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भाजपा का डिफ़रेंस नज़र आने लगा

 Sabahat Vijeta |  2016-04-09 17:05:20.0

rajendra chaudhryलखनऊ, 9 अप्रैल. समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने नए अध्यक्ष के मनोनयन के साथ अपनी चुनावी रणनीति का भी खुलासा कर दिया है। यह बात तय हो गई है कि अगले विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिकता के सहारे ही भाजपा चुनाव में उतरेगी। भाजपा नेतृत्व ने नैतिकता को भी तिलांजलि दे रखी है। उसके नये प्रदेश अध्यक्ष पर दर्जन भर आपराधिक मुकदमें दर्ज है।


भाजपा अपने को पार्टी ‘‘विद डिफरेन्स’’ बताते अघाती नही थी पर अब डिफरेन्स यही नजर आ रहा है कि उसे भ्रष्टाचार और दागी व्यक्तियों से कोई परहेज नही है बल्कि वह उन्हें हर हाल में गले लगाने को तैयार है। नए प्रदेश अध्यक्ष की पहचान भाजपा के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रुप में ज्यादा है और इनके लक्ष्य से सभी परिचित है।


उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले साजिशें रची जाने की विपक्षी कोशिशों के बारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चेतावनी दे चुके हैं। समाजवादी सरकार ने अपने चुनावी वादे समय से पहले पूरे करने के साथ प्रदेश में विकास के नए कीर्तिमान बनाए है। राज्य सरकार की योजनाओं से समाज का हर वर्ग लाभान्वित हुआ है।


हताशा और निराशा में विपक्षी भाजपा, बसपा और कांग्रेस समाजवादी सरकार के विरोध में अनर्गल बयानबाजी करते है। ये झूठ बोलकर और अफवाहें फैलाकर जनता को बरगलाना चाहते हैं। विपक्षी दल चाहे जो जुगत भिड़ा ले, लेकिन इनकी दाल गलने वाली नही है। सूखा राहत के लिए केन्द्र सरकार ने कुल 7.9 प्रतिशत राशि ही निर्गत की है। केन्द्रीय मंत्री गलत आंकड़ेबाजी से अपनी कीर्ति बखान करने लगते हैं। जबकि सच यह है कि सूखा हो या बेमौसम बरसात से त्रस्त किसानों को राहत देने में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने राज्य के संसाधनों से भारी मात्रा में मदद दी है। केन्द्र सरकार का व्यवहार उपेक्षापूर्ण रहा है।


ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा के कुँए में ही भांग पड़ गई है। उत्तर प्रदेश में विकास की किसी योजना में केन्द्र सरकार मददगार नही बनी है। वह संवेदनशील नही है। कहने भर को प्रदेश से 71 सांसद और दर्जन भर भाजपा के मंत्री है उन्होंने कभी उत्तर प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान नही दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने सूखाग्रस्त राज्यों सहित बुंदेलखण्ड में सूखा पीडि़तो के प्रति केन्द्र के व्यवहार पर अपनी नाराजगी जताई है। इसके बाद भी केन्द्र चेत जाए तो अच्छा है।


पूरे चार वर्ष भाजपा के नेता भड़काऊ भाषण और साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने का काम करते रहे। सामाजिक सौहार्द को नष्ट करना उनका मुख्य एजेन्डा रहा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार है जिसने सांप्रदायिक ताकतों को सिर उठाने का मौका नही दिया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दृढ़ता से विकास विरोधी ताकतों का सामना किया है और उनका पर्दाफाश किया है। जनता का इसीलिए अखिलेश यादव पर भरोसा है।

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