष्ट परिस्थिति जैसे गम्भीर बीमारी, पति व पत्नी के अलग-अलग जनपदों में तैनाती के दृष्टिगत, लेखपालों के निजी अनुरोध पर सम्बन्धित जिलाधिकारियों की अनापत्ति प्राप्त करते हुए, स्थानान्तरण की सुविधा हेतु नियमावली में शीघ्र संशोधन कराने का फैसला भी मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया।


इसके अलावा, लेखपालों की प्रारम्भिक ग्रेड-पे को 2000 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए किए जाने, लेखपाल का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किए जाने, लेखपाल की अनिवार्य शैक्षिक योग्यता को बढ़ाकर स्नातक किए जाने तथा एसीपी विसंगति को दूर करने की मांग को वेतन समिति को सन्दर्भित करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही, वेतन समिति से लेखपालों से सम्बन्धित मांगों पर शीघ्र संस्तुतियां उपलब्ध कराने की अपेक्षा भी की जाएगी।


मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख सचिव राजस्व को यह भी निर्देश दिया गया कि लेखपालों की अन्य मांगों पर भी शासन स्तर पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र समाधान कराया जाए। साथ ही, आन्दोलन अवधि में कर्मचारियों के विरुद्ध आन्दोलन में शामिल होने के लिए की गयी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही को समाप्त कर दिया जाए।


इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव राजस्व अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, सचिव मुख्यमंत्री आमोद कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री रिग्जियान सैम्फिल, उ.प्र. लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम मूरत यादव, महामंत्री विजय श्रीवास्तव सहित संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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