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किताबें ज्ञान प्राप्ति का सही माध्यम हैं

 Sabahat Vijeta |  2016-09-24 15:40:31.0

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  • मोतीमहल वाटिका में चौदहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला शुरू


लखनऊ. इलेक्ट्रानिक साधनों से जानकारी जल्दी प्राप्त होती है किंतु ज्ञान प्राप्त करने के लिए किताबें ही सही माध्यम हैं। ये उद्गार 14वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने व्यक्त किए। राणाप्रताप मार्ग मोतीमहल वाटिका में आज से महिला सशक्तीकरण को समर्पित चौदहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला प्रारम्भ हो गया।

दि फेडरेशन आॅफ पब्लिशर्स एण्ड बुकसेलर्स एसोसिएशन्स इन इण्डिया, नई दिल्ली के सहयोग से हो रहे के.टी.फाउण्डेशन का यह चौदहवां आयोजन गांधी जयंती के दिन दो अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। निःशुल्क प्रवेश वाले मेले में पुस्तक प्रेमियों को हर बार की तरह न्यूनतम 10 फीसदी की छूट पुस्तकों पर मिलेगी।


मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित राज्यपाल ने लखनऊ को देश की कला और संस्कृति की राजधानी बताने हुए कहा कि मेरे लिए भी पुस्तक मेले का एक अलग आकर्षण रहता है। आज मोबाइल फोन पर बहुत कुछ होता है पर ऐसे पुस्तक मेलों में आकर पता चलता है कि दुनिया में कितना ज्ञान है। उन्होंने मेले की महिला सशक्तीकरण की थीम की चर्चा करते हुए अपने विपक्ष में रहने, रेल मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री रहने के दौरान नारी सशक्तीकरण की दिशा में उठाए स्तनपान प्रोत्साहन, रेल सुविधा बढ़ाने व बड़ी तादाद में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने इत्यादि कदमों की चर्चा की और कहा कि अवसर मिलने पर आज लड़कियां आगे जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जब मेला संविधान की थीम पर था तो वह संविधान की मूल प्रतिलिपि यहां लेकर आए थे जिससे लोगों को संविधान के बारे में नई जानकारियां मिलीं। पुस्तक मेले के मंच से पिछले वर्ष तक पुस्तक मेलों के संयोजन करने वाले स्वर्गीय उमेश ढल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस 14वें आयोजन के संयोजन कर रही उनकी बेटी आस्था ढल व दामाद आकर्षण जैन का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मेरे लिए भी पुस्तक मेले का एक अलग आकर्षण रहता है। आज मोबाइल फोन पर बहुत कुछ होता है पर ऐसे पुस्तक मेलों में आकर पता चलता है कि दुनिया में कितना ज्ञान है। किताबें सबसे बढ़िया साथी हैं। इन्हें अपनी रुचि के अनुसार चुन-चुनकर लेना चाहिए। उन्होंने मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब की उमेश ढल को समर्पित प्रदर्शनी के साथ ही पुस्तक मेले के स्टालों का अवलोकन भी किया।


राज्यपाल के साथ ही आए प्रकाशकों व सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजक आस्था ने कहा कि इस बार मेले में ‘डाक्टर से मिलिए’ जैसा नित्य के कार्यक्रम के साथ बहुत सी चीजें नई जोड़ी गई हैं। मेले में इस बार शास्त्रीय कलाओं के कार्यक्रम भी रखे गए हैं। इस पुस्तक मेले में नये आने वाले प्रकाशकों में जीवन पब्लिशिंग हाउस, शिवदास एण्ड संस, सतीश एण्ड ब्रदर्स व अनन्या पब्लिकेशन इत्यादि शामिल हैं। बिन्दु जैन के संचालन में चले कार्यक्रम में समाजसेवी मुरलीधर आहूजा और हास्यकवि सर्वेश अस्थाना ने स्वर्गीय ढल को याद करते हुए अपने विचार रखे। इस अवसर पर व्यवसायी राकेश जैन, डा.अमिता दुबे, ज्योति किरन रतन, सत्या सिंह के साथ ही बड़ी तादाद में पुस्तक प्रेमी उपस्थित थे।


मेले में हिन्दी, अंग्रेज़ी, उर्दू की किताबों के साथ ही सीडी-डीवीडी आदि के भी अनेक स्टाल हैं। मेले में इस बार लगभग 170 स्टालों की व्यवस्था की गई है। अब कल से मेले के सांस्कृतिक मंच पर साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों का दौर शुरू हो जाएगा। साथ ही डाक्टर से मिलिए व बाल-युवा मंच पर प्रतियोगिताओं का सिलसिला भी चल निकलेगा।

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