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इस मंदिर में सदियों से मुसलमान जलाए है अखंड ज्योति!

 Vikas Tiwari |  2016-09-26 15:33:05.0

अखंड ज्योति

तहलका न्यूज़ ब्यूरो 



नई दिल्ली. हिन्दू और मुस्लिम में विवाद और संघर्ष के किस्से अक्सर मिलते रहते है लेकिन हमारे बीच कई ऐसे भी उदाहरण है जो आपसी सौहार्द का सबक देते हैं. भारत या किसी भी हिन्दू देश में दुर्गा माँ के अनेक मंदिर मिलेंगे. लेकिन हम आप को ऐसे देश की बात बता रहे है जहाँ 95 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है लेकिन फिर भी यहाँ कई सदियों पुराना माँ भगवती का एक प्राचीन मंदिर स्थित है. अजरबैजान में सुराखानी नामक स्थान पर बनें इस मंदिर को आतिशगाह अथवा टेंपल ऑफ फायर के नाम से भी जाना जाता है.


अखंड ज्योति



इस मंदिर में कई सालो से एक पवित्र अग्नि लगातार जल रही है इसी कारण इस मंदिर का नाम ‘टेंपल ऑफ फायर’ भी है. हिंदू धर्म में आग को पवित्र माना जाता है और इसलिए यहां जल रही ज्योति को साक्षात भगवती का रूप माना गया है. ऐसी ही मां ज्वालाजी के मंदिर में भी ऐसी ज्योति जल रही है जिसे भगवती का रूप माना जाता है.

अखंड ज्योति

मंदिर की खासियत निम्न है:-


इस मंदिर में प्राचीन वास्तुकला दिखाई देती है. मंदिर में एक प्राचीन त्रिशूल भी है इस त्रिशूल के पास स्थित अग्निकुंड से निरंतर लपटें निकलती रहती हैं. मंदिर की दीवारों पर गुरुमुखी में लेख भी अंकित हैं.

मंदिर के निर्माण की कथानुसार सदियों पहले हिंदुस्तान के कारोबारी इसी रास्ते से सफर करते थे. उन्होंने मां ज्वालाजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए यह मंदिर बनवाया. इतिहास की माने तो मंदिर के निर्माता का नाम बुद्धदेव था. वे हरियाणा में कुरुक्षेत्र के निकट स्थित मादजा गांव के निवासी थे.

मंदिर में संवत 1783 का उल्लेख किया गया है. एक और शिलालेख के अनुसार उत्तमचंद व शोभराज ने मंदिर निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी. ईरान से भी लोग यहां पूजा करने आते थे. यहां आने वाले लोग मंदिर के पास बनी कोठरियों में विश्राम करते थे.



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