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BJP के विलेन ने सो रही BSP को जगाकर अच्छा नहीं किया!

 Abhishek Tripathi |  2016-07-21 05:55:43.0

mayawatiअभिषेक त्रिपाठी
लखनऊ. पूरे चार साल बाद मायावती की पार्टी बसपा के कार्यकर्ताओं और छोटे-बड़े नेताओं को सड़क पर उतरने का मौका मिल गया है। ये मौका खुद बीजेपी ने मायावती को दिया है। इस मौके को पाकर निराश मायावती और बसपाइयों को भी 'टॉनिक' मिल गया। इससे पहले जब साल 2012 में सपा की सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद लखनऊ में मायावती की मूर्ति तोड़ी गई थी तो बसपाई सड़कों पर उतरे थे। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस अंदरूनी तौर पर पिछले दो सालों से दलितों का प्रेम बटोरने में लगे हैं, लेकिन कोई खास मुकाम हासिल नहीं कर पाए। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा को सड़क पर उतरने का मौका देना बीजेपी और अन्य पार्टियों के लिए खतरा बन सकता है। ट्विटर पर ये भी कहा जा रहा है कि दलित अब पददलित नहीं रहे। देश का दलित अब समाज-राजनीति बदलने उठ खड़ा हो रहा है।


यूपी विधानसभा चुनाव 2017 से पहले मायावती के कई बड़े झटके लग चुके हैं। ये झटके उनके अपने करीबियों ने ही दिए हैं। सबसे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी छोड़ी और साथ ही करोड़ों रुपए लेकर टिकट देने का आरोप भी लगाया। इसके बाद आरके. चौधरी ने पार्टी छोड़ दी और इन्होंने मायावती को पैसों का लालची बताया। इन दो बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने से मायावती की साख पर सवाल उठने लगे थे और दलितों के बीच बसपा की पैठ कम होने लगी थी। विरोधी पार्टी ऐसा कोई मुद्दा भी नहीं दे रहे थे कि मायावती 'हल्ला बोल' सकें।


मायावती की बढ़ेगी ताकत
गुजरात में दलितों के साथ अत्याचार और उसके बाद मायावती के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से बसपा सुप्रीमो मायावती की ताकत बढ़ना तय है। बीजेपी नेता के आपत्तिजनक बयानबाजी को फौरन भुनाते हुए राज्यसभा में मायावती ने कहा कि, ''ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ लगाम लगाई जानी चाहिए। मैंने आज तक अपने भाषण में किसी को अपशब्द नहीं कहे हैं। उन्होंने मुझे नहीं, अपनी बहन और बेटी के बारे में बोला है। माफी मांगने से कुछ नहीं होगा। बीजेपी का वरिष्ठ नेतृत्व उन्हें पार्टी से निकालें।'' वहीं, इन दोनों मुद्दों के बाद से बीजेपी नेता एकजुट होकर सड़कों पर उतर गए हैं।


बीजेपी नेता ने कहा, मायावती 'वेश्या से बदतर'
बुधवार को मऊ में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दयाशंकर सिंह ने ये कह दिया कि 'मायावती एक वेश्या से भी बदतर चरित्र' की हो गई हैं। उन्होंने मायावती पर आरोप लगाया कि वे पैसे की ख़ातिर किसी को टिकट दे सकती हैं और किसी का टिकट काट सकती हैं। दयाशंकर सिंह ने कहा, "मायावती जी टिकटों की बिक्री कर रही हैं। मायावती किसी को एक करोड़ रुपए में टिकट देती हैं लेकिन एक घंटे बाद कोई दो करोड़ रुपए देने वाला मिलता है, तो वो उसको टिकट दे देती हैं। शाम को कोई तीन करोड़ देने वाला मिलता है तो वो टिकट काट कर उसे दे देती हैं।" वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है ये बसपा की बढ़ती हुई ताक़त की बौखलाहट है और कुछ नहीं।

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