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नोटबंदी के बाद जनता की परेशानी को अनदेखा कर रहा है भाजपा नेतृत्व

 Sabahat Vijeta |  2016-11-17 14:15:29.0

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लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा 500 व 1000 रुपये की नोटबन्दी के बाद देश की करोड़ों गरीब व मेहनतकश आम जनता की परेशानियों को समझ कर भी नहीं समझने के अहंकारी रवैये की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि भाजपा के नेताओं पर चिन्ता की लकीरें इसलिये नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपने नोटों को पहले ही ठिकाने लगा दिया तथा अब देश के ग़रीबों, मज़दूरों व आम जनता की परेशानियों के प्रति संवेदनहीनता का व्यवहार कर रही है. देश की जनता की परेशानियों की अनदेखी करके उसकी परवाह नहीं करना भाजपा व उसकी सरकारों का नया फैशन हो गया है.


उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष द्वारा आजमगढ़ रैली में आज दिये गये संवेदन-शून्य भाषण में जो कुछ कहा उससे साफ़ है कि उन्हें रोजगार ठप्प होने के बाद अपनी कमाई का जमा थोड़ा धन भी अपना पेट भरने के काम नहीं आने से मची अफरातफरी और भुखमरी के हालात नज़र नहीं आ रहे हैं. पूरा देश इससे पस्त है, मगर भाजपा ख़ासकर उसका शीर्ष नेतृत्व व मोदी सरकार मस्त नजर आती है. ऐसी संवेदनहीनता देश की आम जनता ने शायद ही पहले कभी देखी होगी.


उन्होंने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार यदि वास्तव में पूर्वांचल के पिछड़ेपन के प्रति चिन्तित व संवेदनशील है और क्षेत्र का विकास ईमानदारी से होता हुआ देखना चाहती है तो इनको फिर तत्काल अलग से पूर्वांचल राज्य बनाने की कार्रवाई शुरु कर देनी चाहिये. जिसके सम्बन्ध में बीएसपी ने राज्य के विभाजन का राज्य विधानसभा से पारित प्रस्ताव केन्द्र सरकार के समक्ष पहले से ही भेजा हुआ है.



मायावती ने कहा कि जिस प्रकार से बिहार विधानसभा आम चुनाव से पहले बिहार के लोगों को खासकर विकास के सम्बन्ध में घोर गलत बयानी व गलत तथ्यों के आधार पर बरगला कर उनका वोट प्राप्त करने की नाकाम कोशिश भाजपा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा की गयी थी, ठीक उसी प्रकार से अब उत्तर प्रदेश के लोगों को भी यहाँ उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही होने वाले विधानसभा आम चुनाव से पहले गलत बयानी के आधार पर बहकाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश की जनता भाजपा की ग़रीब-विरोधी, किसान-विरोधी व जनविरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को अब ख़ूब समझ गयी है. वह अब और ज्यादा धोखा खाने वाली नहीं है.

मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपने लगभग ढाई वर्षों के शासनकाल में उत्तर प्रदेश व यहाँ के लोगों की घोर उपेक्षा की है और अपने चुनावी वायदों का जनहित व जनकल्याण से जुड़ा एक-चौथाई वायदा भी अब तक पूरा नहीं किया है. इसलिये भाजपा को अब कोई नया वायदा खासकर प्रदेश की जनता से करने का नैतिक अधिकार नहीं है. उसे पहले अब सन् 2014 में लोकसभा आमचुनाव के दौरान किया गया वायदा पूरा करना चाहिये और तभी फिर कोई नया वायदा करना चाहिये. इस मामले में खासकर विदेश से कालाधन लाकर प्रत्येक ग़रीब परिवार के हर सदस्य को 15 से 20 लाख रुपये देने का वायदा पूरा करना चाहिये.


उन्होंने कहा कि अपना चुनावी वायदा नहीं निभा पाने की विफलता पर से लोगों का ध्यान बाँटने के लिये ही भाजपा के नेतागण विरोधी पार्टियों व खासकर बीएसपी पर अर्नगल व अर्थहीन आरोप आये दिन जानबूझकर लगाते रहते हैं, परन्तु जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है.

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